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लविवि : लेटलतीफी और प्रोविजनल प्रवेश ने फंसाया पेच
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अक्षय कुमार
लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन के परास्नातक प्रवेश इस बार लेटलतीफी की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। काफी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्होंने स्नातक प्रवेश का परिणाम न आने के कारण यहां प्रोविजनल प्रवेश तो ले लिया, लेकिन अब वे अपना प्रवेश स्थगित करा रहे हैं। हालत ये है कि चार मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद भी 14 से अधिक पीजी कोर्सों में सीटें खाली हैं। खास ये कि इसमें अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल, सोशियोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्स भी शामिल हैं।
विवि प्रशासन ने इस बार यूं तो मार्च में अपने यहां यूजी-पीजी प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन पहले कोरोना संक्रमण और बाद में बोर्ड परीक्षा परिणाम में देरी के कारण प्रवेश प्रक्रिया जुलाई-अगस्त में गति पकड़ सकी। वहीं पीजी प्रवेश परीक्षा के परिणाम में कुछ ज्यादा ही देर हो गई। हालत ये रही कि प्रवेश परीक्षा के एक महीने बाद इसका परिणाम आया और प्रवेश प्रक्रिया में देरी हुई। इसका असर प्रवेश पर पड़ा है। पूर्व में जिन कोर्सों में पहली या दूसरी मेरिट में प्रवेश पूरे हो जाते थे, उनके लिए चार मेरिट लिस्ट जारी करनी पड़ी।
इसके बाद भी कुछ सीटें खाली ही हैं। वहीं प्रोविजनल प्रवेश लेने वाले काफी विद्यार्थी भी प्रवेश कैंसिल करवा रहे हैं। विवि प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 नवंबर का लक्ष्य रखा था, लेकिन यह 30 नवंबर तक भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। इस बारे में प्रवेश समन्वयक प्रो. पंकज माथुर ने कहा कि काफी विद्यार्थियों ने पहले प्रोविजनल प्रवेश लिया और अब सीटें छोड़कर जा रहे हैं। इसकी वजह से कई कोर्सों में दो-चार सीटें खाली हो रही हैं, जिनको भरने के लिए चौथी मेरिट जारी करनी पड़ी है।
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इन कोर्सों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया
पीजी एंथ्रोपोलॉजी, मास्टर पब्लिक हेल्थ, एमकॉम कॉमर्स (सेल्फ फाइनेंस), एमकॉम अप्लाइड इकोनॉमिक्स (सेल्फ फाइनेंस), मास्टर पब्लिक हेल्थ (कम्युनिटी मेडिसिन), माइक्रोबायोलॉजी, प्लांट साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, अर्थशास्त्र (सेल्फ फाइनेंस), फोरेंसिक साइंस, सोशियोलॉजी, अंग्रेजी, भूगोल, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन।
एमएससी इनवायरमेंटल साइंस में टोटा
लविवि में एमएससी इनवायरमेंटल साइंस (सेल्फ फाइनेंस) कोर्स के संचालन पर भी संकट खड़ा हो गया है। इस कोर्स में 40 सीटें हैं। नियमानुसार किसी सेल्फ फाइनेंस कोर्स का संचालन तभी होगा जब 60 फीसदी सीटें भरेंगी। अब स्थिति ये है कि अभी तक मात्र 12 विद्यार्थियों ने ही फीस जमा की है। अगर 24 विद्यार्थी प्रवेश नहीं लेते तो कोर्स नहीं चलेगा। अब विवि प्रशासन इसकी प्रवेश परीक्षा में क्वालीफाई विद्यार्थियों को फोन कर फीस जमा करने के लिए कह रहा है।
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लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन के परास्नातक प्रवेश इस बार लेटलतीफी की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। काफी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्होंने स्नातक प्रवेश का परिणाम न आने के कारण यहां प्रोविजनल प्रवेश तो ले लिया, लेकिन अब वे अपना प्रवेश स्थगित करा रहे हैं। हालत ये है कि चार मेरिट लिस्ट जारी करने के बाद भी 14 से अधिक पीजी कोर्सों में सीटें खाली हैं। खास ये कि इसमें अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, भूगोल, सोशियोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्स भी शामिल हैं।
विवि प्रशासन ने इस बार यूं तो मार्च में अपने यहां यूजी-पीजी प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन पहले कोरोना संक्रमण और बाद में बोर्ड परीक्षा परिणाम में देरी के कारण प्रवेश प्रक्रिया जुलाई-अगस्त में गति पकड़ सकी। वहीं पीजी प्रवेश परीक्षा के परिणाम में कुछ ज्यादा ही देर हो गई। हालत ये रही कि प्रवेश परीक्षा के एक महीने बाद इसका परिणाम आया और प्रवेश प्रक्रिया में देरी हुई। इसका असर प्रवेश पर पड़ा है। पूर्व में जिन कोर्सों में पहली या दूसरी मेरिट में प्रवेश पूरे हो जाते थे, उनके लिए चार मेरिट लिस्ट जारी करनी पड़ी।
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इसके बाद भी कुछ सीटें खाली ही हैं। वहीं प्रोविजनल प्रवेश लेने वाले काफी विद्यार्थी भी प्रवेश कैंसिल करवा रहे हैं। विवि प्रशासन ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए 15 नवंबर का लक्ष्य रखा था, लेकिन यह 30 नवंबर तक भी पूरा होता नहीं दिख रहा है। इस बारे में प्रवेश समन्वयक प्रो. पंकज माथुर ने कहा कि काफी विद्यार्थियों ने पहले प्रोविजनल प्रवेश लिया और अब सीटें छोड़कर जा रहे हैं। इसकी वजह से कई कोर्सों में दो-चार सीटें खाली हो रही हैं, जिनको भरने के लिए चौथी मेरिट जारी करनी पड़ी है।
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इन कोर्सों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया
पीजी एंथ्रोपोलॉजी, मास्टर पब्लिक हेल्थ, एमकॉम कॉमर्स (सेल्फ फाइनेंस), एमकॉम अप्लाइड इकोनॉमिक्स (सेल्फ फाइनेंस), मास्टर पब्लिक हेल्थ (कम्युनिटी मेडिसिन), माइक्रोबायोलॉजी, प्लांट साइंस, बायोटेक्नोलॉजी, अर्थशास्त्र (सेल्फ फाइनेंस), फोरेंसिक साइंस, सोशियोलॉजी, अंग्रेजी, भूगोल, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन।
एमएससी इनवायरमेंटल साइंस में टोटा
लविवि में एमएससी इनवायरमेंटल साइंस (सेल्फ फाइनेंस) कोर्स के संचालन पर भी संकट खड़ा हो गया है। इस कोर्स में 40 सीटें हैं। नियमानुसार किसी सेल्फ फाइनेंस कोर्स का संचालन तभी होगा जब 60 फीसदी सीटें भरेंगी। अब स्थिति ये है कि अभी तक मात्र 12 विद्यार्थियों ने ही फीस जमा की है। अगर 24 विद्यार्थी प्रवेश नहीं लेते तो कोर्स नहीं चलेगा। अब विवि प्रशासन इसकी प्रवेश परीक्षा में क्वालीफाई विद्यार्थियों को फोन कर फीस जमा करने के लिए कह रहा है।