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डेढ़ घंटे तक ऑक्सीजन के लिए तड़पता रहा मरीज, डॉक्टरों ने नहीं ली सुध
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 21 Oct 2017 07:40 PM IST
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मरीज की मौत पर रोते परिजन
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में शनिवार को सांस के मरीज की मौत हो गई। परिवारीजनों का आरोप है कि मरीज की सांसें उखड़ रही थीं, इसके बावजूद उसे डेढ़ घंटे तक ऑक्सीजन मास्क नहीं लगाया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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डॉक्टरों की लापरवाही से नाराज परिवारीजनों ने काफी देर तक हंगामा किया। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी। मौत लापरवाही से नहीं हुई है।
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विकास नगर निवासी राजाराम ने बताया कि उनके ससुर रामचंद्र (60) को सांस की समस्या थी। उनका घर पर ही इलाज चल रहा था। शनिवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
सांस लेने में तकलीफ होने पर आनन-फानन में लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। यहां सुबह करीब साढ़े नौ बजे आ गए थे, लेकिन डॉक्टरों ने उनको तुरंत इलाज नहीं किया।
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उन्होंने कई बार डॉक्टरों को बताया कि सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इस बीच आक्सीजन मास्क तो दूर की बात, डॉक्टर ठीक से देखने तक नहीं आए। राजाराम ने बताया कि काफी देर बाद डॉक्टर देखने आए और स्थिति को देखते हुए वार्ड में शिफ्ट करने को बोल दिया।
मरीज को वहां ले जाते वक्त कोई आक्सीजन मास्क भी नहीं लगाया गया। इस बीच वार्ड में पहुंचने से पहले ही सुबह करीब 11 बजे रामचंद्र ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने मामले को शांत कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू मॉर्च्युरी भेज दिया।
जिम्मेदार बोले- गंभीर थी मरीज की हालत
इमरजेंसी में तैनात डॉ. राहुल ने बताया कि मरीज की स्थिति काफी गंभीर थी। हम इलाज शुरू कर चुके थे। मगर स्थिति ज्यादा बिगड़ चुकी थी। इस वजह से उनकी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही के सारे आरोप निराधार हैं। वहीं सीएमएस डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। किसी ने कोई शिकायत भी नहीं दर्ज कराई है।