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इंटरनेट से मिली नौकरानी ने डॉक्टर संग किया ये कांड, खबर पढ़कर आप भी हो जाएं सतर्क
न्यूज डेस्क/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sat, 26 May 2018 01:49 PM IST
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सावधान! इंटरनेट की आभासी दुनिया में नौकरानी ढूंढना कहीं आपको महंगा न पड़ जाए। यहां नौकरानियां दिलाने के नाम पर ठगों ने अपनी दुकानें सजा रखी हैं।
ठगों के ऐसे ही एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो शातिर जलाल शेख और हीरा साहनी को शुक्रवार दोपहर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने महानगर के बादशाहनगर रेलवे स्टेशन से दबोच लिया।
दोनों ने बीते दिनों महानगर के न्यू हैदराबाद निवासी डॉ. एसएन सिंह को नौकरानी के नाम पर 50,000 रुपये का चूना लगा था। ठगी के इस कारोबार में नौकरानी को भेजा जाता है। आठ महीने का एडवांस लेने के बाद दो दिन में नौकरानी भी गायब हो जाती है।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि जलाल और हीरा मूलरूप से बिहार के मधुबनी के हैं और वर्तमान में दिल्ली के मोहन गार्डन व मछली मार्केट बायरौला गांव में रह रहे हैं।
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ठगों के ऐसे ही एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो शातिर जलाल शेख और हीरा साहनी को शुक्रवार दोपहर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने महानगर के बादशाहनगर रेलवे स्टेशन से दबोच लिया।
दोनों ने बीते दिनों महानगर के न्यू हैदराबाद निवासी डॉ. एसएन सिंह को नौकरानी के नाम पर 50,000 रुपये का चूना लगा था। ठगी के इस कारोबार में नौकरानी को भेजा जाता है। आठ महीने का एडवांस लेने के बाद दो दिन में नौकरानी भी गायब हो जाती है।
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एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि जलाल और हीरा मूलरूप से बिहार के मधुबनी के हैं और वर्तमान में दिल्ली के मोहन गार्डन व मछली मार्केट बायरौला गांव में रह रहे हैं।
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डॉक्टर ने दर्ज कराया ठगी का केस
एसटीएफ के हत्थे चढ़े इंटरनेट पर नौकरानी दिलाने वाले जालसाज
- फोटो : amar ujala
दोनों अजीत प्लेसमेंट सर्विस सेंटर व उर्मिला प्लेसमेंट एजेंसी के संचालक हैं और लखनऊ में नौकरानियां उपलब्ध कराने के लिए आए थे। इन्हीं शातिरों ने महानगर के डॉ. एसएन सिंह की पत्नी सुभाषिनी सिंह से 50000 रुपये ठगे थे।
सुभाषिनी ने अपनी मां की देखरेख के लिए इंटरनेट पर प्लेसमेंट एजेंसी सर्च की तो अजीत प्लेसमेंट एजेंसी का नंबर मिला। एजेंसी से किसी अजीत नाम के व्यक्ति ने उन्हें कॉल करके नौकरानी भेजने के लिए कहा।
इस सेवा के लिए कंपनी ने सुभाषिनी को हीरा साहनी के बैंक खाते का नंबर देते हुए उस पर 10,000 रुपये जमा कराए। 22 अप्रैल को सुभाषिनी के घर पर शांति नाम की युवती और परवेज नाम का युवक आए।
शांति ने अजीत से फोन पर सुभाषिनी की बात कराई और अपने व परवेज के आधार कार्ड की फोटो कॉपी उन्हें दी। हालांकि, जांच में आधार कार्ड फर्जी पाए गए थे। अजीत ने 5000 रुपये प्रति महीने के हिसाब से आठ महीने का वेतन पेशगी देने को कहा।
सुभाषिनी ने अपनी मां की देखरेख के लिए इंटरनेट पर प्लेसमेंट एजेंसी सर्च की तो अजीत प्लेसमेंट एजेंसी का नंबर मिला। एजेंसी से किसी अजीत नाम के व्यक्ति ने उन्हें कॉल करके नौकरानी भेजने के लिए कहा।
इस सेवा के लिए कंपनी ने सुभाषिनी को हीरा साहनी के बैंक खाते का नंबर देते हुए उस पर 10,000 रुपये जमा कराए। 22 अप्रैल को सुभाषिनी के घर पर शांति नाम की युवती और परवेज नाम का युवक आए।
