फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: UP Cabinet meeting today

यूपी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले : महर्षि महेश योगी रामायण विवि समेत पांच निजी विवि की स्थापना को हरी झंडी

Fri, 12 May 2023 08:14 PM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 12 May 2023 08:14 PM IST
सार

प्रदेश में संस्कृत के पठन पाठन को गति देने में लगी प्रदेश सरकार ने यहां पर काम कर रहे मानदेय शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। शासन ने प्रदेश के 570 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में पहले से पढ़ा रहे 518 मानदेय शिक्षकों का कार्यकाल बढ़ाए जाने को हरी झंडी दी है।

विज्ञापन
Lucknow: UP Cabinet meeting today
योगी आदित्यनाथ कैबिनेट बैठक file pic

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक में 27 प्रस्ताव पर मुहर लगी। नगर निकाय चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक थी।प्रदेश सरकार ने अयोध्या में महर्षि महेश योगी रामायण विवि समेत पांच निजी विवि की स्थापना को हरी झंडी दी है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसके साथ ही महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विवि कानपुर नगर, शारदा विवि आगरा, फ्यूचर विवि बरेली व जीएस विवि हापुड़ की स्थापना के लिए आशय पत्र जारी करने पर सहमति दी है। इन विवि की स्थापना से जहां संबंधित विषय में विद्यार्थियों को पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा वहीं काफी लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

विज्ञापन

दलहन और तिलहन के बीजों की निशुल्क मिनी किट बांटेंगे

प्रदेश में दलहन व तिलहन का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए चार वर्ष का अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक वर्ष किसानों को दलहन एवं तिलहन के बीजों की निशुल्क मिनी किट दी जाएंगी। इस वर्ष दोनों की 875596 किट बांटी जाएंगी। शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में इन दोनों के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। दोनों के लिए 15-15 करोड़ का बजट रखा गया है।

प्रदेश में दलहनी एवं तिलहनी फसलों का क्षेत्र बढ़ाने, उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि करने के लिए वर्ष 2023-2024 से 2026-2027 तक अभियान चलाया जाना है। इसके तहत जहां निशुल्क बीजों की मिनी किट बांटी जाएंगी तो वहीं किसान पाठशालाओं का आयोजन होगा। तिलहन की बात करें तो तिल, मूंगलफली, राई सरसों एवं अलसी के बीजों की मिनी किट बांटी जानी है। पहले साल कुल 666578 किटों का वितरण होगा। एक एकड़ में बोआई के लिए तिल, राई, सरसों के दो-दो किग्रा के बीज, अलसी .1 हेक्टेयर के लिए दो-दो किग्रा के बीजों के पैकेट होंगे। जबकि मूंगफली का 20 किग्रा का पैकेट एक हेक्टेयर के लिए होगा। 11906 ग्राम पंचायतों में किसान प्रदर्शनों का आयोजन किया जाएगा। कुल चार साल में 2666000 मिनी किट बांटने का लक्ष्य है।

दलहन पर काम
इसके साथ ही दलहन की भी इस साल 209018 मिनी किट बांटी जाएंगी। इसमें उर्दू, मूंग के 4-4 किग्रा, अरहर-3, चना-16, मटर-20 तथा मसूर के 8 किग्रा बीज के पैकेट होंगे। प्रत्येक मिनी किट .2 हेक्टेयर रकबे में बोआई के लिए है। 14293 गांवों में किसान पाठशाला और प्रदर्शन का आयोजन होगा। प्रत्येक में कम से कम 100 किसान शामिल होंगे। इस समय प्रदेश में दलहन का रकबा 24.50 लाख हेक्टेयर है जिसे चार सालों में 28.84 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह दलहन का उत्पादन भी 35.79 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य है। चार सालों में 836000 मिनी किट बांटी जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश के संस्कृत विद्यालय के मानदेय शिक्षकों को बड़ी राहत

प्रदेश में संस्कृत के पठन पाठन को गति देने में लगी प्रदेश सरकार ने यहां पर काम कर रहे मानदेय शिक्षकों को बड़ी राहत दी है। शासन ने प्रदेश के 570 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में पहले से पढ़ा रहे 518 मानदेय शिक्षकों का कार्यकाल बढ़ाए जाने को हरी झंडी दी है। कैबिनेट ने इनका कार्यकाल नई नियुक्ति होने तक दो सत्र के लिए बढ़ाने की सहमति दी है। साथ ही इन विद्यालय व राजकीय संस्कृत विद्यालय के खाली 850 पदो के सापेक्ष भी मानदेय पर नियुक्ति करने की सहमति दी है। इससे संस्कृत विद्यालय में पठन पाठन को काफी सहयोग मिलेगा।

विज्ञापन

प्रदेश में परियोजनाओं की लागत के आधार पर तय होगा सेंटेज

प्रदेश में निर्माण परियोजनाओं पर लगने वाली सेंटेज की एकसमान दर वाली व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर अब कामों की लागत के हिसाब से सेंटेज के चार स्लैब बनाए गए हैं। कैबिनेट की शुक्रवार को हुई बैठक में संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इससे राज्य सरकार को बड़ी धनराशि की बचत होगी। वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिहाज से यह प्रस्ताव लाया गया था। अभी तक निर्माण विभागों और निगम आधारित कार्यदायी संस्थाओं में सेंटेज की एकसमान दर 12.5 प्रतिशत थी।

इसके स्थान पर निगम आधारित कार्यदायी संस्थाओं के लिए सेंटेज के लिए स्लैब तय कर किए गए हैं। नई व्यवस्था में 25 करोड़ रुपये तक की लागत वाली परियोजनाओं में सेंटेज की दर सबसे ज्यादा 10 प्रतिशत होगी। 25 करोड़ से अधिक और 50 करोड़ रुपये तक 8 प्रतिशत, 50 करोड़ से अधिक और 100 करोड़ तक 7 प्रतिशत और 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए सेंटेज की दर 5 प्रतिशत होगी। लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग आदि विभागीय कार्यों पर सेंटेज (6.875 प्रतिशत) को परियोजना की लागत पर जोड़ने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

कार्यदायी संस्थाओं के अधिष्ठान व्यय निश्चित होने के कारण सेंटेज की दरें परियोजना की लागत बढ़ने के साथ कम किया जाना औचित्यपूर्ण माना गया। केंद्रांश में सेंटेज चार्ज की व्यवस्था न होने के कारण यह भार राज्य सरकार को वहन करने होते हैं। वर्तमान में सेंटेज की धनराशि पर भी 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जा रहा है, जिससे राज्य सरकार को वहन करने होते हैं।
प्रारंभ में किसी परियोजना की वित्तीय स्वीकृति और पहली किस्त आंकी गई लागत के आधार पर जारी होगी। लेकिन, दूसरी किस्त जारी करने से पहले परियोजना को टेंडर की लागत के आधार पर रिवाइज किया जाएगा। बाद की किस्तें पुनरीक्षित लागत के आधार पर ही जारी होंगी। निगम आधारित संस्थाएं ब्याज की राशि अनिवार्य रूप से कोष में जमा करेंगी।

मैसर्स हीरो मोटर्स के भूमि पट्टे की लीज अवधि 30 वर्ष बढ़ाई

प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने मैसर्स हीरो मोटर्स लि. को गौतमबुद्ध नगर में आवंटित जमीन के पट्टे की लीज अवधि को 30 वर्ष के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर किया है। 305.45 रुपये प्रतिवर्ष की दर से किराया निर्धारित करते हुए भूमि पट्टे अवधि के लीज अवधि को 29 जनवरी 2022 से 28 जनवरी 2052 तक 30 वर्ष के लिए बढ़ाया जाएगा।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि हीरो मोटर्स लि. को गर्वमेंट ग्रांट एक्ट 1895 के तहत 29 जनवरी 1992 को गौतमबुद्धनगर में जमीन का पट्टा 30 वर्ष की लीज अवधि के लिए दिया गया था। उसकी अवधि 28 जनवरी 2022 को समाप्त हो गई। पूर्व लीज डीड की शर्त के अनुसार पट्टे की अवधि को तीस वर्ष के लिए बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि इससे हीरो मोटर्स की ओर से औद्योगिक गतिविधियों का संचालन अनवरत किया जा सकेगा। इससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

आधा दर्जन औद्योगिक इकाइयों को 111.67 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलेगी

प्रदेश में अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति-2012 के तहत निवेश करने वाली 6 औद्योगिक इकाइयों को नीति के अनुसार सब्सिडी के रूप में 111.67 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नीति के तहत निवेश करने वाली औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किए गए हैं। लेटर ऑफ कंफर्ट की शर्त के अनुसार निवेश और वाणिज्यिक उत्पादन करने के बाद इकाइयों को वित्तीय सहायता देने का प्रस्ताव कैबिनेट ने मंजूर किया है।

पसवारा पेपर्स लि. मेरठ को 12.55 करोड़ रुपये, वरुण बेवरेज लि. संडीला हरदोई को 8.53 करोड़ रुपये, गेलेंट इस्पात लि. गोखपुर को 15.97 करोड़ रुपये, स्पर्श इंडस्ट्रीज प्रा. लि. कानपुर देहात को 3.66 करोड़ रुपये, आरसीसीपीएल प्रा. लि रायबरेली को 46.29 करोड़ रुपये और श्री सीमेंट लि. बुलंदशहर को 24.29 करोड़ रुपये की सब्सिडी (वित्तीय सहायता) दी जाएगी।

