Lucknow Zoo: चिड़ियाघर का मुख्य आकर्षण चिम्पॉजी जैसन का निधन, मादा चिम्पॉजी को बिछड़ने का गम
लखनऊ चिड़िया घर में बीते 15 साल से रह रहे चिंपैंजी जेमसन की गंभीर बीमारी से बुधवार को मौत हो गई।
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चिड़ियाघर का मुख्य आकर्षण रहा चिम्पॉजी जैसन का बीते मंगलवार देर रात निधन हो गया। वह मंगलवार सुबह से वह कुछ खा-पी नहीं रहा था। वह असहाय होकर बाड़े में लेट गया था। इस सूचना पर चिकित्सकों ने उसका इलाज किया। इस संबंध में आईवीआरआईए बरेली के विशेषज्ञों से बातचीत कर इलाज किया गया। मगर, जैसन की गंभीर स्थिति को देखते हुए विषेशज्ञों को नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान बुलाया गया। बरेली से चिकित्सकों के आने से पहले मंगलवार रात लगभग 11:30 बजे बाड़े में ही उपचार के दौरान ही जैसन का निधन हो गया। बुधवार को सुबह पशु चिकित्सकों के पैनल ने उसका पोस्टमार्टम किया। जिसमें उसकी मृत्यु का कारण अधिक आयु के साथ शरीर के विभिन्न अंगो ंमें असामान्य क्षति पाई गई। जाँच रिपोर्ट के लिए अंगों को आईवीआरआईए इज्जतनगर बरेली भेजा गया है।
मैसूर जू से आए थे जैसन
नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के निदेशक वीके मिश्र के मुताबिक नर चिम्पांजी जैसन लगभग 20 वर्ष की उम्र में वर्ष 2007 में मैसूर चिड़ियाघर से संगिनी मादा चिम्पांजी निकिथा के साथ लखनऊ प्राणि उद्यान लाए गये थे। चिम्पांजियों के एक्सचेंज में लखनऊ प्राणि उद्यान से एक मादा जिराफ ष्खुशी, एक नर जेब्रा व एक जोड़ा सारस दिये गये थे। प्राणि उद्यान के अधिकारी व कर्मचारियों ने जैसन चिम्पांजी के अचानक चले जाने से बहुत दुखी हो गये। सभी अधिकारी, कर्मचारियों ने जैसन को आखिरी विदाई दी। वहीं मादा चिम्पांजी निकिथा भी अपनी अधिक आयु में अपने साथी के बिछड़ जाने से गुमसुम रही।