दरोगा भर्ती परीक्षा: बायोमीट्रिक टेस्ट में पकड़े गए 22 मुन्नाभाई
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दरोगा भर्ती 2016 के लिए हुई ऑनलाइन परीक्षा और शारीरिक परीक्षा के दौरान लिए गए बायोमीट्रिक टेस्ट से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड को 22 मुन्नाभाइयों के बारे में जानकारी मिली है। इन सभी के खिलाफ संबंधित जिलों में केस दर्ज कराया जाएगा। माना जा रहा है कि इन अभ्यर्थियों के बदले किसी और ने परीक्षा दी थी।
भर्ती बोर्ड के चेयरमैन जीपी शर्मा ने बताया कि 12 दिसंबर से 23 दिसंबर 2017 के बीच हुई ऑनलाइन परीक्षा के दौरान बायोमीट्रिक के जरिए सभी अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट लिए गए थे। शारीरिक परीक्षा के समय जब अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट लिए गए तो 141 अभ्यर्थियों के फिंगर प्रिंट का मिलान नहीं हो सका।
इन अभ्यर्थियों को दोबारा फिंगर प्रिंट जांच के लिए 17-18 जुलाई को यूपी 100 भवन में बुलाया गया था। इसमें 108 के फिंगर प्रिंट का मिलान हो गया था, जबकि 18 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। सात अगस्त को 33 अभ्यर्थियों को एक बार और मौका दिया गया। इस बार 17 अभ्यर्थी उपस्थित हुए जिनमें से केवल 10 के ही फिंगर प्रिंट का मिलान हो सका। बाकी 7 में से 6 अभ्यर्थियों की न तो फोटो का मिलान हुआ और न फिंगर प्रिंट मिले।
यानी इन अभ्यर्थियों के स्थान पर दूसरे अभ्यर्थियों के परीक्षा देने की पुष्टि हुई। एक अन्य का फिंगर प्रिंट का मिलान तो नहीं हो पाया है, लेकिन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से उसका मिलान होने की बात कही जा रही है। भर्ती बोर्ड ने इस अभ्यर्थी पर अभी निर्णय नहीं लिया है।
जीपी शर्मा ने बताया कि अनुपस्थित रहे 16 अभ्यर्थियों के बारे में जल्द निर्णय लिया जाएगा। प्रथम दृष्टया ये भी मुन्ना भाई प्रतीत हो रहे हैं। भर्ती बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि बायोमीट्रिक मिलान में फेल हुए 6 अभ्यर्थियों के साथ इन सभी 22 के खिलाफ संबंधित जिलों में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही इसके लिए भर्ती बोर्ड डीजीपी मुख्यालय को पत्र लिखेगा।
फेस डिटेक्शन कैमरे का भी किया गया इस्तेमाल
जीपी शर्मा ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा कराए जाने के साथ ही फेस डिटेक्टर कैमरों का भी इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा सभी अभ्यर्थियों का फिंगर प्रिंट लिया गया था ताकि कोई मुन्नाभाई ऑनलाइन परीक्षा के दौरान बच भी जाए तो शारीरिक परीक्षा केदौरान उसे पकड़ा जा सके।