गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए खुलेंगे कई अस्पताल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्य सचिव आलोक रंजन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सूबे में 5588.96 करोड़ रुपये की कार्य योजना मंजूर करते हुए केंद्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 की कार्ययोजना के अनुसार मातृ स्वास्थ्य योजना के कार्यक्रम के तहत 300 फर्स्ट रेफरल यूनिटों को क्रियाशील कराया जाएगा।
200 फर्स्ट रेफरल यूनिटों पर ब्लड बैंक/ब्लड स्टोरेज यूनिट्स की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मातृ-शिशु वर्ष के तहत विभिन्न गतिविधियों का उद्घाटन 28 अप्रैल को मुख्यमंत्री करेंगे।
मुख्य सचिव बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी के शासी निकाय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गंभीर नवजात शिशु देखभाल इकाई के 18 नए पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
200 बेड वाले अस्पताल खुलेंगे
इसके अलावा 32 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। पांच जिलों में 200 बेड के मातृ एवं शिशु अस्पताल खोले जाएंगे। 150 मेडिकल मोबाइल यूनिट, 1000 बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस, 75 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस सेवा भी शुरू की जाएगी। बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरविंद कुमार और मिशन निदेशक अमित घोष भी उपस्थित थे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक अमित कुमार घोष ने बताया कि प्रदेश के राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से 12 तक के 1.82 करोड़ बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। यह लक्ष्य के मुकाबले 19 लाख अधिक है। वहीं 14 लाख बच्चों का स्थल पर जाकर इलाज किया गया।