फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: Woman asked for compensation for having a child despite sterilization, court said- CMO should look in

लखनऊ: नसबंदी के बावजूद बच्चा होने पर महिला ने मांगा मुआवजा, हाईकोर्ट ने कहा- सीएमओ दावे पर करें गौर

Fri, 09 Aug 2024 12:13 AM IST
रोहित मिश्र मनोज कुमार सिंह, अमर उजाला लखनऊ
मनोज कुमार सिंह, अमर उजाला लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 09 Aug 2024 12:13 AM IST
सार

Lucknow High Court decision: लखनऊ हाईकोर्ट में एक दिलचस्प मामला पेश हुआ। यह एक महिला ने नसबंदी होने के बावजूद गर्भ ठहर जाने पर मुआवजे की मांग की है। 

विज्ञापन
Lucknow: Woman asked for compensation for having a child despite sterilization, court said- CMO should look in
कोर्ट का फैसला। - फोटो : istock

विस्तार

सीतापुर की एक महिला ने नसबंदी के बावजूद बच्चा होने पर ब्याज समेत मुआवजा दिलाने की गुहार की है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने महिला की याचिका पर सीतापुर के सीएमओ मुआवजे के दावे पर गौर कर चार हफ्ते में इसे समुचित प्राधिकारी को भेजने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को यह आदेश सीतापुर की महिला की याचिका पर दिया। याची महिला का कहना था कि उसने चार बच्चे होने पर वर्ष 2019 में मछरेहटा सामुदायिक केंद्र पर नसबंदी कराई थी। इसके बावजूद 2021 में पांचवें बच्चे को जन्म दिया। इस तरह नसबंदी ऑपरेशन फेल होने पर महिला ने 12 फीसदी ब्याज के साथ मुआवजा दिलाए जाने का आग्रह किया। 
विज्ञापन


इसके लिए उसने नेशनल हेल्थ मिशन की ओर से शुरू की गई परिवार नियोजन इंडेमिनिटी योजना में अर्जी दी। याची का कहना था कि अर्जी पर गौर न किए जाने पर उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर मुआवजे की गुहार की।उधर, सरकारी वकील ने कहा कि सीएमओ ने महिला की अर्जी को परिवार नियोजन के महानिदेशक को भेजा था। लेकिन, अर्जी में दो दस्तावेज गायब होने पर मुआवजे का दावा नहीं मंजूर हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने मछरेहटा सामुदायिक केंद्र के अधीक्षक को निर्देश दिया कि तीन सप्ताह में याची के दावे की अर्जी के साथ पूरे दस्तावेज सीएमओ को भेजें। कोर्ट ने कहा कि सीएमओ मुआवजे के दावे का परीक्षण कर चार हफ्ते में संबंधित प्राधिकारी को इसे भेजेंगे। इस आदेश के साथ कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed