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कोरोना संकट के चलते लविवि की परीक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव, छात्रों को मिलेंगे ज्यादा विकल्प
Sun, 07 Jun 2020 08:24 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 07 Jun 2020 08:24 AM IST
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कोरोना संकट के चलते पढ़ाई को हुए नुकसान के कारण लखनऊ विश्वविद्यालय ने इस बार परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव किया है। सेमेस्टर प्रणाली के तहत होने वाले बहुविकल्पीय सवालों(एमसीक्यू) आधारित परीक्षा में सवालों की संख्या आधी कर दी गई है।
दो घंटे की परीक्षा में 80 सवाल पूछे जाते थे। अब सिर्फ 40 सवाल होंगे और एक घंटे में जवाब देना होगा। परीक्षा दो के बजाय तीन पालियों में होगी। वहीं, वार्षिक प्रणाली में विद्यार्थियों को अनिवार्य प्रश्न में भी विकल्प मिलेगा।
अन्य सवालों में यूनिट की बाध्यता समाप्त करते हुए किन्हीं चार सवालों के जवाब देने का विकल्प दिया जाएगा। लखनऊ विवि में शनिवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में इन बदलावों के साथ ही सात जुलाई से 14 अगस्त के बीच परीक्षा की प्रस्तावित तारीख तय की गई।
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कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं के संबंध में अहम निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि परीक्षा सूची और दिन निर्धारित कर लिए जाएं, लेकिन सभी निर्णय राज्य सरकार के कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम संबंधी नियम या दिशानिर्देश के अधीन होंगे।
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दो घंटे की परीक्षा में 80 सवाल पूछे जाते थे। अब सिर्फ 40 सवाल होंगे और एक घंटे में जवाब देना होगा। परीक्षा दो के बजाय तीन पालियों में होगी। वहीं, वार्षिक प्रणाली में विद्यार्थियों को अनिवार्य प्रश्न में भी विकल्प मिलेगा।
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अन्य सवालों में यूनिट की बाध्यता समाप्त करते हुए किन्हीं चार सवालों के जवाब देने का विकल्प दिया जाएगा। लखनऊ विवि में शनिवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में इन बदलावों के साथ ही सात जुलाई से 14 अगस्त के बीच परीक्षा की प्रस्तावित तारीख तय की गई।
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कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की अध्यक्षता में हुई बैठक में वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं के संबंध में अहम निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि परीक्षा सूची और दिन निर्धारित कर लिए जाएं, लेकिन सभी निर्णय राज्य सरकार के कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम संबंधी नियम या दिशानिर्देश के अधीन होंगे।
परीक्षा में सभी कॉलेजों को स्वकेंद्र रखने तथा वहां वेब कैमरा आदि की व्यवस्था न होने पर पर्यवेक्षक तैनात करने का फैसला किया गया। परास्नातक परीक्षाओं का मूल्यांकन संबंधित विभागों में किया जाएगा।
जबकि स्नातक परीक्षाओं का मूल्यांकन विवि में तथा कुछ महाविद्यालयों में संपन्न कराया जाएगा। इस विकेंद्रीकरण से काफी कुछ बचाव किया जा सकेगा। इसी के साथ परीक्षा केंद्रों को निर्देशित किया जाएगा कि वे कोविड-19 के संदर्भ में प्रदेश सरकार के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे।
महज 40 सवालों का देना होगा जवाब
