छेड़छाड का विरोध करने पर हुयी दुल्हन के चाचा की हत्या
- शोहदे गांव की लड़कियों से कर रहे थे छींटाकशी
- चाचा के विरोध करने पर शुरू हुई मारपीट, ग्रामीणों ने हस्तक्षेप कर शांत कराया
- आधी रात को घर जाते वक्त शोहदों ने घेरकर पीटा, चाचा की मौत, चार रिश्तेदार घायल
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लखनऊ के निगोहां में मंगलवार रात शादी के दौरान छेड़छाड़ का विरोध करने पर शोहदों ने दुल्हन के रिश्ते के चाचा उन्नाव के मौरावां निवासी रमेश कुमार कनौजिया (35) और तीन अन्य लोगों को घेरकर लाठियों से हमला कर दिया।
पिटाई से रमेश की मौत हो गई जबकि बाकी तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को मोहनलालगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया है। रमेश के बहनोई रामगुलाम की तरफ से जबरौली गांव निवासी संजय और गुड्डू तथा हुलासखेड़ा के अमित व अंकित के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एसओ अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि रमेश निगोहां के मदाखेड़ा गांव निवासी उमेश कुमार की बहन रेनू की शादी में आया था। रात करीब दस बजे द्वाराचार हो रहा था।
गांव व परिवार की महिलाएं छत पर खड़ी होकर रस्में देख रही थीं। इस दौरान संजय, गुड्डू, अमित और अंकित छींटाकशी करने लगे। रमेश ने विरोध किया तो मारपीट शुरू हो गई।
ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। जयमाल के बाद रमेश अपने बहनोई रामगुलाम, भाई सुरेश व संजय और सिर्स गांव निवासी संदीप के साथ पड़ोस के भद्दी सिर्स गांव निवासी बहन के घर जा रहा था।
झगड़े के कारण हुआ शादी का रंग फीका
रास्ते में शब्बीर ट्रेडर्स के पास लाठी-डंडे लेकर इंतजार कर रहे शोहदों ने सबको घेरकर पीटना शुरू कर दिया। रमेश के सिर पर गंभीर चोट आई।
खून से लथपथ होकर वह गिर पड़ा और शोहदे भाग निकले। रामगुलाम से सूचना पाकर पुलिस व परिवारीजन मौके पर पहुंचे। सभी को अस्पताल ले जाया गया, जहां रमेश को मृत घोषित कर दिया गया।
बहनोई रामगुलाम ने बताया कि रेनू रिश्ते में रमेश की भतीजी है। मंगलवार शाम रमेश पत्नी ज्योति, मां सावित्री, भाभी पुष्पा, भाई सुरेश और संजय के साथ शादी में आया था।
झगड़े के कारण शादी का रंग फीका हो गया था। दोबारा झगड़ा न शुरू हो जाए। इसलिए रमेश पड़ोस में स्थित भद्दी सिर्स गांव निवासी बहन के घर जा रहा था।
उस पर हमले की खबर मिलते ही शादी वाले घर में मातम छा गया। अस्पताल में रमेश को मृत देखकर उसकी पत्नी व मां पछाड़ खाकर गिर पड़ीं।
सूचना देने पर भी पुलिस काफी देर तक मौके पर नही पहुंची
मारपीट के तत्काल बाद रामगुलाम ने मॉडर्न कंट्रोलरूम को सूचना दी लेकिन, पुलिस काफी देर तक मौके पर नहीं आई। रमेश के भाई सुरेश व संजय का कहना था कि पुलिस की लापरवाही से ही रमेश की जान चली गई।
ग्रामीण निजी वाहन से रमेश व अन्य घायलों को अस्पताल ले गए लेकिन, तब तक काफी देर हो चुकी थी। रमेश सऊदी अरब में एक लॉन्ड्री में नौकरी करता था।
एक महीना पहले ही वह छुट्टी पर गांव आया था। अगले महीने उसे लौटना था। सुरेश ने बताया कि रमेश ही पूरे परिवार का खर्च उठाता था। वह गांव लौटकर बिजनेस करना चाहता था।
झगडे़ के बाद शोहदों ने सिर्स गांव के लोगों को ढूंढ-ढूंढकर मारने की धमकी दी थी। रात को जब रमेश और उसके साथ अन्य लोग सिर्स गांव जा रहे थे तब भी शोहदे सबसे उनके गांव के बारे में पूछ रहे थे।