{"_id":"64c2b928e6d79ab969048b6a","slug":"make-10-10-adopted-schools-efficient-arp-raebareli-news-c-101-1-slko1034-1696-2023-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: गोद लिए 10-10 स्कूलों को निपुण बनाएं एआरपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: गोद लिए 10-10 स्कूलों को निपुण बनाएं एआरपी
Fri, 28 Jul 2023 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 28 Jul 2023 12:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठकफोटो संख्या 16
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। निपुण लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की बृहस्पतिवार को राजकीय इंटर काॅलेज के सभागार में समीक्षा बैठक हुई। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य/उप शिक्षा निदेशक डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने दिसंबर 2023 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी को मेहनत करें। एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) को गोद लिए गए 10-10 विद्यालयों को निपुण बनाना है। निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए बीईओ और संकुल शिक्षक भी कोई कसर न छोड़ें।
उन्होंने कहा कि विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को भाषा एवं गणित के बारे में बुनियादी समझ होनी चाहिए। विभाग से मिली विभिन्न संदर्शिकाओं, तालिकाओं, किट का प्रयोग प्रत्येक दशा में सभी विद्यालयों में होना चाहिए। बच्चों का सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सबका दायित्व एवं कर्तव्य है। हमारी सेवा के केंद्र बिंदु विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र हैं।
जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) नागेंद्र सिंह ने पठन-पाठन को बेहतर बनाने के विभिन्न बिंदुओं से अवगत कराया। खंड शिक्षा अधिकारी रत्नामणि मिश्रा एवं सत्यप्रकाश यादव ने विकास क्षेत्रों को निपुण बनाने में किए जा रहे प्रयास की चर्चा की। नोडल प्रभारी अभिवेक श्रीवास्तव ने निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। बैठक में प्रधानाचार्य रत्नेश कुमार के साथ सभी बीईओ, एसआरजी, एआरपी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इनसेट
छात्रों से कराई पानी के डिब्बों की ढुलाई
राजकीय इंटर काॅलेज के सभागार में हुई बैठक में शामिल होने आए बेसिक शिक्षा से जुड़े लोगों की प्यास बुझाने के लिए पानी के डिब्बे (वाटर कूलर) मंगाए गए। पानी के डिब्बे भले ही कॉलेज गेट तक गाड़ी से पहुंचा दिए गए, लेकिन इन डिब्बों को सभागार तक पहुंचाने के लिए छात्रों से ढुलाई कराई गई। छात्र भी अपनी साइकिल पर डिब्बों को रखकर सभागार तक पहुंचाते रहे। इस काम में कई छात्रों को लगाया गया, जो यूनिफाॅर्म पहने और पीठ पर बस्ता लादे साइकिल पर पानी के डिब्बे लेकर सभागार जाते दिखे। बैठक में बातें तो पढ़ाई को बेहतर बनाने पर हुई, लेकिन बच्चों से पढ़ाई के बजाए काम कराया जाता रहा। (संवाद)
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
रायबरेली। निपुण लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की बृहस्पतिवार को राजकीय इंटर काॅलेज के सभागार में समीक्षा बैठक हुई। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य/उप शिक्षा निदेशक डॉ. चंद्रशेखर मालवीय ने दिसंबर 2023 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी को मेहनत करें। एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) को गोद लिए गए 10-10 विद्यालयों को निपुण बनाना है। निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए बीईओ और संकुल शिक्षक भी कोई कसर न छोड़ें।
उन्होंने कहा कि विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं को भाषा एवं गणित के बारे में बुनियादी समझ होनी चाहिए। विभाग से मिली विभिन्न संदर्शिकाओं, तालिकाओं, किट का प्रयोग प्रत्येक दशा में सभी विद्यालयों में होना चाहिए। बच्चों का सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सबका दायित्व एवं कर्तव्य है। हमारी सेवा के केंद्र बिंदु विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र हैं।
विज्ञापन
जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) नागेंद्र सिंह ने पठन-पाठन को बेहतर बनाने के विभिन्न बिंदुओं से अवगत कराया। खंड शिक्षा अधिकारी रत्नामणि मिश्रा एवं सत्यप्रकाश यादव ने विकास क्षेत्रों को निपुण बनाने में किए जा रहे प्रयास की चर्चा की। नोडल प्रभारी अभिवेक श्रीवास्तव ने निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। बैठक में प्रधानाचार्य रत्नेश कुमार के साथ सभी बीईओ, एसआरजी, एआरपी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इनसेट
छात्रों से कराई पानी के डिब्बों की ढुलाई
राजकीय इंटर काॅलेज के सभागार में हुई बैठक में शामिल होने आए बेसिक शिक्षा से जुड़े लोगों की प्यास बुझाने के लिए पानी के डिब्बे (वाटर कूलर) मंगाए गए। पानी के डिब्बे भले ही कॉलेज गेट तक गाड़ी से पहुंचा दिए गए, लेकिन इन डिब्बों को सभागार तक पहुंचाने के लिए छात्रों से ढुलाई कराई गई। छात्र भी अपनी साइकिल पर डिब्बों को रखकर सभागार तक पहुंचाते रहे। इस काम में कई छात्रों को लगाया गया, जो यूनिफाॅर्म पहने और पीठ पर बस्ता लादे साइकिल पर पानी के डिब्बे लेकर सभागार जाते दिखे। बैठक में बातें तो पढ़ाई को बेहतर बनाने पर हुई, लेकिन बच्चों से पढ़ाई के बजाए काम कराया जाता रहा। (संवाद)