'मुस्लिमों का नहीं, अपने दिमाग का टेस्ट करवाएं आज़मी'
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अबू आज़मी के मुस्लिमों का डीएनए टेस्ट वाले बयान पर मुस्लिम संगठन भड़क गए हैं, मौलाना के बयान के बाद अब समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
ऑल इंडिया उलमा व मशायख बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना सैयद मोहम्मद अशरफ किछौछवी ने सपा नेता अबु आजमी के बयान पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा है कि आजमी के दिमाग का टेस्ट कराने की जरूरत है।
उन्होंने आजमी को हिदायत दी है कि वे सियासी व्यक्ति हैं ऐसे में उन्हें अपनी सरगर्मी राजनीति तक ही सीमित रखनी चाहिए।
उन्हें फतवा देने जैसे दीनी मामले में हस्तक्षेप का हक नहीं है। मौलाना किछौछवी ने सपा सरकार की भी कड़ी आलोचना की है।
मुस्लिमों पर सवाल है, आज़मी का बयान
मौलाना किछौछवी ने यहां जारी एक बयान में आजमी के उस बयान की कड़ी आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘अगर कोई मुसलमान सपा का विरोध करता है तो उसका डीएनए टेस्ट करवाना चाहिए।
गौरतलब है कि आज़मी ने कहा था कि जो मुसलमान सपा को वोट नहीं करते हैं वो आरएसएस के हो सकते हैं। सपा को वोट नहीं देने वाले असली मुसलमान नहीं हो सकते।’
मौलाना ने कहा कि आजमी ने ऐसा बयान देकर मुसलमान के मुसलमान होने पर प्रश्नचिह्न लगाया है।
उन्होंने कहा कि मुसलमानों पर मुलायम सिंह का एहसान जताकर उन्हें सपा के हक में वोट डालने के लिए मजबूर या उनके दीनी एहसास को जगाकर वोट मांगने की कोशिश को मुसलमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
बुरे लोगों के कारण हुए दंगे
किछौछवी ने आरोप लगाया कि जबसे सपा की सूबे में सरकार आई है फिरकापरस्तों को नई ताकत मिल गई है और फसाद के नए रिकॉर्ड बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, अखिलेश यादव की सरकार में फिरकापरस्तों को सरकारी सरपरस्ती में बढ़ावा देने का ही नतीजा रहा मुजफ्फरनगर का दंगा।
कयास लगाए जा रहे हैं कि आज़मी का जिस तरह से विरोध हो रहा है, उससे मुस्लिम वोट सपा के खिलाफ जा सकता है।