मायावती बोलीं, यूपी के बजाय चंडीगढ़ व पंजाब बसें भेजें प्रियंका, राहुल गांधी को भी दिया सुझाव
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बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस द्वारा यूपी सरकार से बसें चलाने की अनुमति मांगने पर कहा कि बेहतर है कि प्रियंका गांधी ये बसें पंजाब व चंडीगढ़ भेज दें जहां से बड़ी संख्या में यूपी के लोग वापस आ रहे हैं। उन्होंने रविवार को एक के बाद एक चार ट्वीट कर अपनी बात कही।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में प्रवासी मजदूरों की लगातार हो रही घोर उपेक्षा के कारण श्रमिकों को कई बार दुर्घटनाओं का शिकार भी होना पड़ रहा है जिससे कई मजदूरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है जो कि अतिदुखद है।
उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेसी नेताओं को भी सबक सीखना चाहिए क्योंकि पंजाब व चंडीगढ़ से यूपी के मजदूर सरकारी अनदेखी व उपेक्षा के कारण यमुना नदी के जरिए घर वापसी कर रहे हैं। जिनके साथ कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि कांग्रेस पार्टी अपनी एक हजार बसें यूपी भेजने के बजाए उन्हें पहले चंडीगढ़ व पंजाब भेज दे जिससे कि पीड़ित श्रमिक यमुना नदी में अपनी जान जोखिम में डालने के बजाए सड़क के जरिए सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें।
1. जैसाकि विदित है कि बीजेपी-शासित राज्यों में भी प्रवासी मजदूरों की लगातार हो रही घोर उपेक्षा आदि के कारण काफी श्रमिकों के परिवारों को आयेदिन दुर्घटना का भी शिकार होना पड़ रहा है, जिसमें अभी तक इनकी काफी दर्दनाक मौतें भी हो चुकी हैं, जो अति-दुःखद हैं।
— Mayawati (@Mayawati) May 17, 2020
2. जबकि इससे कांग्रेसी नेताओं को भी सबक सीखना चाहिये क्योंकि पंजाब व चण्डीगढ़ से काफी प्रवासी यूपी के मजदूर लोग, सरकार की अनदेखी व उपेक्षा होने की वजह से, यमुना नदी के जरिये भी घर वापसी कर रहे हैं, जिनके साथ कभी भी कोई दुर्घटना आदि हो सकती है। 2/4
— Mayawati (@Mayawati) May 17, 2020
4. इसी प्रकार कांग्रेसी नेता लोग दिल्ली में मजदूरों से मिलने के दौरान यदि प्रवासी मजदूरों की कुछ आर्थिक मदद व खाने आदि की व्यवस्था भी कर देते तो उन्हें थोड़ी राहत जरूर मिल जाती अर्थात कांग्रेस को उनके दुःख-दर्द को बांटने के साथ-साथ बीएसपी की तरह उनकी कुछ मदद भी जरूर करनी चाहिये।
— Mayawati (@Mayawati) May 17, 2020
मायावती ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दिल्ली में मजदूरों से मुलाकात करने पर कहा कि यदि वह उनकी आर्थिक मदद व खाने की व्यवस्था भी कर देते तो उन्हें (मजदूरों) थोड़ी राहत जरूर मिल जाती। कांग्रेस को मजदूरों के दुख-दर्द बांटने के साथ ही बसपा की तरह उनकी कुछ मदद भी करनी चाहिए।