सोने की अंगूठियां देख भड़के शिक्षामंत्री, किया निलंबित
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एक सहायक लेखाधिकारी को सोने की आठ अंगूठियां पहने देख माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। शिक्षामंत्री ने मौके पर ही अधिकारी को सस्पेंड कर उसकी संपत्ति की जांच का आदेश दे दिया। मामला बाराबंकी का है। वे सोमवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे।
निरीक्षण के बाद वहां से जाने के लिए महबूब अली गाड़ी में बैठ चुके थे, लेकिन उतरकर सहायक लेखाधिकारी राजमणि मिश्र को बुलवाया। राजमणि आए तो उनकी अंगुलियों में आठ अंगूठियां देखकर भड़क उठो।
पूछा, ‘इतना पैसा कहां से आया?’ इस सवाल का राजमणि जवाब नहीं दे सके तो मंत्री ने उच्च अफसरों को राजमणि को निलंबित करके उनकी संपत्ति की जांच का फरमान सुना दिया।
इस पर शिक्षामंत्री का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए बाराबंकी का औचक निरीक्षण किया। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत लेखाधिकारी राजमणि मिश्र को शासनादेश के विपरीत काम करते हुए पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया गया। इसके अलावा अन्य अधिकारियों को सचेत किया गया है कि शासनादेश का अनुपालन किया जाए और इसमें किसी तरह की लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
कक्ष निर्माण की जांच का दिया आदेश
जीआईसी नगर परिसर में नवनिर्मित अतिरिक्त कक्ष व पुस्तकालय का माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने निरीक्षण किया। दोनों ही भवनों में ताले लटक रहे थे। तालों को खुलवाने के लिए ठेकेदार को बुलवाने के लिए कहा गया लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला। भवन में दरार देख फिर से तकनीकी जांच कराने के आदेश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक रामशरण सिंह ने मंत्री महबूब अली को बताया कि इन भवनों की तकनीकी जांच के लिए गठित टास्क फोर्स की रिपोर्ट आने पर आज ही भवनों को हैंडओवर किया गया है। टास्क फोर्स में प्रधानमंत्री सड़क योजना के अधिशासी अभियंता, जलनिगम के सहायक अभियंता व पीडब्लूडी खंड तीन के अभियंता शामिल रहे हैं।
रिपोर्ट मिलने के बाद आज ही मैंने भवन को हैंडओवर किए जाने के आदेश दिए हैं। इस पर मंत्री महबूब अली ने भवन में पड़ी दरारों को देख कर तकनीकी जांच रिपोर्ट पर ही सवाल खड़े कर दिए। कहा कि जांच रिपोर्ट गलत है।
हैंडओवर होने से पहले ही भवनों में दरारें पड़ी हैं तो रिपोर्ट सही कैसे हो सकती है। मंत्री ने फिर से भवनों की तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए हैं। पुस्तकालय भवन के ऊपरी हिस्से पर पड़ी दरार को रंगरोगन कर मिटाने की कोशिश की गई थी।
छात्राओं को नहीं मिला लाभ तो दिया कार्रवाई का आदेश
डीआईओएस कार्यालय से निरीक्षण कर निकल रहे माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली से बाहर बैठी दो छात्राएं मिलीं। एक छात्रा ने मंत्री के अपना नाम शैलवी गुप्ता पुत्री सत्येंद्र नाथ गुप्ता निवासी फतेहपुर बताया।
छात्रा ने बताया कि उनका कन्या विद्या धन योजना में वर्ष 2013 में चयन हुआ था लेकिन अभी तक योजना का लाभ नहीं मिला है। इस पर मंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने छात्रा से कन्या विद्या धन के प्रपत्र की फोटो कॉपी लेकर अपने पास रख ली और कहा इसका निस्तारण कर दिया जाएगा।