आज दिखेगा 235 मिनट का चंद्रग्रहण, इन राशियों के लिए है खास
साल का दूसरा चंद्रग्रहण अब से कुछ ही देर में शुरू होगा। ये हाल के वर्षों में सबसे लंबा चंद्रग्रहण माना जा रहा है। इसे समूचे भारत में इसे देखा जा सकेगा। ग्रहण लगभग चार घंटों तक चलेगा।
काशी समय अनुसार खग्रास चंद्रग्रहण रात 11:54 बजे से शुरू होकर 3:49 बजे तक चलेगा। करीब 235 मिनट तक चलने वाला यह ग्रहण आसानी से बिना किसी उपकरण की सहायता से देखा जा सकेगा। चंद्रग्रहण का सूतक दोपहर 2 बजे के बाद से शुरू हो जाएगा।
गोमतीनगर निवासी आचार्य प्रदीप ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात 9:56 बजे से पूर्णिमा का मान शुरू हो गया, जो 27 जुलाई की रात 12:32 बजे तक चलेगा। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा 27 जुलाई को खग्रास अर्थात पूर्ण चंद्र ग्रहण का स्पर्श काशी समय अनुसार रात 11 बजकर 54 मिनट पर होगा।
ग्रहण का मध्य 1 बजकर 52 मिनट पर होगा और रात 3 बजकर 49 मिनट पर मोक्ष के साथ ही समाप्त हो जाएगा। ज्योतिषाचार्य के मुताबिक चूंकि चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण स्पर्श समय से 9 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है। इसलिये सूतक दोपहर 2: 54 बजे शुरू हो जाएगा। ग्रहण दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और मध्य एशिया के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा।
100 मिनट से ज्यादा तक चांद रहेगा ढंका
रात 1 बजे से 2:43 बजे तक चंद्रमा खग्रास अवस्था में रहेगा, जिसमे पूर्ण चांद ढंका रहेगा। ग्रहण की अवधि 3 घंटा 55 मिनट आंकी गई है। ज्योतिषियों का कहना है कि चंद्रग्रहण के समय भोजन, देव दर्शन, देव प्रतिमा स्पर्श आदि से बचना श्रेयस्कर रहता है।
चंद्रग्रहण मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि वालों के लाभकारक बताया जा रहा है, जबकि अन्य राशि कारक जातकों के लिये कष्टप्रद हो सकता है। आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा को ही गुरुपूर्णिमा गुरु पूजन व्यास पूजन का प्रसिद्ध पर्व भी मनाया जाएगा।
इसीलिए सूतक से पूर्व पूजन आदि करना उत्तम रहेगा। राजधानी समेत आसपास के लोगों के लिए बादलों की मौजूदगी चंद्रग्रहण देखने में परेशानी पैदा कर सकते हैं।
दो बजे के बाद बंद हो जाएंगे मंदिरों के कपाट
चंद्रग्रहण का सूतक लगने से शुक्रवार को दोपहर दो बजे से शहर के तमाम मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। हनुमान सेतु मंदिर के पुजारी भगवान विष्ट ने बताया कि दोपहर 2:54 बजे से सूतक लग जाएगा।
इसके बाद मंदिर के कपाट दर्शनों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट शनिवार को सुबह खोले जाएंगे। हनुमान सेतु मंदिरों में चल रहा राम चरित मानस पाठ, भंडारा इसके पहले ही खत्म होगा। मनकामेश्वर, कल्याण गिरि, शनि मंदिर, कोनेश्वर मंदिर आदि मंदिरों में भी सूतक से पूर्व कपाट बंद हो जाएंगे।