माध्यमिक शिक्षा ने मांगे 2558 करोड़
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उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के तहत
इसे सोमवार को प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक में रखा जाएगा। देर से ही सही, पर यह माना जा रहा है कि केंद्र राज्य सरकार के इस प्रस्ताव को कुछ काटछांट के बाद मंजूरी दे सकता है।
केंद्र
सरकार ने माध्यमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय माध्यमिक
शिक्षा अभियान की शुरुआत की है। इसके तहत राज्य सरकारों को केंद्रीय मानव
संसाधन विकास मंत्रालय के समक्ष प्रस्ताव देना होता है।
इसके आधार पर पीएबी
की बैठक बुलाकर उसमें विचार किया जाता है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय
कभी-कभार पूरे प्रस्ताव को मंजूरी दे देता है और कभी इसमें मामूली कटौती के
बाद मंजूरी दी जाती है।
आरएमएसए राज्य परियोजना निदेशालय ने इस बार मई
2013 में 2558 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था। इसमें 1396 नए हाईस्कूल खोलने का
प्रस्ताव है। इन स्कूलों में एक प्रधानाध्यापक, पांच सहायक अध्यापक तथा
लिपिक व परिचालक के एक-एक पदों के लिए नौ महीने के वेतन की मांग की गई है।
इसके
अलावा 196 नए बालिका छात्रावासों के निर्माण, राजकीय माध्यमिक विद्यालयों
में 236 अतिरिक्त कक्ष, 77 प्रयोगशाला भवन व उपकरण की खरीद, 89 पुस्तकालय
भवन, 95 आर्ट व क्राफ्ट, कक्ष और 449 कम्प्यूटर कक्ष की स्थापना का
प्रस्ताव है।
इसी तरह 320 स्कूलों में शौचालय व 295 में पेयजल सुविधा
विकसित करने का प्रस्ताव है। करीब 27 हजार शिक्षकों को सेवा के दौरान
प्रशिक्षण देने के लिए भी धनराशि की मांग की गई है।