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लखनऊ : धर्मांतरण की घटनाओं से विहिप चिंतित, नहीं बनने देगी नए चर्च
Wed, 26 Aug 2020 11:18 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Mohit Mudgal
Updated Wed, 26 Aug 2020 11:18 PM IST
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विश्व हिंदू परिषद
- फोटो : फाइल फोटो
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विश्व हिंदू परिषद ने धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। तय किया गया है कि जहां कहीं धर्मांतरण की घटनाएं पता चलेंगी, विहिप कार्यकर्ता जाकर रोकेंगे। विहिप के अवध प्रांत के सेवा प्रमुख देवेंद्र मिश्र ने कहा कि परिषद इन क्षेत्रों में नए चर्च का निर्माण नहीं होने देगी।
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विहिप के केंद्रीय नेतृत्व ने सभी प्रांतों को धर्मांतरण की दृष्टि से सर्वाधिक संवेदनशील पांच जिलों को छांटकर उनके एक-एक ब्लॉक को पूरी तरह मिशनरी और धर्मांतरण मुक्त बनाने को कहा है। उनका मानना है कि मिशनरियां साप्ताहिक प्रार्थना सभाओं के अलावा सेवा, सहायता व इलाज जैसे कामों के जरिये धर्मांतरण की साजिश चला रही है।
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पहले चरण में चयनित जिलों के छांटे गए एक-एक ब्लॉक में धर्मांतरण की घटनाओं पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी और कठिनाई होने पर प्रशासनिक अधिकारियों की सहायता ली जाएगी। इसके मद्देनजर विहिप से संबद्ध सभी संगठनों के अवध प्रांत के पदाधिकारियों की हाल ही हुई बैठक में कार्ययोजना का खाका खींचा गया।
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विहिप की धर्म प्रसार समिति को पूरे प्रांत में फोकस करने के बजाय शुरुआत में मिशनरियों की अधिक सक्रियता वाले जिलों पर ध्यान देने की सलाह दी गई। तय हुआ कि लखनऊ के मोहनलालगंज तहसील सहित गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच में मिशनरियों की गतिविधियां ज्यादा बढ़ गई है। इसलिए सबसे पहले इन स्थानों पर ध्यान दिया जाए। विहिप सूत्रों के अनुसार शीघ्र ही गोरखपुर, काशी, कानपुर, पश्चिम व ब्रज प्रांत में बैठकें होंगी और संवेदनशील जिलों का चयन कर अभियान शुरू किया जाएगा।
अवध प्रांत के सेवा प्रमुख देवेंद्र मिश्र बताते हैं कि प्रार्थना सभा में शामिल होने वाले की जानकारी एकत्र कर उनसे संपर्क कर मिशनरियों से दूर रहने के लिए समझाएंगे। उन्हें बताएंगे कि यीशू का पानी पीने या नाम लेने से बीमारियां ठीक होने और धन मिलने का दावा झूठा है। मिशनरियों की तरफ से इन इलाकों में नया चर्च स्थापित करने की कोशिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।