फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Manohar Parrikar may be the face of UP BJP.

क्या यूपी में भाजपा का चेहरा होंगे परिकर?

Tue, 11 Nov 2014 08:28 AM IST
ईश्वर आशीष/अमर उजाला, लखनऊ
ईश्वर आशीष/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 11 Nov 2014 08:28 AM IST
विज्ञापन
Manohar Parrikar may be the face of UP BJP.

भले ही कांग्रेस ने भाजपा पर उत्तर प्रदेश में आयातित चेहरों के सहारे राजनीति करने का आरोप लगाया हो लेकिन भाजपा ने इन्हीं चेहरों के सहारे मिशन 2017 का खाका खींचना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में जिस तरह यूपी से गए चेहरों को जगह दी गई और जातिगत समीकरणों का ध्यान रखा गया। उससे स्पष्ट है कि पार्टी ने केंद्र से सूबे की राजनीति साधने का पूरा प्रयास किया।
विज्ञापन


गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का उत्तर प्रदेश से केंद्र में जाना पार्टी की इसी मंशा को दर्शाता है। इससे परिकर यूपी को भी समझ लेंगे और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को यूपी भाजपा का चेहरा भी मिल जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


परिकर ने राज्यसभा के लिए नामांकन भरने के बाद पत्रकारों से कहा कि हिंदी भाषा पर अपनी पकड़ बनाने की मैं पूरी कोशिश कर रहा हूं, साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह अपने तजुर्बे का पूरा लाभ यूपी को देंगे।

ऐसे में कहा जा सकता है कि परिकर यूपी को लेकर अपने राजनीतिक करिअर में आगे की तरफ देख रहे हैं, वहीं संघ और मोदी से करीबी के कारण वह पार्टी के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। आइये, देखते हैं वो कौन से कारण हैं जो उन्हें 2017 में यूपी भाजपा का चेहरा बनाते हैं।

पढ़ा-लिखा और ईमानदार चेहरा

Manohar Parrikar may be the face of UP BJP.

गोवा के मुख्यमंत्री पद पर सफलतापूर्वक काम करने वाले परिकर को बेहद ईमानदार छवि की वजह से मिस्टर क्लीन के रूप में जाना जाता है। उनकी साफ सुथरी छवि की वजह से ही उन्हें पीएम ने कैबिनेट में शामिल किया।

आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग ग्रेजुएट परिकर को आम आदमी का मुख्यमंत्री कहा जाता था। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए उन्होंने सुरक्षा तक लेने से इनकार कर दिया था। वह पहले ऐसे आईआईटी ग्रेजुएट बने, जिन्होंने मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया।

खास बात है कि अपने आईआईटी बैकग्राउंड के कारण यूपी में भाजपा को युवाओं को पार्टी से जोड़ने में भी मदद मिलेगी, वहीं अपने प्रोफेशनल रवैये के स्थानीय राजनीति से दूर रहकर बेहतर काम भी कर सकेंगे।

यह ध्यान देने योग्य है कि यूपी भाजपा के पास कोई ऐसा विकल्प है भी नहीं जो युवाओं में उत्साह जगाकर पार्टी से जुड़ने के लिए प्रेरित कर सके।

बेहतर प्रशासक के रूप में खुद को साबित किया

Manohar Parrikar may be the face of UP BJP.

जब परिकर आईआईटी की तैयारी कर रहे थे, तभी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तत्कालीन प्रांत प्रचारक डी नादकर्णी का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा और वे एक शाखा के मुख्य शिक्षक बनाए गए। वह मात्र 26 साल की उम्र में ही मपूसा यूनिट में संघचालक बन गए, जो कि संघ के इतिहास में एक रिकॉर्ड  है।

1994-1999 में मनोहर परिकर पहली बार विधानसभा पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ गोवा में पार्टी को बेहतर स्थिति में लाकर खड़ा किया, बल्कि सूबे में दूसरे स्‍थान पर भी काबिज कर दिया। नवंबर, 1999 में उन्हें लीडर ऑफ ऑपोजीशन का पद दिया गया।

परिकर 24 अक्टूबर 2000 को पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने और 8 नवंबर, 2014 तक तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने अपनी क्षमताओं का लोहा मनवाया और शीर्ष नेतृत्व तक भी अपनी पकड़ भी मजबूत कर ली। उल्लेखनीय है कि नितिन गडकरी को जब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा रहा था, तो एक नाम मनोहर परिकर का भी था।

मनोहर परिकर के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने हर चुनौती को स्वीकार किया और डेमोग्राफी में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश या राजस्‍थान जैसे प्रदेशों से एकदम जुदा गोवा को एक मॉडल स्टेट बनाने की कोशिश की। उनका जमीनी व्यक्तित्व और गंभीर स्वभाव भी उन्हें लोगों की पसंद बनाता है।

सूबे की आंतरिक राजनीति और गुटबाजी से दूर

Manohar Parrikar may be the face of UP BJP.

लोकसभा चुनाव में यूपी में अप्रत्याशित सफलता के बावजूद भाजपा का शीर्ष नेतृत्व स्‍थानीय नेताओं की गुटबाजी और आंतरिक राजनीति को खत्म नहीं कर सका है। यहां तक की पार्टी का एक धड़ा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताता रहा है तो दूसरा धड़ा वरुण गांधी को आगे लाने की बात कहता रहा है, पर यूपी के सुल्तानपुर से चुनाव लड़कर भी वरुण बाहरी ही बने हुए हैं। वह राज्य स्तर पर भाजपा का विकल्प बनते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं।

ऐसे शीर्ष नेतृत्व आगामी चुनाव के लिए कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। परिकर यहां के लिए बिल्कुल नए हैं और उनके अनुभव को देखते हुए कोई स्‍थानीय नेता उनसे बेहतर नहीं दिख रहा है। अतः इसलिए भी वह यूपी भाजपा के ‌लिए श्रेष्ठ विकल्प हैं।

अगर अन्य चेहरों की बात करें तो लखनऊ ‌नगर निगम से दो बार मेयर और भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष रह चुके दिनेश शर्मा को पार्टी ने पहले ही प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष देने वाले गुजरात जैसे राज्य का प्रभारी बना दिया है।

इसके अलावा रामशंकर कठेरिया को पहले पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया, फिर उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया और अब केंद्र में मंत्री पद देकर दलित वोटों का समीकरण साधने के साथ ही राज्य में दखल देने से दूर कर रास्ता साफ करने की कोशिश की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed