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अयोध्या समेत ये प्रमुख धार्मिक स्थल बनेंगे सोलर सिटी, निर्देश जारी
Fri, 26 Jun 2020 11:35 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 26 Jun 2020 11:35 AM IST
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मंत्री श्रीकांत शर्मा
- फोटो : amar ujala
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राज्य सरकार ने प्रदेश के धार्मिक स्थलों को सोलर सिटी बनाने की मुहिम छेड़ी है। अयोध्या, मथुरा, वाराणसी, गोरखपुर व प्रयागराज को 2024 तक सोलर सिटी बनाने की तैयारी है। इन शहरों को क्लीन एवं ग्रीन एनर्जी के लिहाज से मॉडल शहर बनाने के निर्देश दिए गए हैं। चरणबद्ध तरीके से इन शहरों को सौर ऊर्जा उत्पादन में दक्ष बनाया जाएगा।
यही नहीं इन शहरों में घरों की छत पर 669 मेगावाट सोलर पावर उत्पादन का लक्ष्य भी तय किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रमुख धार्मिक स्थलों को सोलर सिटी बनाने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
शर्मा ने कहा कि इन सभी पांच शहरों में सोलर रूफ टॉप परियोजना का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए और लोगों को घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। तय किए गए लक्ष्य के मुताबिक इस योजना में केंद्र सरकार की ओर से 859 करोड़ व राज्य सरकार द्वारा 473 करोड़ रुपये का अनुदान उपभोक्ताओं को दिया जाएगा।
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यही नहीं इन शहरों में घरों की छत पर 669 मेगावाट सोलर पावर उत्पादन का लक्ष्य भी तय किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रमुख धार्मिक स्थलों को सोलर सिटी बनाने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
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शर्मा ने कहा कि इन सभी पांच शहरों में सोलर रूफ टॉप परियोजना का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए और लोगों को घरों की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रेरित किया जाए। तय किए गए लक्ष्य के मुताबिक इस योजना में केंद्र सरकार की ओर से 859 करोड़ व राज्य सरकार द्वारा 473 करोड़ रुपये का अनुदान उपभोक्ताओं को दिया जाएगा।
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पीेएम के नेतृत्व में भारत अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बना
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बना है। उत्तर प्रदेश 2022 तक 10700 मेगावाट सौर ऊर्जा के उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करेगा। इसके लिए बड़ी और मध्यम सौर ऊर्जा परियोजनाओं के साथ ही शहरी उपभोक्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
वह अपने घरों की छतों का उपयोग सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकेंगे, जिससे उनके बिजली के बिल में भी काफी कमी आएगी और लोगों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि तय लक्ष्य के अनुरूप वैकल्पिक ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) पांचों जिलों में अभियान चलाकर घरेलू उपभोक्ताओं को सरकार की योजना से जोड़ें, जिससे ज्यादा से ज्यादा घरेलू उपभोक्ता इससे जुड़ें और केंद्र व राज्य सरकार के अनुदान का लाभ उठा सकें।
वह अपने घरों की छतों का उपयोग सौर ऊर्जा के उत्पादन में कर सकेंगे, जिससे उनके बिजली के बिल में भी काफी कमी आएगी और लोगों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने निर्देश दिया कि तय लक्ष्य के अनुरूप वैकल्पिक ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) पांचों जिलों में अभियान चलाकर घरेलू उपभोक्ताओं को सरकार की योजना से जोड़ें, जिससे ज्यादा से ज्यादा घरेलू उपभोक्ता इससे जुड़ें और केंद्र व राज्य सरकार के अनुदान का लाभ उठा सकें।