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रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से ठगी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार, लखनऊ पुलिस ने होटल से पकड़ा
Mon, 20 May 2019 09:54 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 20 May 2019 09:54 AM IST
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लखनऊ के गुडंबा स्थित रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशंस सेंटर से प्रशिक्षण के नाम पर डेढ़ लाख रुपये ठगने के आरोपी नई दिल्ली निवासी अनिल अग्रवाल को पुलिस ने शनिवार रात हजरतगंज के एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।
वह इसी मामले में दिल्ली से गिरफ्तार की गई व जिला कारागार में बंद पत्नी मधु अग्रवाल की पैरवी करने लखनऊ आया था। उसके पास से 94 हजार, दो लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क समेत अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक ट्रांस गोमती अमित कुमार ने बताया कि अनिल नई दिल्ली में नेशनल काउंसिल फॉर ट्रेनिंग सोशल रिसर्च नाम की प्रशिक्षण संस्था चलाता है। अपनी संस्था के माध्यम से वह सरकारी व निजी एजेंसियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का दावा करते हुए उनसे शुल्क लेकर रुपये हड़प लेता था।
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उसने रिमोट सेंसिंग सेंटर में कार्यरत वैज्ञानिकों को प्रशिक्षण के नाम पर ठगी की साजिश रची। उसने दिल्ली स्थित प्रशिक्षण केंद्र के अतिरिक्त निदेशक दीपक कुमार के माध्यम से 27 नवंबर 2018 को प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए रिमोट सेंसिंग सेंटर के निदेशक व वैज्ञानिक (एचजी) डॉ. एएल हलधर से पत्राचार कराया।
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वह इसी मामले में दिल्ली से गिरफ्तार की गई व जिला कारागार में बंद पत्नी मधु अग्रवाल की पैरवी करने लखनऊ आया था। उसके पास से 94 हजार, दो लैपटॉप, एक हार्ड डिस्क समेत अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।
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पुलिस अधीक्षक ट्रांस गोमती अमित कुमार ने बताया कि अनिल नई दिल्ली में नेशनल काउंसिल फॉर ट्रेनिंग सोशल रिसर्च नाम की प्रशिक्षण संस्था चलाता है। अपनी संस्था के माध्यम से वह सरकारी व निजी एजेंसियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का दावा करते हुए उनसे शुल्क लेकर रुपये हड़प लेता था।
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उसने रिमोट सेंसिंग सेंटर में कार्यरत वैज्ञानिकों को प्रशिक्षण के नाम पर ठगी की साजिश रची। उसने दिल्ली स्थित प्रशिक्षण केंद्र के अतिरिक्त निदेशक दीपक कुमार के माध्यम से 27 नवंबर 2018 को प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए रिमोट सेंसिंग सेंटर के निदेशक व वैज्ञानिक (एचजी) डॉ. एएल हलधर से पत्राचार कराया।
प्रशिक्षण शुल्क के रूप में रिमोट सेंसिंग सेंटर की तरफ से छह दिसंबर 2018 को केंद्र में 1.50 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा कराया गया। हालांकि, 21 जनवरी 2019 को केंद्र ने किसी वजह से प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थगित किए जाने की सूचना दी।
रिमोट सेंसिंग सेंटर की तरफ से लगातार प्रशिक्षण के लिए जमा कराए गए रुपये वापस मांगे जा रहे हैं, लेकिन संस्था की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। सेंटर के अधिकारियों ने 18 फरवरी 2019 को संस्था को पत्र भेजकर 15 दिन के भीतर राशि लौटाने का अनुरोध किया गया फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद डॉ. एएल हलधर ने 30 मार्च 2019 को प्रशिक्षण केंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में पता चला कि प्रशिक्षण केंद्र का संचालक दिल्ली के शाहदरा विवेक विहार निवासी अनिल अग्रवाल और उसकी पत्नी मधु अग्रवाल तथा बिहार के छपरा मडहौरा निवासी व वर्तमान में गाजियाबाद के साहिबाबाद की श्री रामनगर कॉलोनी निवासी रामबाबू सिंह हैं।
गुडंबा पुलिस ने 14 मई को दिल्ली से मधु अग्रवाल और 17 मई को रामबाबू सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। शनिवार रात मुख्य आरोपी अनिल को भी दबोच लिया गया।