शांति ने अजीत से फोन पर सुभाषिनी की बात कराई और अपने व परवेज के आधार कार्ड की फोटो कॉपी उन्हें दी। हालांकि, जांच में आधार कार्ड फर्जी पाए गए थे। अजीत ने 5000 रुपये प्रति महीने के हिसाब से आठ महीने का वेतन पेशगी देने को कहा।
क्या-क्या हुआ जब्त
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सुभाषिनी ने शांति को 40,000 रुपये नकद दे दिए थे। अगले ही दिन शांति और परवेज भाग गए। सके बाद सुभाषिनी ने महानगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले की जांच एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. त्रिवेणी सिंह को सौंपी गई थी।
पकड़े गए शातिरों के पास से पांच मोबाइल फोन, नौकरानी से अनुबंध के चार दस्तावेज, 15 नौकरानियों के फोटो, तीन आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, श्रीनगर, पंजाब, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में हजारों लोगों के साथ ठगी की है।इनके कई बैंक खाते मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है।
गिरोह में 100 से अधिक सदस्य हैं। जल्द ही और ठगों की गिरफ्तारियां की जाएंगी। पकड़े गए जलाल ने बताया कि वह आवेदनकर्ताओं को तीन तरह की नौकरानियां उपलब्ध कराने का झांसा देता था। गैर प्रशिक्षित नौकरानियों को 3500 रुपये, प्रशिक्षित के लिए 5000 रुपये व प्रशिक्षित और पढ़ी-लिखी नौकरानियां 7000 रुपये प्रतिमाह वेतन बताता था।
पकड़े गए शातिरों के पास से पांच मोबाइल फोन, नौकरानी से अनुबंध के चार दस्तावेज, 15 नौकरानियों के फोटो, तीन आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि इस गिरोह ने उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, श्रीनगर, पंजाब, राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में हजारों लोगों के साथ ठगी की है।इनके कई बैंक खाते मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है।
गिरोह में 100 से अधिक सदस्य हैं। जल्द ही और ठगों की गिरफ्तारियां की जाएंगी। पकड़े गए जलाल ने बताया कि वह आवेदनकर्ताओं को तीन तरह की नौकरानियां उपलब्ध कराने का झांसा देता था। गैर प्रशिक्षित नौकरानियों को 3500 रुपये, प्रशिक्षित के लिए 5000 रुपये व प्रशिक्षित और पढ़ी-लिखी नौकरानियां 7000 रुपये प्रतिमाह वेतन बताता था।
जालसाजी से बचना है तो रखें ध्यान
नौकरानियों के घर पहुंचते ही छह से आठ महीने का वेतन पेशगी जमा करा लिया जाता था। रुपये लेने वाली नौकरानियां अगले ही दिन रफूचक्कर हो जाती थीं। आवेदनकर्ता उन्हें कॉल न करें, इसलिए शातिर अपना मोबाइल नंबर कुछ दिन के लिए बंद कर देते थे या बदल देते थे।
जालसाजी से बचना है तो रखें ध्यान
- इंटरनेट पर दी सूचनाओं पर आंख बंद कर विश्वास न करें।
- नौकर-नौकरानी रखने से पहले उनके बारे में पूरी तहकीकात जरूरी है।
- उनके परिचय पत्र के आधार पर संबंधित शहर में रहने वाले किसी जानकार से सत्यापन कराने की कोशिश करें।
- परिचय पत्र, मोबाइल फोन नंबर और फोटो अपने पास जरूर रख लें।
- बड़ी एडवांस रकम मांगने वालों की मंशा को भापना जरूरी है। इतनी बड़ी रकम देने से बचें।
- घर और बीमार व्यक्तियों को पूरी तरह से नौकर-नौकरानियों के भरोसे छोड़ना ठीक नहीं।
जालसाजी से बचना है तो रखें ध्यान
- इंटरनेट पर दी सूचनाओं पर आंख बंद कर विश्वास न करें।
- नौकर-नौकरानी रखने से पहले उनके बारे में पूरी तहकीकात जरूरी है।
- उनके परिचय पत्र के आधार पर संबंधित शहर में रहने वाले किसी जानकार से सत्यापन कराने की कोशिश करें।
- परिचय पत्र, मोबाइल फोन नंबर और फोटो अपने पास जरूर रख लें।
- बड़ी एडवांस रकम मांगने वालों की मंशा को भापना जरूरी है। इतनी बड़ी रकम देने से बचें।
- घर और बीमार व्यक्तियों को पूरी तरह से नौकर-नौकरानियों के भरोसे छोड़ना ठीक नहीं।