बेटे की चाह में बीवी के नाजुक अंगों पर डाला तेजाब, मिली कठोर सजा
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बेटे की चाह में हैवानियत की हदें पार करते हुए बीवी के नाजुक अंगों पर तेजाब डालकर जालने वाले शौहर नसीम को एडीजे कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 11 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
एडीजे नीलकंठ सहाय ने नसीम पर 30 हजार रुपये जुर्माना ठोका है। अदालत ने जुर्माने की रकम से 25 हजार रुपये पिड़िता को इलाज के लिए दिए जाने का आदेश दिया है।
सरकारी वकील अरुण कुमार पांडेय ने कोर्ट को बताया कि यासीन ने 12 अगस्त 2013 को अपने दामाद के खिलाफ बाजारखाला में केस दर्ज कराया था।
लिंग परीक्षण का डाल रहा था दवाब
इसमें कहा गया है कि उनकी बेटी रेशमा का विवाह 1998 में बाजार खाला निवासी मो. नसीम के साथ हुआ था। विवाह के बाद रेशमा के पांच बेटियां हुईं और छठी बार गर्भवती थी।
नसीम रेशमा को बेटा न पैदा कर पाने का ताना देते हुए मारता पीटता था तथा रेशमा के लिंग परिक्षण कराने का दबाव बनाता था। लिंग परिक्षण कराने से मना करने पर उसने रेशमा को मारापीटा और उसके नाजुक अंगों पर तेजाब डालकर कमरे में बंद कर दिया।
चार दिन बाद रेशना की बेटी ने उन्हें फोन से घटना बताई जिस पर उन्होंने रेशमा को इलाज के लिए कानपुर के हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया।