सुप्रीम कोर्ट का फैसला राम मंदिर निर्माण का रास्ता खोलने वाला: धर्मगुरुओं ने दी ऐसी प्रतिक्रियाएं
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मस्जिद में नमाज पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का धर्मगुरूओं ने स्वागत किया है कहा कि कोर्ट का ये फैसला राम मंदिर निर्माण में रोड़ा अटका रहे लोगों के लिए एक झटका है। मंदिर के पक्षकार महंत धर्मदास ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा। अब वह दिन दूर नहीं जब अयोध्या में एक भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि राम जन्मभूमि का फैसला भी जल्द आएगा।
आपको बता दें कि बृहस्पतिवार को दिए गए अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद को इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं बताने वाले 1994 के फैसले को पुन: विचार के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ के पास भेजने से इंकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा और जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि इस ममाले को बड़ी बेंच के पास नहीं भेजा जाएगा। जस्टिस भूषण ने कहा कि इस्माइल फारुकी मामला इस मामले से अलग है। सभी धर्मों और धार्मिक स्थलों की समान रूप से इज्जत करने की जरूरत है। कोर्ट ने कहा है कि 29 अक्टूबर 2018 से अयोध्या मामले की सुनवाई होगी।
वहीं, मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा, 'नमाज मस्जिद में पढ़ी जाए या बाहर... नमाज तो नमाज ही है।' उन्होंने आगे कहा कि कोर्ट अयोध्या मामले पर भी जल्द फैसला दे हम सभी यही चाहते हैं। कोर्ट को सबूतों के आधार पर निर्णय देना है फैसला किसी के हक में आए दोनों पक्षों को मानना होगा।
मुस्लिम समर्थकों को मस्जिद निर्माण की जिद छोड़ देनी चाहिए
विश्व हिंदू परिषद ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले से मंदिर निर्माण को बल मिलेगा। अब मुस्लिम समर्थकों को मस्जिद निर्माण की जिद छोड़ देनी चाहिए।
श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष और मणिराम दास छावनी महंत नृत्य गोपाल दास महाराज ने कहा मंदिर निर्माण होकर रहेगा। यह धीरे-धीरे मजबूत होता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में मंदिर निर्माण का अक्स दिखने लगा है। विरोधियों को अब स्वत: इस विवाद से हटकर मंदिर निर्माण में सहयोगी बन जाना चाहिए।
श्रीराम जन्मभूमि न्यास सदस्य महंत सुरेश दास ने कहा, नमाज इस्लाम का हिस्सा है पर मस्जिद का नहीं, जबकि देवी-देवताओं की मूर्तियां मंदिर का अटूट हिस्सा हैं। जिसे अब मुसलमानों को स्वीकार कर लेना चाहिए।
'फैसले से हिंदुओं की आस्था को खंडित करने वाला प्रयास कुंद होगा'
मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास महाराज ने कहा सुप्रीम कोर्ट का निर्णय मंदिर निर्माण के मार्ग को बल प्रदान करेगा। हिंदुओं की आस्था को खंडित करने का जो प्रयास लगातार चला आ रहा है। ये फैसला उसे कुंद कर देगा।
विहिप के केंद्रीय सलाहकार सदस्य पुरूषोत्तम नारायण सिंह ने कहा कि जब नमाज कहीं भी पढ़ी जा सकती है तो श्रीराम जन्मभूमि को विवादास्पद बनाना ठीक नहीं है।
सनकादिक आश्रम पीठाधीश्वर संत समिति अध्यक्ष महंत कन्हैया दास ने कहा यह फैसला लकीर पीटने वालों के लिए विचारणीय है। हिन्दुओं को मंदिर निर्माण करने से कोई रोक नहीं सकता।