यूपी में सत्ताधारी सपा के बजाय बसपा से लड़ रही है भाजपा: मायावती
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बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भाजपा पर सत्ताधारी सपा के बजाय बसपा से लड़ने का आरोप लगाया है। कहा कि सपा-भाजपा में मिलीभगत है।
उन्होंने बसपा के दो विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर कहा कि दोनों बसपा से निलंबित चल रहे हैं। वे पहले भी भाजपा में रह चुके हैं।
मायावती ने कहा कि भाजपा नेता जनता को बरगलाने के लिए कहते हैं कि विधानसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला सपा से होगा, लेकिन जमीनी स्तर पर वे सपा से संघर्ष करने के बजाय बसपा से लड़ने व उसे कमजोर करने के लिए साम, दाम, दंड, भेद के हथकंडों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
इसके विपरीत बसपा प्रदेश की 22 करोड़ जनता के हित व कल्याण के साथ-साथ उन्हें हक व इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है।
दलित विरोधी सोच के कारण बसपा में आए कुछ भाजपाई
उन्होंने कहा कि बसपा के कुछ लोग भाजपा व अन्य विरोधी पार्टियों में गए हैं। ये वही लोग हैं जिनका कई महीने पहले ही टिकट काट दिया गया था। उनके खिलाफ क्षेत्र से गंभीर शिकायतें मिली थीं।
वहीं, बसपा ने भाजपा के जिन एक दर्जन से अधिक पूर्व विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल किया है, वे भाजपा की दलित विरोधी व जनविरोधी नीतियों से परेशान होकर आए हैं।
बसपा नेताओं की नहीं, कार्यकर्ताओं की पार्टी
मायावती ने कहा कि बसपा राजनीतिक पार्टी के साथ ही सामाजिक परिवर्तन का एक मूवमेंट भी है। इसी वजह से हर ‘आया राम-गया राम’ को पार्टी में शामिल नहीं किया जाता।
बसपा नेताओं की नहीं, कार्यकर्ताओं की पार्टी है। यही वजह है कि जब कुछ लोग बसपा छोड़कर जाते हैं तो उनके साथ उनका समाज नहीं जाता है।