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Lucknow News: लविवि की कार्यपरिषद में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी और संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को लेकर बृहस्पतिवार को कार्य परिषद ने कई बड़े फैसले किए। अब शासकीय और सहायता प्राप्त संबद्ध डिग्री कॉलेजों के पात्र शिक्षक लखनऊ विश्वविद्यालय के नोडल रिसर्च सेंटर के माध्यम से पार्ट टाइम पीएचडी विद्यार्थियों का शोध निर्देशन कर सकेंगे। वहीं, संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों के पाल्यों को यूजी-पीजी की तर्ज पर पीएचडी में पांच फीसदी आरक्षण मिलेगा।
कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में नियमित से पार्ट टाइम पीएचडी में बदलाव के लिए पांच चरणों की एसओपी को भी मंजूरी दी गई। कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा भी मौजूद रहीं। इस दौरान शशि भूषण बालिका महाविद्यालय और कृष्णा देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज सहित राजकीय डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को अब पीएचडी विद्यार्थियों के शोध निर्देशन का अधिकार प्रदान किया गया। लविवि उनका नोडल रिसर्च सेंटर होगा। शासकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को पार्टटाइम पीएचडी सुपरविजन का अधिकार प्रदान किया गया। अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) अध्यादेश को राजभवन से औपचारिक स्वीकृति प्राप्त होने की जानकारी दी गई।
थीसिस के कवर का रंग बताएगा संकाय
कार्य परिषद ने पीएचडी शोध प्रबंध के लिए संकायवार कलर कोडिंग भी तय कर दी। प्रबंधन, वाणिज्य, शिक्षा, विज्ञान और इंजीनियरिंग की थीसिस नीले रंग के कवर की होगी। कला, ललित कला, विधि और अभिनवगुप्त संस्थान की थीसिस का रंग मैरून होगा। कृषि, योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा, आयुर्वेद और यूनानी की थीसिस फॉरेस्ट ग्रीन रंग की होंगी। नियमित से पार्ट टाइम पीएचडी में बदलाव के लिए विभागाध्यक्ष को आवेदन, डीआरसी की संस्तुति, कुलपति की मंजूरी, कुलसचिव की एनओसी और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया अनिवार्य होगी।
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17 शिक्षक पद, 94 कर्मियों को वेतन वृद्धि
विधि विभाग में स्ववित्तपोषित पांच वर्षीय एलएलबी के लिए 17 नए शिक्षक पदों के सृजन को वित्तीय मंजूरी दी गई। करीब 94 संविदा कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी को भी मंजूरी मिली। तृतीय श्रेणी कर्मियों का वेतन 14 हजार से बढ़ाकर न्यूनतम 21,700 रुपये और चतुर्थ श्रेणी का 11,650 से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया गया। विश्वविद्यालय के नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का नाम पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. डीपी सिंह के सम्मान में ‘प्रो. डीपी सिंह क्रीड़ा भवन’ रखने का निर्णय भी हुआ।
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कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी की अध्यक्षता में हुई कार्य परिषद की बैठक में नियमित से पार्ट टाइम पीएचडी में बदलाव के लिए पांच चरणों की एसओपी को भी मंजूरी दी गई। कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा भी मौजूद रहीं। इस दौरान शशि भूषण बालिका महाविद्यालय और कृष्णा देवी गर्ल्स डिग्री कॉलेज सहित राजकीय डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को अब पीएचडी विद्यार्थियों के शोध निर्देशन का अधिकार प्रदान किया गया। लविवि उनका नोडल रिसर्च सेंटर होगा। शासकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के संबद्ध डिग्री कॉलेजों के शिक्षकों को पार्टटाइम पीएचडी सुपरविजन का अधिकार प्रदान किया गया। अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) अध्यादेश को राजभवन से औपचारिक स्वीकृति प्राप्त होने की जानकारी दी गई।
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थीसिस के कवर का रंग बताएगा संकाय
कार्य परिषद ने पीएचडी शोध प्रबंध के लिए संकायवार कलर कोडिंग भी तय कर दी। प्रबंधन, वाणिज्य, शिक्षा, विज्ञान और इंजीनियरिंग की थीसिस नीले रंग के कवर की होगी। कला, ललित कला, विधि और अभिनवगुप्त संस्थान की थीसिस का रंग मैरून होगा। कृषि, योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा, आयुर्वेद और यूनानी की थीसिस फॉरेस्ट ग्रीन रंग की होंगी। नियमित से पार्ट टाइम पीएचडी में बदलाव के लिए विभागाध्यक्ष को आवेदन, डीआरसी की संस्तुति, कुलपति की मंजूरी, कुलसचिव की एनओसी और शुल्क जमा करने की प्रक्रिया अनिवार्य होगी।
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17 शिक्षक पद, 94 कर्मियों को वेतन वृद्धि
विधि विभाग में स्ववित्तपोषित पांच वर्षीय एलएलबी के लिए 17 नए शिक्षक पदों के सृजन को वित्तीय मंजूरी दी गई। करीब 94 संविदा कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी को भी मंजूरी मिली। तृतीय श्रेणी कर्मियों का वेतन 14 हजार से बढ़ाकर न्यूनतम 21,700 रुपये और चतुर्थ श्रेणी का 11,650 से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया गया। विश्वविद्यालय के नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का नाम पूर्व कुलपति स्वर्गीय प्रो. डीपी सिंह के सम्मान में ‘प्रो. डीपी सिंह क्रीड़ा भवन’ रखने का निर्णय भी हुआ।