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अव्यवस्थाओं के बीच आज खुलेगी मलिहाबाद की अस्थायी आम मंडी
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लखनऊ-हरदोई राज्य मार्ग स्थित मलिहाबाद फलपट्टी क्षेत्र में वर्षों से लगने वाली आम मंडी मंगलवार से अव्यवस्थाओं के बीच खुल जाएगी।
कोरोना कर्फ्यू के बीच शुरू हो रही इस आम मंडी में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराना स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती साबित होगा।
मलिहाबाद फल मंडी समिति के अध्यक्ष नसीम बेग ने बताया कि पूरी मंडी में लगभग 70 आढ़ती हैं। सभी ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बताया कि पहले दिन आम के 35 से 40 ट्रक रवाना होने की उम्मीद है।
बताया कि फलपट्टी क्षेत्र में दिल्ली मंडी के लिए आम की टूट हमेशा की तरह 25 मई से शुरू हो गई थी। पर स्थानीय मंडी के लिए आम की टूट हमेशा सप्ताहभर बाद ही शुरू होती है।
क्योंकि 25 मई के दौरान तोड़े गये आमों में बहुत अच्छी मिठास भी नहीं आ पाती है। मगर शौकीनों की मांग पर बागवान समय से पहले ही आम की टूट शुरू कर देते हैं। जबकि आम 31 मई तक पूरी तरह से परिपक्व हो चुका होता है।
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इस समय रशीले दशहरी आम की गुठली पूरी तरह से मजबूत हो चुकी होती है और गूदे में मिठास भर चुकी होती है। इसलिए एक अर्से से स्थानीय मंडी की शुरूआत एक जून से होती है।
बाहरी व्यापारियों के लिए नहीं ठहरने की व्यवस्था
आम मंडी शुरू होने के साथ ही यहां दिल्ली, मुंबई, पंजाब, लुधियाना, हरियाणा और जम्मू आदि जगहों से व्यापारी आते है। उनके ठहरने के लिए मंडी परिषद द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस बार पीने के पानी के लिए घड़ों की भी व्यवस्था नहीं की गई है।
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कोरोना कर्फ्यू के बीच शुरू हो रही इस आम मंडी में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराना स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती साबित होगा।
मलिहाबाद फल मंडी समिति के अध्यक्ष नसीम बेग ने बताया कि पूरी मंडी में लगभग 70 आढ़ती हैं। सभी ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। बताया कि पहले दिन आम के 35 से 40 ट्रक रवाना होने की उम्मीद है।
बताया कि फलपट्टी क्षेत्र में दिल्ली मंडी के लिए आम की टूट हमेशा की तरह 25 मई से शुरू हो गई थी। पर स्थानीय मंडी के लिए आम की टूट हमेशा सप्ताहभर बाद ही शुरू होती है।
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क्योंकि 25 मई के दौरान तोड़े गये आमों में बहुत अच्छी मिठास भी नहीं आ पाती है। मगर शौकीनों की मांग पर बागवान समय से पहले ही आम की टूट शुरू कर देते हैं। जबकि आम 31 मई तक पूरी तरह से परिपक्व हो चुका होता है।
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इस समय रशीले दशहरी आम की गुठली पूरी तरह से मजबूत हो चुकी होती है और गूदे में मिठास भर चुकी होती है। इसलिए एक अर्से से स्थानीय मंडी की शुरूआत एक जून से होती है।
बाहरी व्यापारियों के लिए नहीं ठहरने की व्यवस्था
आम मंडी शुरू होने के साथ ही यहां दिल्ली, मुंबई, पंजाब, लुधियाना, हरियाणा और जम्मू आदि जगहों से व्यापारी आते है। उनके ठहरने के लिए मंडी परिषद द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इस बार पीने के पानी के लिए घड़ों की भी व्यवस्था नहीं की गई है।