मिशन 2017 पर खर्च होंगे 90 हजार करोड़!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश सरकार आम बजट में 2017 के विधानसभा चुनाव की जमीन मजबूत करने के लिए जहां पिछली भूलों का सुधार करती नजर आएगी तो जनता को लुभाने के लिए नई योजनाएं भी लाएगी।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और लखनऊ मेट्रो जैसे ड्रीम प्रोजेक्ट्स के लिए तो प्रावधान होगा ही, सड़क-पुल, बिजली और पानी के लिए भी बजट का पूरा बंदोबस्त होगा।
2014 के लोकसभा चुनाव में सपा को मिली करारी शिकस्त के बाद प्रदेश सरकार ने एक झटके में 2012 में उसे सूबे की सत्ता तक पहुंचाने वाली कई लोक लुभावन योजनाएं बंद कर दी थीं।
इनमें मुफ्त लैपटॉप, टैबलेट व कन्या विद्याधन के साथ ही मुस्लिम वोट बैंक को ध्यान में रखकर शुरू की गई ‘हमारी बेटी-उसका कल’ जैसी योजना भी शामिल थी। अब सरकार 2015-16 के बजट में इन योजनाओं को बंद करने की सियासी गलती सुधारने को तैयार है।
कन्या विद्याधन योजना नए स्वरूप में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण सभी छात्राओं के स्थान पर मेधावी छात्राओं के लिए तो लैपटॉप भी मेधावियों को ही देने का ऐलान बजट में संभव है। पहले इंटरमीडिएट उत्तीर्ण सभी विद्यार्थी इसके दायरे में थे।
इन योजनाओं पर होगा खासा फोकस
सूत्रों की मानें तो सरकार ने आलोचना का सबब बनी हमारी बेटी-उसका कल योजना को फिर से लॉन्च न करने का फैसला भी किया है। सरकार रिक्शा चालकों के लिए बैटरी पावर्ड मोटराइज्ड योजना को इस बजट में लागू करने का फिर ऐलान कर सकती है।
हर बजट में दावे के बावजूद अभी तक यह योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है। नई योजनाओं में स्नानगृह योजना, एग्री मार्ट, सभी ग्राम पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट और ग्रामीणों को सोलर पैक देकर आम लोगों के अच्छे दिन के एहसास कराने की तैयारी है।
‘स्वच्छ भारत मिशन’ के जवाब में ‘स्नानगृह’ योजना
प्रदेश सरकार केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बहुप्रचारित ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के जवाब में ‘स्नानगृह योजना’ का ऐलान कर सकती है। इस योजना के तहत स्वच्छ भारत मिशन में जहां-जहां शौचालय बनवाए जा रहे हैं, प्रदेश सरकार उन्हीं शौचालय में एक दीवार बढ़ाकर स्नानघर बनवाना चाहती है।
एग्री मार्ट से किसानों, बेरोजगारों पर डोरे
गेहूं व धान खरीद की सरकारी नीति से किसान खासे खफा हैं। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान ने किसानों का दर्द बढ़ा रखा है। सरकार किसानों को उनके उपज बढ़ाने के लिए तकनीकी सहायता सहित तमाम सुविधाएं दिलाने का दावा करते हुए 1000 एग्री मार्ट की स्थापना का ऐलान कर सकती है। बजट में कृषि की पढ़ाई वाले युवाओं को एग्री मार्ट की स्थापना के लिए सब्सिडी पर कर्ज मुहैया कराने का प्रावधान किया जा सकता है।
एक गांव पर करीब दो लाख खर्च करेगी सरकार
बिजली के भरोसे बैठने की जगह सरकार सोलर ऊर्जा के भरपूर उपयोग की ओर आगे बढ़ रही है। अभी लोहिया गांवों में ही सोलर लाइट लगाए जा रहे हैं। नए बजट में सबके लिए सौर ऊर्जा की पहल करते हुए सरकार ग्राम पंचायतों के आठ-आठ सार्वजनिक स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने का ऐलान कर सकती है।
एक गांव पर करीब दो लाख रुपये खर्च आएंगे। सरकार जो बजट देगी, आगे उसके हिसाब से वित्त वर्ष वार गांवों की संख्या तय की जा सकेगी।
...ताकि गरीब भी लें टीवी का मजा