रिमोट सेंसिंग सेंटर की तरफ से लगातार प्रशिक्षण के लिए जमा कराए गए रुपये वापस मांगे जा रहे हैं, लेकिन संस्था की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। सेंटर के अधिकारियों ने 18 फरवरी 2019 को संस्था को पत्र भेजकर 15 दिन के भीतर राशि लौटाने का अनुरोध किया गया फिर भी सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद डॉ. एएल हलधर ने 30 मार्च 2019 को प्रशिक्षण केंद्र के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में पता चला कि प्रशिक्षण केंद्र का संचालक दिल्ली के शाहदरा विवेक विहार निवासी अनिल अग्रवाल और उसकी पत्नी मधु अग्रवाल तथा बिहार के छपरा मडहौरा निवासी व वर्तमान में गाजियाबाद के साहिबाबाद की श्री रामनगर कॉलोनी निवासी रामबाबू सिंह हैं।
गुडंबा पुलिस ने 14 मई को दिल्ली से मधु अग्रवाल और 17 मई को रामबाबू सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। शनिवार रात मुख्य आरोपी अनिल को भी दबोच लिया गया।
दिल्ली में भी दर्ज हैं धोखाधड़ी के कई मामले
प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी व निजी संस्थाओं से रुपये ऐंठने वाले शातिर अनिल अग्रवाल के खिलाफ दिल्ली में भी कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। गुडंबा थाना के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र नाथ राय ने बताया कि दिल्ली के विवेक विहार शाहदरा थाना में उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाने का केस है तो क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी और षड्यंत्र की धाराओं में एक मामला दर्ज किया है। अन्य जगहों में भी मुकदमों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
घर से मिले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सूची व प्रमाणपत्र समेत कई दस्तावेज
गुडंबा थाना की पुलिस ने अनिल को साथ लेकर उसके दिल्ली स्थित घर व कार्यालय पर दबिश दी, जहां प्रशिक्षण कार्यक्रमों की लंबी-चौड़ी सूची और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र समेत कई दस्तावेज मिले। पुलिस ने सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं।
गिरोह में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आए
पुलिस ने बताया कि गिरोह का संचालक अनिल अग्रवाल अपनी प्रशिक्षण संस्था में सहायक निदेशक के पद पर था। उसकी पत्नी मधु वरिष्ठ प्रबंधक प्रशिक्षण और रामबाबू सिंह प्रबंधक प्रशिक्षण के तौर पर थे। इसके अलावा सिद्धार्थ और नवीन कौशिक असिस्टेंट इंजीनियर, रवी सिंह सहायक निदेशक, सनी यादव कार्यालय अधीक्षक हैं। पुलिस ठगी के मामले में उपरोक्त लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
प्रशिक्षण के नाम पर सरकारी व निजी संस्थाओं से रुपये ऐंठने वाले शातिर अनिल अग्रवाल के खिलाफ दिल्ली में भी कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। गुडंबा थाना के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र नाथ राय ने बताया कि दिल्ली के विवेक विहार शाहदरा थाना में उसके खिलाफ फर्जी दस्तावेज बनाने का केस है तो क्राइम ब्रांच ने धोखाधड़ी और षड्यंत्र की धाराओं में एक मामला दर्ज किया है। अन्य जगहों में भी मुकदमों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
घर से मिले प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सूची व प्रमाणपत्र समेत कई दस्तावेज
गुडंबा थाना की पुलिस ने अनिल को साथ लेकर उसके दिल्ली स्थित घर व कार्यालय पर दबिश दी, जहां प्रशिक्षण कार्यक्रमों की लंबी-चौड़ी सूची और प्रशिक्षण प्रमाणपत्र समेत कई दस्तावेज मिले। पुलिस ने सभी दस्तावेज जब्त कर लिए हैं।
गिरोह में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आए
पुलिस ने बताया कि गिरोह का संचालक अनिल अग्रवाल अपनी प्रशिक्षण संस्था में सहायक निदेशक के पद पर था। उसकी पत्नी मधु वरिष्ठ प्रबंधक प्रशिक्षण और रामबाबू सिंह प्रबंधक प्रशिक्षण के तौर पर थे। इसके अलावा सिद्धार्थ और नवीन कौशिक असिस्टेंट इंजीनियर, रवी सिंह सहायक निदेशक, सनी यादव कार्यालय अधीक्षक हैं। पुलिस ठगी के मामले में उपरोक्त लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।