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चोरी का इल्जाम लगाकर बेखौफ दबंगों ने मासूम को पीट-पीटकर मार डाला

Fri, 02 Jun 2017 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Fri, 02 Jun 2017 12:54 AM IST
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man killed boy for stealing box in lucknow
डेमो
लखनऊ में अपराधी इस कदर बेखौफ हो गए हैं कि वह खुद ही फैसला और सजा सुनाने की हिमाकत करने लगे हैं। माल थाना क्षेत्र में ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक मासूम को चोरी के आरोप में सजा-ए-मौत दे दी गई।
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मासूम पर आरोप लगाने वालों ने उसे बेरहमी से पीट -पीटकर अधमरा कर दिया। उसके अंदरूनी जख्म इतने गहरे थे कि डॉक्टर भी उसका इलाज नहीं कर सके। 23 दिन बाद 10 साल के मासूम ने  दम तोड़ दिया।
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माल थानाक्षेत्र के ढोलबजा गांव में भईयालाल यादव रहते हैं। भईयालाल ने बताया कि सात मई को दस साल का बेटा गोलू नित्यक्रिया के लिए खेत की तरफ गया था। खेत के पास ही शिवकुमार मौर्या की आटा चक्की है।
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वापस आते समय शिवकुमार व उनके तीन बेटों ने उसे रोक लिया। उस पर आटा चक्की से डिब्बा चोरी का इल्जाम लगाया और पूछताछ करने लगे। इसी दौरान चारों ने उसे पास के कारखाने के अंदर खींच ले गए।

भईयालाल ने बताया कि चारों ने मासूम गोलू की कारखाने के अंदर बेरहमी से पिटाई की। मासूम की दर्द भरी चीखें भी बेरहमों के कानों तक नहीं पहुंचीं। वह उस पर वार कर रहे थे। गोलू रोता रहा और खुद को बेगुनाह बता रहा था।

एक पुराने डिब्बे की चोरी का इल्जाम लगाने वालों ने उसकी एक न सुनी। बेरहमी से पिटाई की। जिससे वह बेसुध होकर कारखाने में ही गिर गया। बेरहम हत्यारों का गांव में खौफ इतना है कि मासूम की चीख सुनने के बाद भी किसी ने उसे बचाने की हिम्मत नहीं की।

 

पुल‌िस की कार्रवाई पर उठा सवाल

man killed boy for stealing box in lucknow
गोलू (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
बेटे की पिटाई की सूचना मिली तो पिता भईयालाल कारखाने की तरफ दौड़ पड़ा। वहां अपने जिगर के टुकडे़ को तड़पता देख मदद की गुहार लगाई। बेटे को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।

ट्रामा सेंटर में उसका इलाज चलता रहा। मां रामप्यारी, भाई मोहन और पिता ने बेटे के इलाज के लिए हर संभव कोशिश की लेकिन 23 दिन बाद बुधवार सुबह मासूम गोलू ने दम तोड़ दिया। 

भईया लाल ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी थी। मौके पर पुलिस भी गई थी। ट्रामा सेंटर में भर्ती कराने के बाद थाने में शिवकुमार मौर्या, रमेश, दुर्गेश और नरेश के खिलाफ हत्या के प्रयास की तहरीर दी थी।

पुलिस ने 23 दिनों के अंदर एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया।  भईयालाल का आरोप है कि पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है। एसओ माल अम्बर सिंह ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर शिवकुमार और उसके तीन बेटों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। 
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