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जेल जाने के खौफ से युवक ने दी जान, क्या था आरोप, जानें
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sat, 11 Feb 2017 02:49 PM IST
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suicide
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क्या किसी को पुलिस का इतना खौफ हो सकता है कि वो बचने के लिए आत्महत्या कर ले। एक ऐसा ही मामला बृहस्पतिवार सुबह मोहनलालगंज में सामने आया।
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जहां पुलिस को गांव आता देखकर युवक अजय (22) ने बाग में पहुंचकर फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ दहेज प्रताड़ना की तहरीर दी थी। इस सिलसिले में पुलिस सुबह गांव जांच-पड़ताल करने गई थी।
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पुलिस के मुताबिक, मोहनलालगंज विश्रामखेड़ा गांव निवासी पेटिंग मजदूर अजय की शादी करीब 11 माह पहले निगोहां अहमदपुर खालसां की गुड़िया से हुई थी। माहभर बाद ही किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अनबन हो गई।
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इस पर नाराज गुड़िया मायके चली गई। अजय उसे मनाने गया, लेकिन वह नहीं आई। इस पर अजय भी ससुराल में ही रहने लगा। करीब आठ दिन पहले वह अपनी पत्नी को मनाकर ससुराल लेकर आया।
लेकिन दो दिन पहले किसी बात को लेकर अजय का पत्नी से फिर विवाद हो गया। इस पर गुड़िया ने अपने भाई को बुलाया और मायके चली गई। बृहस्पतिवार सुबह महिला गुड़िया ने पति पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी।
कहता था जेल भेज देगी पुलिस
डेमो
- फोटो : demo
इसके बाद सुबह गांव में दो पुलिसकर्मी आए और अजय के बारे में पूछने लगे। इसकी जानकारी अजय को मिली तो वह दहशत में आ गया। वह भागकर गांव से बाहर निकला और रामलखन के बाग में गमछे के सहारे फंदे से लटक गया।
करीब डेढ़ घंटे बाद चचेरा भाई आनंद कुु मार उसे तलाशते बाग में पहुंचा तो उसे फंदे पर लटका देख होश उड़ गए। सूचना पर आई पुलिस ने छानबीन कर अजय को फंदे से उतारा।
मां पूनम का कहना है कि अजय पुलिस से बहुत डरता था। उसे लगता था कि पुलिस उसे पकड़कर जेल में बंद कर देगी। शायद इसीलिए उसने फांसी लगाकर जान दे दी। उधर, पुलिस का कहना है कि सिपाही गश्त करने गांव गए थे और उन्होंने अजय के बारे में किसी से कोई पूछताछ नहीं की।
अजय पर पुलिस की दहशत बुरी तरह से हावी थी। वह अक्सर अपनी मां पूनम से कहता था कि पुलिस उसे पकड़कर जेल में बंद कर देगी। यह बात सुनकर उसकी मां उसे समझाती थी। वह कहता था कि पत्नी ने फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी थी।
करीब डेढ़ घंटे बाद चचेरा भाई आनंद कुु मार उसे तलाशते बाग में पहुंचा तो उसे फंदे पर लटका देख होश उड़ गए। सूचना पर आई पुलिस ने छानबीन कर अजय को फंदे से उतारा।
मां पूनम का कहना है कि अजय पुलिस से बहुत डरता था। उसे लगता था कि पुलिस उसे पकड़कर जेल में बंद कर देगी। शायद इसीलिए उसने फांसी लगाकर जान दे दी। उधर, पुलिस का कहना है कि सिपाही गश्त करने गांव गए थे और उन्होंने अजय के बारे में किसी से कोई पूछताछ नहीं की।
अजय पर पुलिस की दहशत बुरी तरह से हावी थी। वह अक्सर अपनी मां पूनम से कहता था कि पुलिस उसे पकड़कर जेल में बंद कर देगी। यह बात सुनकर उसकी मां उसे समझाती थी। वह कहता था कि पत्नी ने फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी थी।