दलित के प्रति मोदी के बयान पर भड़कीं मायावती, कहा इंसाफ दो
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दलितों पर हो रहे अत्याचार पर दिए गए बयान पर नाराजगी जाहिर की और इसे राजनीति से प्रेरित बताया।
मायावती ने कठोर शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि पीएम मोदी का बयान शरारतपूर्ण और राजनीति से प्रेरित है। गौरतलब है कि गुजरात के ऊना में दलितों पर हुए बर्बर अत्याचार पर पीएम मोदी ने हैदराबाद में कहा था कि मारना है तो मुझे मारो, दलितों पर अत्याचार बंद करो' पर राजनीति गर्मा गई है। मायावती ने सोमवार को दिल्ली में संसद भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कही।
मायावती ने कहा कि दलितों को प्रधानमंत्री की सहानुभूति नहीं बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई चाहिए, जिससे कि उन्हें इंसाफ मिल सके और ऐसा करना उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी है।
मायावती ने कहा कि मोदी ऐसे मामलों पर कभी नहीं बोलते हैं और जब बोलते हैं तो हालात संभलने की जगह और बिगड़ जाते हैं। उनके बयान सिर्फ अखबारों की सुर्खियां बन जाने वाले होते हैं, समस्या का समाधान नहीं करते।
'दलितों पर अत्याचार होते रहे और पीएम खामोशी से देखते रहे'
मायावती ने कहा कि इस वास्तविकता से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जबसे केंद्र में मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी है, तबसे दलितों पर अत्याचार बढ़ गए हैं और भाजपा शासित राज्यों की सरकारें इन पर पर्दा डालने का ही काम करती रही हैं।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि पहले हैदराबाद में रोहित वेमुला की हत्या और फिर गुजरात के ऊना में दलितों पर अत्याचार के मामले में इंसाफ होता हुआ नजर नहीं आ रहा है।
मायावती ने कहा कि मोदी ने नकली गौरक्षों व असली गौरक्षकों पर बहस छेड़ी है, अब वो ही बताएं कि गुजरात में दलितों पर अत्याचार करने वाले असली गौरक्ष थे या नकली गौरक्षक।