{"_id":"5f1fbd9257e2da7b3724a395","slug":"mayawati-attacks-up-government-for-law-and-order-and-ashok-gehlot-for-merging-bsp-mla-to-congress","type":"story","status":"publish","title_hn":"मायावती की योगी को सलाह- बसपा से सीखें यूपी सीएम, गहलोत पर भी लगाए बदनीयती के आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मायावती की योगी को सलाह- बसपा से सीखें यूपी सीएम, गहलोत पर भी लगाए बदनीयती के आरोप
Tue, 28 Jul 2020 11:36 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 28 Jul 2020 11:36 AM IST
विज्ञापन
मायावती
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी(बसपा) की प्रमुख मायावती ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक ओर जहां उत्तर प्रदेश(यूपी) की कानून व्यवस्था पर निशाना साधा वहीं राजस्थान की गहलोत सरकार पर भी बदनीयती का आरोप लगाया।
मायावती ने कहा कि राजस्थान में हमने चुनाव के बाद कांग्रेस को बिना शर्त अपने छह विधायकों का समर्थन दिया। दुर्भाग्यवश मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुरी नीयत से और बसपा को खतरा पहुंचाने के लिए हमारे विधायकों का कांग्रेस में विलय करा लिया। उन्होंने ऐसा ही पिछले शासनकाल में भी किया था।
बसपा पहले भी अदालत जा सकती थी लेकिन हम कांग्रेस और अशोक गहलोत को सबक सिखाना चाहते थे। अब हमने अदालत जाने का फैसला किया है। हम इस मामले को नहीं छोड़ेंगे। हम जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
विज्ञापन
मायावती ने आगे कहा कि पार्टी ने राजस्थान में चुने गए अपने छह विधायकों से कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के लिए कहा है। अगर वो ऐसा नहीं करते तो उनकी पार्टी की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।
बसपा से सीखें यूपी सीएम
राजस्थान के अलावा वह यूपी सरकार पर भी बरसीं। मायावती ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बदतर हालात में है, प्रदेश को अपराधी चला रहे हैं। अगर सरकार हालात सुधारना चाहती है तो यूपी के मुख्यमंत्री को बिना किसी संकोच के बसपा से सीखना चाहिए। मैंने यूपी में चार बार शासन किया, जिस दौरान कानून व्यवस्था की हालत स्थिर रही।
विज्ञापन
मायावती ने कहा कि राजस्थान में हमने चुनाव के बाद कांग्रेस को बिना शर्त अपने छह विधायकों का समर्थन दिया। दुर्भाग्यवश मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुरी नीयत से और बसपा को खतरा पहुंचाने के लिए हमारे विधायकों का कांग्रेस में विलय करा लिया। उन्होंने ऐसा ही पिछले शासनकाल में भी किया था।
विज्ञापन
बसपा पहले भी अदालत जा सकती थी लेकिन हम कांग्रेस और अशोक गहलोत को सबक सिखाना चाहते थे। अब हमने अदालत जाने का फैसला किया है। हम इस मामले को नहीं छोड़ेंगे। हम जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
विज्ञापन
मायावती ने आगे कहा कि पार्टी ने राजस्थान में चुने गए अपने छह विधायकों से कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के लिए कहा है। अगर वो ऐसा नहीं करते तो उनकी पार्टी की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।
We have asked the 6 MLAs, who are elected to Rajasthan Assembly on the symbol of BSP, to vote against Congress in any proceedings to be held during Rajasthan Assembly Session. If they don't do so, their party membership will be cancelled: BSP Chief Mayawati pic.twitter.com/3JVSssPVfg
— ANI UP (@ANINewsUP) July 28, 2020
बसपा से सीखें यूपी सीएम
राजस्थान के अलावा वह यूपी सरकार पर भी बरसीं। मायावती ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बदतर हालात में है, प्रदेश को अपराधी चला रहे हैं। अगर सरकार हालात सुधारना चाहती है तो यूपी के मुख्यमंत्री को बिना किसी संकोच के बसपा से सीखना चाहिए। मैंने यूपी में चार बार शासन किया, जिस दौरान कानून व्यवस्था की हालत स्थिर रही।
Today, law & order situation is worsening in the state, criminals are ruling Uttar Pradesh. If govt wants to improve the situation, then UP CM, without any hesitation, should learn from BSP. I governed UP for 4 terms, during which law & order situation was stable: Mayawati, BSP pic.twitter.com/PtDl7RVIgU
— ANI UP (@ANINewsUP) July 28, 2020