मायावती ने भंग की पुरानी व्यवस्था, प्रदेश में नौ नए सेक्टरों का किया एलान
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को पार्टी की मौजूदा सेक्टर व्यवस्था को भंग कर पूर्व में आजमाई जा चुकी दो-दो मंडल की सेक्टर व्यवस्था के मुताबिक नौ नए सेक्टरों का एलान किया। लखनऊ-कानपुर सेक्टर का प्रभारी एमएलसी भीमराव अंबेडकर, अशोक कुमार गौतम व चिंतामणि को बनाया गया है। पार्टी के कामकाज में कमियों से नाराज मायावती ने जिम्मेदार पदाधिकारियों को आगाह किया कि इस तरह के काम से पार्टी आगे नहीं बढ़ पाएगी।
मायावती ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित राज्य इकाई की बैठक में जिलावार सांगठनिक कामकाज की समीक्षा की। इसमें जिलाध्यक्ष से लेकर कई-कई मंडलों पर बनाए गए प्रदेश के सभी सेक्टर प्रभारी शामिल हुए। इस दौरान बसपा सुप्रीमो ने कई जिलों के कामकाज में कमियां पकड़ीं और उन्हें दूर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह के काम से पार्टी आगे नहीं बढ़ पाएगी। मायावती की पिछली कई बैठकों से देखा जा रहा है कि वह हर सांगठनिक बैठक में सेक्टर से जोन संगठन तक के पुनर्गठन का फार्मूला प्रयोग में लाती रही हैं। इस बैठक में भी ऐसा ही हुआ। उन्होंने पूर्व की सेक्टर जोन व्यवस्था समाप्त कर प्रत्येक दो-दो मंडल का सेक्टर बना दिया।
अब तक लखनऊ मंडल अकेला सेक्टर था, जबकि चार-चार मंडल के तीन व 5 मंडल का एक सेक्टर हुआ करता था। अब सभी सेक्टर समान रूप से दो-दो मंडलों पर होंगे। पिछले पुनर्गठन के बाद से बड़ी संख्या में जिम्मेदार लोग पार्टी से बाहर जा चुके हैं। सेक्टर पुनर्गठन के बाद बड़ी संख्या में नए लोगों को सेक्टर प्रभारी के रूप में शामिल किया गया है।
आयोजित कार्यक्रमों की मंडलवार रिपोर्ट ली
बसपा सुप्रीमो ने डॉ. आंबेडकर की पुण्यतिथि पर पार्टी की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में जनभागीदारी संबंधी मंडलवार रिपोर्ट भी ली। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्यों में सत्ता लिए बिना दलितों, आदिवासियों, अन्य पिछड़े वर्गों, मुस्लिम व अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों तथा अन्य उपेक्षित वर्गों के लोगों का भला नहीं हो सकता है। इसके लिए इन लोगों को बसपा के बैनर तले संगठित होकर केंद्र व राज्यों की सत्ता अपने हाथों में लेनी होगी। नागरिकता संशोधन विधेयक पर मायावती के स्टैंड को पार्टी नेताओं ने सराहा।
ये हैं बसपा के सेक्टर वार प्रभारी
लखनऊ-कानपुर : भीमराव अंबेडकर एमएलसी, अशोक कुमार गौतम व चिंतामणि।
देवीपाटन-फैजाबाद : मुनकाद अली प्रदेश अध्यक्ष, दिनेश चंद्रा व जितेंद्र कुमार गौतम।
इलाहाबाद-मिर्जापुर : मुनकाद अली प्रदेश अध्यक्ष, आरएस कुशवाहा, लाल बहादुर रत्नाकर।
आगरा-अलीगढ़ : नौशाद अली पूर्व एमएलसी, राज कुमार गौतम, सूरज सिंह।
चित्रकूट-झांसी : आरएस कुशवाहा राष्ट्रीय महासचिव, लालाराम अहिरवार, भूपेंद्र आर्य।
मुरादाबाद-बरेली : शमशुद्दीन राईन, गिरीश चंद्र जाटव, पूजन प्रसाद।
मेरठ-सहारनपुर : शमशुद्दीन राईन, डॉ. कमल और सतपाल पिपला।
आजमगढ़-वाराणसी : घनश्याम चंद्र खरवार पूर्व सांसद, राम चंद्र गौतम, डॉ. मदन राम, इंदल राम।
गोरखपुर-बस्ती : घनश्याम चंद्र खरवार, सुधीर कुमार भारती, सुरेश कुमार गौतम, डॉ. बलिराम।
कोरी बयानबाजी के दावे बहुत, अब केंद्र व राज्य मिलकर करें काम : मायावती
मायावती ने महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, महिला असुरक्षा व बदतर कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर केंद्र व यूपी सरकार को मिलकर गंभीरतापूर्वक काम करने की जरूरत है। कोरी बयानबाजी व कागजी दावे बहुत हो चुके। अब जनता इन सब मामलों में केवल ठोस कार्रवाई व बेहतर परिणाम चाहती है।