लग्जरी कार और पावर बाइक के शौकीन हैं तो पढ़े ये खबर
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लोग भविष्य में ज्यादा से ज्यादा मेट्रो की सवारी करें इसलिए राज्य सरकार लग्जरी कार एवं पावर बाइक के शौकीनों की जेब काटने जा रही है। अब लग्जरी यानी एसी कार की सवारी बहुत महंगी पड़ेगी।
सरकार इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में दो फीसदी बढ़ोतरी की तैयारी कर रही है। प्रदेश में इससे 10 लाख या इससे अधिक कीमत की हर महीने करीब 3500 लग्जरी कार खरीदने वालों को बढ़े हुए रजिस्ट्रेशन शुल्क का झटका लगेगा।
इसमें लखनऊ के लगभग 600 शौकीन शामिल हैं। इस प्रस्ताव को जुलाई में कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है। परिवहन विभाग ने एसी कार का रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसे 8 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी करने का प्रस्ताव है।
वर्तमान में बाइक का रजिस्ट्रेशन कीमत का 7 फीसदी शुल्क देकर होता है। अब बाइक को दो श्रेणी में बांटा गया है। पहली श्रेणी में 70 हजार रुपये कीमत तक की बाइक पर 7 फीसदी और इससे अधिक की बाइक पर 9 फीसदी रजिस्ट्रेशन शुल्क देना पड़ेगा।
पढ़िए,आपकी जेब पर पड़ेगा कितना बोझ
परिवहन विभाग के प्रस्ताव में अब साधारण बाइक एवं पावर बाइक की दो श्रेणियां हैं। पावर बाइक की कीमत लाखों में है। अत:इसके रजिस्ट्रेशन से परिवहन विभाग को मोटा राजस्व हासिल होगा। विभाग का अनुमान है कि रजिस्ट्रेशन शुल्क के ये रेट लागू होने से सालाना 1000 करोड़ रुपये की आमदनी बढ़ जाएगी।
रजिस्ट्रेशन शुल्क में दो फीसदी वृद्धि के प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद 10 लाख की कार खरीदने पर 20 हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वर्तमान में एसी कार का रजिस्ट्रेशन शुल्क कीमत का 8 फीसदी यानी 80 हजार रुपये देना पड़ रहा है लेकिन रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ने पर यह एक लाख रुपये हो जाएगा।
राज्य सरकार ने इस वित्त वर्ष में परिवहन विभाग का राजस्व लक्ष्य पहले से ही एक हजार करोड़ रुपये बढ़ा दिया है। इस राजस्व से विकास कार्य कराए जाने हैं। विभाग ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए एसी कार एवं पावर बाइक का रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
के. रवींद्र नायक, आयुक्त परिवहन विभाग