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UP : 2027 तक दोगुना होगा मक्का उत्पादन... भुट्टा, आटा, बेबीकार्न और पापकार्न के रूप में खाया जाता है
Tue, 06 May 2025 04:15 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 06 May 2025 04:15 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश ने 2027 तक मक्का उत्पादन को 14.67 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 27.30 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य तय किया है। इसका उपयोग कई क्षेत्रों में होता है।
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मक्का की फसल दिखाता किसान
- फोटो : संवाद
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में 2027 तक दोगुना मक्का उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 2021-2022 में मक्के का उत्पादन 14.67 लाख मीट्रिक टन था। इसे बढ़ाकर 27.30 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य है।
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मक्के का प्रयोग इथेनॉल उत्पादन करने वाली औद्योगिक इकाइयों, पशुओं एवं पोल्ट्री लिए पोषाहार, दवा, पेपर और एल्कोहल इंडस्ट्री में होता है। इसके अलावा भुट्टा, आटा, बेबीकार्न और पापकार्न के रूप में ये खाया जाता है।
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किसी न किसी रूप में ये हर सूप का अनिवार्य हिस्सा होता है। ये सभी क्षेत्र संभावनाओं वाले हैं। विशेषज्ञों की मानें तो उन्नत खेती के जरिये मक्के की प्रति हेक्टेयर उपज 100 क्विंटल तक भी संभव है। प्रति हेक्टेयर सर्वाधिक उत्पादन लेने वाले तमिलनाडु की औसत उपज 59.39 क्विंटल है। देश के उपज का औसत 26 क्विंटल एवं उत्तर प्रदेश के उपज का औसत 2021-22 में 21.63 क्विंटल प्रति हेक्टेयर था।