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जिस दिन पिता से घर आने का किया वादा, अब उसी दिन पहुंचेगा शव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:26 AM IST
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होटल में लगी आग।
- फोटो : amar ujala
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होटल एसएसजे इंटरनेशनल में लगी आग में जान गंवाने वाले महाराष्ट्र के सतारा निवासी संतोष विष्णु माने का भाई सागर व दोस्त विक्रम बुधवार सुबह लखनऊ पहुंच गए। पुलिस ने संतोष का शव उनकी सुपुर्दगी में दे दिया। सागर ने बताया कि दो दिन पहले पिता से फोन पर बातचीत के दौरान विष्णु ने बृहस्पतिवार को घर आने को कहा था। अब बृहस्पतिवार को वह उसका शव लेकर घर पहुंचेगा।
मालूम हो कि मंगलवार को चारबाग स्थित एसएसजे इंटरनेशनल और विराट होटल में लगी आग से छः लोग जिंदा जल गए थे। सागर ने बताया कि विष्णु लखनऊ की ऑटो पार्ट्स कंपनी बीके डिस्ट्रीब्यूटर में अकाउंटेंट था। उसकी तैनाती पुणे में थी। शुक्रवार को वह कंपनी के काम से लखनऊ जाने की बात कहकर घर से निकला था।
बुधवार को उसे पुणे और वहां से घर आना था, लेकिन इसी बीच आग से झुलसने की खबर आ गई। बकौल सागर, दो दिन पहले पिता विष्णु रघुनाथ माने का रक्तचाप अचानक बढ़ गया था। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसका पता लगने पर विष्णु ने फोन पर पिता से बातचीत की।
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मालूम हो कि मंगलवार को चारबाग स्थित एसएसजे इंटरनेशनल और विराट होटल में लगी आग से छः लोग जिंदा जल गए थे। सागर ने बताया कि विष्णु लखनऊ की ऑटो पार्ट्स कंपनी बीके डिस्ट्रीब्यूटर में अकाउंटेंट था। उसकी तैनाती पुणे में थी। शुक्रवार को वह कंपनी के काम से लखनऊ जाने की बात कहकर घर से निकला था।
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बुधवार को उसे पुणे और वहां से घर आना था, लेकिन इसी बीच आग से झुलसने की खबर आ गई। बकौल सागर, दो दिन पहले पिता विष्णु रघुनाथ माने का रक्तचाप अचानक बढ़ गया था। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इसका पता लगने पर विष्णु ने फोन पर पिता से बातचीत की।
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शव लेकर हुए रवाना
डेमो
उसने बुधवार को लखनऊ से निकलने और बृहस्पतिवार को घर पहुंचने की बात कही थी। उसने कहा था कि घर आकर किसी अच्छे डॉक्टर को दिखा देगा। पुणे में वह पत्नी नैना और ढाई साल की बेटी राजनंदिनी के साथ रहता था।विष्णु के आग में झुलसने की खबर से परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है।
मां कुसुम और पत्नी नैना बार-बार सागर को फोन करके हालचाल पूछ रही हैं, लेकिन उसने अभी किसी भी परिवारीजन को विष्णु की मौत की सूचना नहीं दी है। सागर उनके झुलसे होने और घर लेकर आने की ही बात कह रहा है। उसने बताया कि विष्णु घर का अकेला कमाऊ सदस्य था। बूढ़े माता-पिता और भाभी को संभालने वाला कोई नहीं है इसलिए वह सबसे यह बुरी खबर छिपा रहा है। बुधवार दोपहर विष्णु का शव लेकर सागर और विक्रम सतारा रवाना हो गए।
मां कुसुम और पत्नी नैना बार-बार सागर को फोन करके हालचाल पूछ रही हैं, लेकिन उसने अभी किसी भी परिवारीजन को विष्णु की मौत की सूचना नहीं दी है। सागर उनके झुलसे होने और घर लेकर आने की ही बात कह रहा है। उसने बताया कि विष्णु घर का अकेला कमाऊ सदस्य था। बूढ़े माता-पिता और भाभी को संभालने वाला कोई नहीं है इसलिए वह सबसे यह बुरी खबर छिपा रहा है। बुधवार दोपहर विष्णु का शव लेकर सागर और विक्रम सतारा रवाना हो गए।