शहरी क्षेत्रों में भी लागू हुई मातृत्व वंदना योजना, मां बनने पर मिलेंगे 5 हजार रुपए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गर्भवती महिलाओं के लिए चलाई जा रही मातृत्व वंदना योजना का लाभ अब शहरी क्षेत्र में भी मिलेगा। मार्च से पहली बार मां बनने वाली शहरी क्षेत्र की महिलाओं को इस योजना में शामिल किया जाएगा।
अब तक इस योजना का लाभ पिछले साल एक जनवरी के बाद से पहली बार मां बनने वाली ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को ही मिल रहा है।
मातृत्व वंदना योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. अजय राजा ने बताया कि सरकारी की ओर से यह योजना पिछले साल एक जनवरी से चलाई जा रही है। इस तारीख के बाद से ग्रामीण इलाके की कोई भी ऐसी गर्भवती महिला जो पहली बार मां बनी हो उसे इसका लाभ मिल सकता है।
इस योजना के तहत अब तक ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं ही क्लेम कर सकती हैं, लेकिन मार्च से इसे शहरी क्षेत्र के लिए भी लागू किए जाने के लिए तैयारियां चल रही हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसके लिए करीब 300 अरबन आशाओं की भी नियुक्ति की जाएंगी।
तीन किस्तों में मिलेगी राशि
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत ऐसी महिलाएं जो पहली बार मां बनेंगी, उन्हें सरकार की ओर से 5000 रुपये दिए जाएंगे। यह राशि उन्हें गर्भावस्था से प्रसव होने तक तीन किस्तों में दी जाएगी। 2000 रुपये की पहली किस्त गर्भवती की सरकारी अस्पताल में एंटीनेटल चेकअप (एएनसी) पंजीकरण के बाद पहले एएनसी चेकअप पर दी जाएगी।
2000 रुपये की दूसरी किस्त गर्भावस्था के दूसरे एएनसी चेकअप (गर्भावस्था के 5वें व 6 माह के बीच) के बाद और बाकी के का एक हजार रुपये अस्पताल में प्रसव के बाद शिशु का प्रथम टीकाकरण चक्र पूरा होने के बाद दिए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त उन्हें संस्थागत प्रसव पर जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली राशि अलग से दी जाएगी। डॉ. अजय राजा ने बताया कि कोई गर्भवती मातृत्व वंदना योजना के लिए पंजीकृत है और उसे एक या दो किस्त मिल चुकी हैं और किसी कारणवश गर्भस्थ की मौत हो जाती है तो उन्हें आगे की बची हुई रकम अगले प्रसव में मिल सकेगी। इसके लिए पिछला पूरा ब्योरा सुरक्षित रखना होगा।
निजी अस्पताल में प्रसव पर भी मिलेगा लाभ
कोई भी पहली बार मां बनने वाली गर्भवती जो सरकारी अस्पताल में पंजीकृत हो उसे इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ निजी अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को भी मिल सकेगा। इसके लिए गर्भवती महिला का किसी भी सरकारी अस्पताल में एक एएनसी पंजीकरण होना अनिवार्य होगा। ऐसी गर्भवती जिसने पहले सरकारी अस्पताल में एएनसी पंजीकरण कराया हो लेकिन उसका आगे का इलाज व प्रसव किसी निजी अस्पताल में हुआ हो वह भी क्लेम कर सकती है।
आशा के जरिये ही कर सकेंगी क्लेम
इस योजना के तहत उस क्षेत्र की आशा ही यह पुष्टि करेगी कि महिला पहली बार गर्भवती है। इसके लिए आशा गर्भवती का फॉर्म भर कर एएनएम तक पहुंचाएगी। उसके बाद एएनएम की ओर से भी इस बात की जांच व पुष्टि की जाएगी। इसके बाद ही गर्भवती को इस योजना का लाभ मिल सकेगा। डॉ. अजय राजा ने बताया कि शहरी क्षेत्र में आशाओं की काफी कमी थी। ऐसे में यहां 300 नई आशाओं की जल्द ही नियुक्ति की जाएगी।