लविवि में स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा एमसीक्यू आधारित प्रणाली के तहत होती है। इसके अनुसार दो घंटे की परीक्षा में 80 सवाल पूछे जाते थे। बदलाव के बाद इस साल परीक्षा की अवधि सिर्फ एक घंटे ही होगी तथा उन्हें 80 में से महज 40 सवालों का जवाब देना होगा। पेपर की अवधि कम होने की वजह से दो के बजाय तीन पालियों में परीक्षा होगी। पहली पाली सुबह 8 बजे से 9 बजे तक, दूसरी सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा तीसरी पाली दोपहर दो बजे से तीन बजे के बीच होगी।
स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष के अलावा बाकी परीक्षा लिखित प्रणाली पर होती हैं। स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा वार्षिक तथा परास्नातक परीक्षा सेमेस्टर प्रणाली पर होती है। लिखित परीक्षा में कुल पांच यूनिट में सवाल पूछे जाते हैं। पहली यूनिट के सभी दस सवाल अभी तक अनिवार्य होते थे। इस बार की परीक्षा में परीक्षार्थियों को 10 में से पांच सवाल ही हल करने होंगे। बाकी चार यूनिटों में हर यूनिट से एक सवाल हल करने की अनिवार्यता के बजाय इस बार किन्हीं चार सवालों को हल करने का विकल्प मिलेगा।
जबकि स्नातक परीक्षाओं का मूल्यांकन विवि में तथा कुछ महाविद्यालयों में संपन्न कराया जाएगा। इस विकेंद्रीकरण से काफी कुछ बचाव किया जा सकेगा। इसी के साथ परीक्षा केंद्रों को निर्देशित किया जाएगा कि वे कोविड-19 के संदर्भ में प्रदेश सरकार के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे।
महज 40 सवालों का देना होगा जवाब
लविवि में स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा एमसीक्यू आधारित प्रणाली के तहत होती है। इसके अनुसार दो घंटे की परीक्षा में 80 सवाल पूछे जाते थे। बदलाव के बाद इस साल परीक्षा की अवधि सिर्फ एक घंटे ही होगी तथा उन्हें 80 में से महज 40 सवालों का जवाब देना होगा। पेपर की अवधि कम होने की वजह से दो के बजाय तीन पालियों में परीक्षा होगी। पहली पाली सुबह 8 बजे से 9 बजे तक, दूसरी सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा तीसरी पाली दोपहर दो बजे से तीन बजे के बीच होगी।
स्नातक प्रथम और द्वितीय वर्ष के अलावा बाकी परीक्षा लिखित प्रणाली पर होती हैं। स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा वार्षिक तथा परास्नातक परीक्षा सेमेस्टर प्रणाली पर होती है। लिखित परीक्षा में कुल पांच यूनिट में सवाल पूछे जाते हैं। पहली यूनिट के सभी दस सवाल अभी तक अनिवार्य होते थे। इस बार की परीक्षा में परीक्षार्थियों को 10 में से पांच सवाल ही हल करने होंगे। बाकी चार यूनिटों में हर यूनिट से एक सवाल हल करने की अनिवार्यता के बजाय इस बार किन्हीं चार सवालों को हल करने का विकल्प मिलेगा।
प्रस्तावित परीक्षा की तिथियां
वार्षिक प्रणाली
पाठ्यक्रम- प्रस्तावित तारीख
पाठ्यक्रम- प्रस्तावित तारीख
पाठ्यक्रम- प्रस्तावित तारीख
- बीए द्वितीय वर्ष- 7 जुलाई से 5 अगस्त
- बीए तृतीय वर्ष- 7 जुलाई से 10 अगस्त
- बीएससी द्वितीय वर्ष- 8 जुलाई से 6 अगस्त
- बीएससी तृतीय वर्ष- 8 जुलाई से 13 अगस्त
- बीकाम द्वितीय वर्ष- 8 जुलाई से 22 जुलाई
- बीकॉम तृतीय वर्ष- 7 जुलाई से 25 जुलाई
पाठ्यक्रम- प्रस्तावित तारीख
- बीए द्वितीय सेमेस्टर- 25 जुलाई से 14 अगस्त
- बीए चतुर्थ सेमेस्टर- 25 जुलाई से 14 अगस्त
- बीएससी द्वितीय सेमेस्टर- 25 जुलाई से 10 अगस्त
- बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर- 24 जुलाई से 11 अगस्त
- बीकाम द्वितीय सेमेस्टर- 25 जुलाई से 4 अगस्त
- बीकॉम चतुर्थ सेमेस्टर- 24 जुलाई से 5 अगस्त
- एलएलबी सभी सेमेस्टर- 28 जुलाई से 14 अगस्त
- बीकॉम ऑनर्स सभी सेमेस्टर- 16 जुलाई से 7 अगस्त
- परास्नातक - 25 जुलाई से 7 अगस्त
22 अगस्त तक उपलब्ध कराने होंगे आंतरिक मूल्यांकन के नंबर
लखनऊ विवि की परीक्षा समिति में सभी कॉलेजों से 22 अगस्त तक आंतरिक मूल्यांकन तथा प्रैक्टिकल आदि के नंबर लिए जाने पर सहमति बनी है, जिससे की तय समय पर रिजल्ट निकाला जा सके।