मुस्लिम नेता ने सपा सरकार को घेरा व मोदी को सराहा
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जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव व पूर्व सांसद मौलाना महमूद मदनी ने सपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने चुनाव के समय मुसलमानों को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण या रंगनाथ मिश्रा व सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का वादा किया था।
लेकिन सत्ता में आने के बाद समाजवादी पार्टी ने अपने वादे पूरे न कर जनता को धोखा देने का काम किया है। अगर वे वादे पूरा नहीं कर सकते तो आखिर करते क्यों हैं।
मौलाना मदनी ने गुरुवार को राजधानी आकर सपा सरकार को उसके चुनावी वादों की याद दिलाई। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था व विकास के मामले में सूबे की सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है।
जिन जगहों पर विकास की जरूरत है, उसे नजरअंदाज कर कुछ खास इलाकों में विकास का ढिंढोरा पीटा जा रहा है।
सपा सरकार के खिलाफ चलाएंगे आंदोलन
उन्होंने कहा कि आतंकवाद के झूठे आरोप में जेल में बंद निर्दोषों की रिहाई का वादा कर सपा सरकार दरअसल बसपा शासनकाल में अपनी पार्टी नेताओं पर लगे केस हटवाने का काम कर रही है।
मौलाना ने कहा कि वर्ष 2012 के चुनाव के समय किया गया एक भी वादा सपा सरकार ने पूरा न कर धोखा देने का काम किया है।
सरकार के पास अभी समय है, अगर वादे पूरे नहीं किए गए तो जमीयत सरकार के खिलाफ आंदोलन चलाने को मजबूर होगी।
ओवैसी से सहमत नहीं, आजम पर साधी चुप्पी
मौलाना मदनी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि असदउददीन ओवैसी से वह सहमत नहीं हैं। उनका अंदाज व लहजा देशहित वाला नहीं है। हालांकि, उन्होंने सूबे में ओवैसी की सभा को अनुमति न मिलने पर कहा कि ओवैसी जैसी भाषा दूसरे लोग भी बोल रहे हैं तो सरकार उन पर रोक क्यों नहीं लगा रही है।
वहीं, आजम खां की ओर से इस्त्राइल से मिलीभगत के आरोप के सवाल पर मौलाना मदनी ने तंजिया अंदाज में कहा कि वो हर मामले में बड़े हैं, उनके खिलाफ कोई बात नहीं करूंगा।
वर्ल्ड लीडर बनने के लिए पड़ोसी से रिश्ते जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी की पाकिस्तान की यात्रा के सवाल पर मौलाना मदनी ने कहा कि मेरी चाहत है कि भारत दुनियां का नेतृत्व करे। वर्ल्ड लीडर बनने की राह में पड़ोसी रुकावट न बने, मोदी की इस कोशिश का सबको साथ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर ये कोशिश दूरगामी है तो इसकी सराहना की जानी चाहिए। पर उन्होंने महंगाई समेत अन्य मामलों में केंद्र सरकार को फेल बताया।