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मदरसों की जांच: इफ्तिखार अहमद बोले- घबराने की जरूरत नहीं, कागज और हकीकत में है बड़ा फासला, करें सरकार का सहयोग
Sat, 30 Apr 2022 09:51 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Sat, 30 Apr 2022 09:51 PM IST
सार
मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि आधुनिक शिक्षक मदरसों की जांच से ना घबराएं। बहुत सारे मदरसे आधुनिक शिक्षकों के वेतन के चक्कर में नियमावली का उल्लंघन कर रहे हैं। कागज पर कुछ और हकीकत में मदरसे कुछ और ही नजर आते हैं। जांच में पूरा सहयोग करें।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
फर्जी मदरसों की शिकायत पर सरकार ने मदरसों की जांच कराने का फैसला किया है। जिसके लिए जांच कमेटियों का गठन हुआ है। इस जांच को लेकर मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद का बयान आया है। जावेद ने कहा कि आधुनिक शिक्षक मदरसों की जांच से ना घबराएं। जांच आधुनिक शिक्षकों की भलाई के लिए है।
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नियमावली का उल्लंघन कर रहे मदरसे
डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि बहुत सारे मदरसे आधुनिक शिक्षकों के वेतन के चक्कर में नियमावली का उल्लंघन कर रहे हैं। ये कहना कि मदरसों का संचालन सिर्फ मुस्लिम अल्पसंख्यक संस्था ही कर सकती है, ऐसा नहीं है।
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कागज पर कुछ और हकीकत में कुछ और ही नजर आते हैं मदरसे
नियमों के उल्लंघन पर मदरसा बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि कागज पर कुछ और हकीकत में मदरसे कुछ और ही नजर आते हैं। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के कामकाज व कार्यों में पारदर्शिता लाना मेरा मकसद है।
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20 लाख बच्चों के भविष्य के साथ मजाक न हो
जांच को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश के मदरसों के प्रबंधकों, शिक्षकों के साथ-साथ अन्य सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग अपने-अपने जिलों में हो रही जांच में पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि मेरा मकसद है कि मदरसों में पढ़ने वाले 20 लाख बच्चों के भविष्य के साथ मजाक न हो।