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लखनऊ में कार के नंबर पर दौड़ रहे ऑटो, 3000 से अधिक फर्जी नंबर से चल रहे हैं वाहन
Thu, 14 Nov 2019 04:22 PM IST
ishwar ashish
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 14 Nov 2019 04:22 PM IST
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ऑटो पर लिखा कार को आवंटित नंबर
- फोटो : अमर उजाला
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केस-1
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नंबर इंडिका का, सवारी ढो रहा ऑटो
भरत लाल ने तीन जून 2008 को डीजल इंडिका कार का आरटीओ में पंजीयन कराया। इसे यूपी 32 सीएन-7965 नंबर आवंटित हुआ। लेकिन इस नंबर से गोमतीनगर के हैनीमैन चौराहे से चिनहट रूट पर एक ऑटो पुलिस बूथ के बगल से सवारी ढो रहा है।
केस-2
टेंपो के पंजीकृत नंबर से चल रहा ऑटो
अवध हॉस्पिटल चौराहे से दुबग्गा रूट पर यूपी 32 बीएन-6855 नंबर से ऑटो चल रहा है। इसकी नंबरप्लेट पर अंकित नंबर टेंपो विक्रम का है। सीएनजी चालित टेंपो आरटीओ में अनिल कुमार के नाम से 17 अक्टूबर 2017 को पंजीकृत हुआ था। वर्तमान में टेंपो का फिटनेस एवं इंश्योरेंस तक खत्म हो चुका है।
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लखनऊ में फर्जी वाहन नंबरों से दौड़ रहे ऑटो के ये उदाहरण बानगी भर हैं। असलियत में इनकी संख्या 3000 से अधिक हैं। फर्जी नंबर से ऑटो सहित अन्य वाहन चलाने का गोरखधंधा लंबे अरसे से चल रहा है। इसमें पुलिस, परिवहन एवं स्टैंड ठेकेदारों की सांठगांठ हैं। फर्जी नंबर के वाहनाें की सूची ऑटो संगठनों ने पुलिस के अफसरों को भी दी, पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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इन इलाकों से चल रहे हैं फर्जी नंबर के ऑटो
टैंपो को आवंटित नंबर पर चल रहा ऑटो
- फोटो : अमर उजाला
‘अमर उजाला’ की पड़ताल में पता चला कि ऐसे फर्जी नंबर के ऑटो, टेंपो, बस, छोटा हाथी, कार, लोड आदि चारबाग, अवध हॉस्पिटल नहरिया, ट्रांसपोर्टनगर, मोहान रोड, दुबग्गा, आईआईएम रोड, भिटौली, इंजीनियरिंग कॉलेज, चौक, निशातगंज, पॉलीटेक्निक, मटियारी, चिनहट, हैनीमैन आदि चौराहों से चल रहे हैं। ऐसे वाहन ठेकेदार की सूची में दर्ज होते हैं, जिनसे वह हफ्ता लेकर सबको हिस्सा पहुंचाता है।
कैब ओनर्स/चालक वेलफेयर समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष आरके पांडेय का अनुमान कि राजधानी में 3000 से अधिक फर्जी नंबर से वाहन चल रहे हैं। इनमें ऑटो, टेंपो, छोटा हाथी, बस, कार, लोडर आदि हैं। पिछले साल फर्जी नंबर यूपी 32 एफएन 0976 की कार पकड़कर कृष्णानगर पुलिस को सौंपी थी। इसके चालक को जेल तक भेजा गया था।
बढ़ रहीं लूटपाट, छेड़छाड़ जैसी घटनाएं
लखनऊ ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर्स संघ के अध्यक्ष पंकज दीक्षित का कहना कि फर्जी नंबरों से चल रहे ऑटो एवं टेंपो से लूटपाट, छेड़छाड़ जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। ऐसे ऑटो व टेंपो में सामान छूटने पर भी वापस नहीं मिलता है। वहीं, ऐसे टेंपो-ऑटो में कोई वारदात होने पर पुलिस सभी चालकों का उत्पीड़न करती है।
कैब ओनर्स/चालक वेलफेयर समिति उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष आरके पांडेय का अनुमान कि राजधानी में 3000 से अधिक फर्जी नंबर से वाहन चल रहे हैं। इनमें ऑटो, टेंपो, छोटा हाथी, बस, कार, लोडर आदि हैं। पिछले साल फर्जी नंबर यूपी 32 एफएन 0976 की कार पकड़कर कृष्णानगर पुलिस को सौंपी थी। इसके चालक को जेल तक भेजा गया था।
बढ़ रहीं लूटपाट, छेड़छाड़ जैसी घटनाएं
लखनऊ ऑटो रिक्शा थ्री व्हीलर्स संघ के अध्यक्ष पंकज दीक्षित का कहना कि फर्जी नंबरों से चल रहे ऑटो एवं टेंपो से लूटपाट, छेड़छाड़ जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। ऐसे ऑटो व टेंपो में सामान छूटने पर भी वापस नहीं मिलता है। वहीं, ऐसे टेंपो-ऑटो में कोई वारदात होने पर पुलिस सभी चालकों का उत्पीड़न करती है।
थानाध्यक्षों पर कार्रवाई करें एसएसपी
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ ऑटो ओनर्स/ चालक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर वर्मा ‘पहलवान’ ने आरोप लगाया कि फर्जी नंबर से जिन स्टैंड से वाहन चल रहे हैं, उन्हें पुलिस का पूरा संरक्षण है। इस कारण पुलिस बूथ के पास से फर्जी नंबर के ऑटो, बस व टेंपो सवारी ढो रहे हैं। एसएसपी को इसके लिए जिम्मेदार थानाध्यक्षाें पर कार्रवाई करनी चाहिए।
फर्जी नंबर से चल रहे ऑटो, टेंपो, लोडर आदि की पुलिस से शिकायत करने की जानकारी है। इस पर जांच भी कराई गई, लेकिन ऑटो व टेम्पो पकड़ में नहीं आए। दोबारा जांच में वाहन पर फर्जी नंबर पाए जाने पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराएंगे। - विदिशा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) लखनऊ संभाग
फर्जी नंबर से चल रहे ऑटो, टेंपो, लोडर आदि की पुलिस से शिकायत करने की जानकारी है। इस पर जांच भी कराई गई, लेकिन ऑटो व टेम्पो पकड़ में नहीं आए। दोबारा जांच में वाहन पर फर्जी नंबर पाए जाने पर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराएंगे। - विदिशा सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) लखनऊ संभाग