महाकुंभ: मंगाए गए अमेरिकी-ब्रिटिश ब्रीड के घोड़े, दारा, राका, रणकुंभ श्रद्धालुओं की इस तरह से करेंगे मदद
Maha Kumbh: 2025 में होने वाले महाकुंभ में सरकार इस बार विशेष इंतजाम कर रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सेना से अमेरिकन बाम ब्लड और इंग्लैंड का थ्रो नस्ल का घोड़ा खरीदा गया है।
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प्रयागराज महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सेना से अमेरिकन बाम ब्लड और इंग्लैंड का थ्रो नस्ल का घोड़ा खरीदा गया है। इसके अलावा भारतीय नस्ल के घोड़े भी तैनात किए जा रहे हैं। दारा, राका, शाहीन, जैकी, गौरी, अहिल्या व रणकुंभ नाम के घोड़े महाकुंभ की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महाकुंभ में माउंटेड पुलिस की तैनाती की जा रही है।
डीजीपी प्रशांत कुमार ने बताया कि भीड़ नियंत्रण और अपार जनसमूह में गश्त के लिए घुड़सवार पुलिस का उपयोग प्रभावी होता है। घुड़सवार पुलिस की मौजूदगी भीड़ में अनुशासन बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुरक्षा का भरोसा देने का काम करेगी। महाकुंभ में प्रदेश पुलिस की खास प्रशिक्षित माउंटेड पुलिस मेले में तैनात रहेगी।
इसमें भारतीय ब्रीड के साथ अमेरिकन और ब्रिटिश ब्रीड के घोड़े भी भीड़ नियंत्रण का काम करेंगे। पुलिस के जवान जहां पैदल नहीं पहुंच पाएंगे, वहां माउंटेड पुलिस श्रद्धालुओं की राह आसान करेगी। इसके लिए 130 घोड़े और 166 पुलिसकर्मी व संबंधित स्टाफ तैनात किया गया है। ड्यूटी पर तैनात घोड़ों की डाइट और सेहत का खास ध्यान रखा जा रहा है।
इन घोड़ों को महाकुंभ के दृष्टिगत मुरादाबाद और सीतापुर ट्रेंनिंग सेंटर में प्रशिक्षित किया गया है, ताकि उनसे श्रद्धालुओेँ को को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। माउंटेड पुलिस थल के साथ ही पानी मे भी जाकर क्राउड मैनेजमेंट करने में दक्ष है। उनको मेला क्षेत्र के भौगोलिक स्थितियों से रूबरू कराने के लिए सुबह और शाम भ्रमण कराया जा रहा है।
प्रोटीन दे रहे, मालिश हो रही
महाकुंभ में तैनात घोड़ों को सेहतमंद रखने के लिए प्रोटीन दी जा रही है। उनकी लगातार सफाई और मालिश भी हो रही है। उनको दिन में तीन बार खाना दिया जाता है। उनको नहलाने के साथ सैंड बाथ भी कराया जा रहा है। मेला क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति से परिचय कराने के लिए उनको लगातार भ्रमण कराया जा रहा है। ये भी सिखाया जा रहा है कि भीड़ में वह किसी को चोट नहीं पहुंचाएं। दरअसल, जहां पर पुलिस के वाहन नहीं जा सकते हैं, वहां पर घोड़े अहम भूमिका निभाएंगे। उन पर सवार पुलिसकर्मी की नजर आसपास के क्षेत्र पर रहेगी, जो जमीन पर खड़े पुलिसकर्मी के लिए संभव नहीं होती है। अखाड़ों को लाना, घाट को खाली कराना घुड़सवार पुलिस का काम होगा। आवश्यकता पड़ने पर वह पानी के भीतर जाकर भी भीड़ को नियंत्रित करेंगे।
सेना से आए चार घोड़े
तीन डॉक्टर भी किए तैनात
महाकुंभ में ड्यूटी करने वाले घोड़ों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए तीन पशु चिकित्सक भी तैनात किए गए है। इसके अलावा 131 घुड़सवार पुलिस (इंस्पेक्टर ,सब इंस्पेक्टर ,हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल) की तैनाती की गई है। घोड़ों की सेवा के लिये 35 अन्य स्टाफ भी मौजूद रहेगा।
घुड़सवार की भूमिका होगी अहम
महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में घुड़सवार पुलिस की भूमिका अहम होगी। भीड़ नियंत्रण और अपार जनसमूह में गश्त के लिए घुड़सवार पुलिस का उपयोग कुशलता और प्रभावशीलता का प्रतीक है। इनके मजबूत प्रशिक्षण और शानदार घोड़ों की सहायता से, कुम्भ मेला पुलिस बल न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि कुंभ के विशाल आयोजन को सुचारु और व्यवस्थित बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।-प्रशांत कुमार, डीजीपी यूपी