सरकार गांवों के सभी गरीब लोगों को ऐसा सोलर पैक उपलब्ध कराना चाहती है जिसमें वे लाइट, पंखा के साथ टीवी भी देख सकें। नए बजट में सब्सिडी पर सोलर पैक का ऐलान हो सकता है। फिलहाल लोहिया आवासों में 120 वाट का पैनल, एक डीसी फैन व लाइट की सुविधा देने वाला पैक 30 हजार रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है।
कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में इंटरमीडिएट तक पढ़ाई
प्रदेश सरकार बजट में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने का ऐलान कर सकती है। फिलहाल सूबे के 746 कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं की आवासीय पढ़ाई होती है। सरकार ने पिछले बजट में इन स्कूलों में हॉस्टल बनवाने का ऐलान किया था। इसे रफ्तार के साथ पूरा करने की बात भी शामिल होगी।
100 नंबर होगा हाईटेक और प्रदेश व्यापी
कानून-व्यवस्था प्रदेश सरकार के लिए बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री पुलिस का ‘रेस्पांस टाइम’ कम करने को लेकर काफी बातें कह चुके हैं। जानकारी के मुताबिक,सरकार पुलिस विभाग की पहचान से जुड़ी 100 नंबर इमरजेंसी सेवा को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए नए बजट में रकम दे सकती है।
सरकार 100 नंबर सेवा को प्रदेशव्यापी डायल सेवा का रूप देना चाहती है। कोई कहीं से भी 100 नंबर पर कॉल करेगा तो राजधानी स्थित कमांड सेंटर को सूचना आ जाएगी। इस पर जरूरी कार्यवाही इसी कमांड सेंटर से मॉनिटर होगी।
ये पुरानी योजनाएं फिर शुरू होंगी
-इंटरमीडिएट उत्तीर्ण मेधावी छात्राओं के लिए कन्या विद्याधन योजना। चयनित छात्रा को 30 हजार रुपये देने की तैयारी।
- इंटरमीडिएट उत्तीर्ण मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप मिलेगा। यूपी बोर्ड के साथ सभी बोर्ड के मेधावी हो सकते हैं शामिल।
-रिक्शा चालकों के लिए बैटरी पावर्ड मोटराइज्ड योजना को इस बजट में लागू करने का फिर ऐलान संभव। सरकार यह योजना अभी तक लागू नहीं कर पाई है।
इन नई योजनाओं का भी ऐलान संभव
- सैफई को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम।
- नोएडा, ग्रेटर नोएडा, आगरा, लखनऊ, मथुरा, इटावा में साइकिल ट्रैक की स्थापना।
- ट्रांसगंगा उन्नाव में कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना।
- एचबीटीआई कानपुर को विश्वविद्यालय में बदलने का ऐलान।
-शहरों में सड़कों किनारे रहने वाले निराश्रितों के लिए आवासीय सुविधा।
- एड्स पीड़ित बच्चों केदेखभाल के लिए कार्यक्रम।
- 25 जिलों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धाश्रम की स्थापना।
- खाद्य सुरक्षा मिशन व आरटीई को केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप लागू करना।
- सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक से ऋण दिलाने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए बजट।
- पुलिस आधुनिकीकरण के तहत 12 जिलों में एकीकृत यातायात प्रबंधन व्यवस्था।
आगरा में आईटी सिटी फिलहाल ठंडे बस्ते में
पिछले बजट में सरकार ने लखनऊ के साथ आगरा में भी आईटी सिटी स्थापित करने की बात कही थी। सूत्र बताते हैं कि आगरा में आईटी पार्क की अड़चनें पिछले दो साल से दूर न हो पाने की वजह से सरकार ने वहां आईटी सिटी की योजना पर विचार शुरू किया था। कुछ दिन पहले आगरा में आईटी पार्क की स्थापना की अड़चनें दूर करने के बाद सरकार पहले वहां आईटी पार्क स्थापित करने पर फोकस करना चाहती है। आईटी पार्क बनने के बाद वहां निवेशकों का रुझान देखकर नए सिरे से विचार की योजना है। यह पार्क 2017 के पहले तैयार हो जाएगा।