पावरलूम बुनकर फ्लैट रेट से कर सकेंगे बकाया विद्युत बिल का भुगतान

प्रदेश में पावरलूम बुनकर अगस्त 2020 से मार्च 2023 तक पावरलूम पर बकाया विद्युत बिल का भुगतान 2006 में निर्धारित फ्लैट रेट के अनुसार कर सकेंगे। ऊर्जा विभाग को विद्युत बिल पर सब्सिडी राशि का भुगतान भी किया जाएगा। योगी कैबिनेट ने पावरलूम बुनकरों के लिए विद्युत फ्लैट रेट व्यवस्था को एक अगस्त 2020 के 31 मार्च 2023 तक लागू रखने का प्रस्ताव मंजूर किया है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि 14 जून 2006 को पावरलूम बुनकरों के लिए फ्लैट रेट पर विद्युत आपूर्ति योजना लागू की गई थी। इसमें 1 हार्स पावर के पावरलूम पर प्रतिमाह 240 यूनिट तक, .5 हार्स पावर के पावरलूम पर प्रतिमाह 120 यूनिट तक 3.50 रुपये की दर से सब्सिडी देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान कच्चे माल की आपूर्ति बाधित होने, बुनकरों को काम नहीं मिलने और वस्त्रोद्योग के कारोबार में कमी आने के कारण बुनकरों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई। फ्लैट रेट पर विद्युत योजना को 2006 के अनुसार लागू करने का मंत्रिमंडल ने अनुमोदन किया। वित्त विभाग ने इसके लिए हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के जरिये राशि ऊर्जा विभाग को उपलब्ध भी करा दी।

उन्होंने बताया कि एमएसएमई विभाग की ओर से एक अगस्त 2020 से 31 मार्च 2023 तक भी पावरलूम बुनकरों के विद्युत बिल का भुगतान 2006 की फ्लैट रेट योजना से करने का प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया गया। इससे छूटे 32 महीने की अवधि का समायोजन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग की ओर से एक अगस्त 2020 से 31 मार्च 2023 तक वास्तविक बिल के आधार पर बिल भुगतान की अंतर राशि की सूचना मिलने पर ऊर्जा विभाग को बजट व्यवस्था, अनुपूरक बजट या पुनर्विनियोग के जरिये उपलब्ध कराया जाएगा।

झांसी कलेक्ट्रेट में स्थित नजारत मालखान, पुलिस मालखाना और गार्ड रूम ध्वस्त किया जाएगा

झांसी कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित नजारत मालखाना, पुलिस मालखाना, गार्ड रूम और शस्त्र मालखाना के जीर्ण शीर्ण भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक ने जर्जर और जीर्ण शीर्ण भवनों को ध्वस्त करने का प्रस्ताव मंजूर किया।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित नजारत मालखाना, पुलिस मालखाना, गार्ड रूम और शस्त्र मालखाना भवन का निर्माण 1890 में कराया गया था। मानकों के अनुसार उनकी निर्धारित समय सीमा पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि यह भवन अब अनुपयोगी हो गए हैं। उन्हें ध्वस्त किया जाएगा।

प्रदेश के समस्त थानों में 144.90 करोड़ की लागत से लगेंगे सीसीटीवी

कैबिनेट ने प्रदेश के समस्त 1586 पुलिस थानों में सीसीटीवी लगाने के प्रस्ताव को शुक्रवार को मंजूरी प्रदान कर दी। ये निर्णय उच्चतम न्यायालय में दायर पीआईएल पर दिए गये आदेश के अनुपालन में लिया गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि पुलिस की कार्यप्रणाली में और पारदर्शिता लाने के लिए यह निर्णय लिया है।

कैबिनेट ने सीसीटीवी पीएसयू से क्रय करने की बाध्यता को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब इसे विकेंद्रीयकृत कर जोनल मुख्यालय एवं पुलिस कमिश्नर स्तर पर स्थापित करने की कार्यवाही को मंजूरी प्रदान की है। प्रस्ताव के अनुसार प्रदेश के सभी सर्किल मुख्यालयों एवं जनपदीय थानों में पांच कैमरों की व्यवस्था की जाएगी। इन कैमरों में 12 माह तक का फुटेज स्टोरेज रहेगा। उन्होंने बताया कि पहले इस परियोजना की कुल लागत 359 करोड़ रुपए थी, लेकिन अब जिस प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने मंजूर किया है, उसकी लागत 144.90 करोड़ रुपए है। मंत्रिपरिषद के इस निर्णय से थानों की गतिविधियां हर वक्त कैमरे की जद में रहेंगी।

जे.के. सीमेंट अलीगढ़ को 34.39 करोड़ रुपये की सब्सिडी का भुगतान होगा

प्रदेश में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2017 के तहत अलीगढ़ में सीमेंट प्लांट स्थापित करने वाली जे.के. सीमेंट लि. को 34.39 करोड़ रुपये की सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नीति के तहत औद्योगिक इकाइयों को वित्तीय सुविधाएं देने के लिए लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किए गए हैं। लेटर ऑफ कंफर्ट की शर्तों के अनुसार निर्धारित निवेश और वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने पर मैसर्स जे.के. सीमेंट लि. अलीगढ़ को 34.39 करोड़ रुपये की सब्सिडी (वित्तीय सुविधा) देने का प्रस्ताव कैबिनेट ने मंजूर किया है।

गाजीपुर से बलिया-मांझीघाट ग्रीन फील्ड परियोजना के लिए 38 हेक्टेयर जमीन दी जाएगी
राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 31 पर गाजीपुर से बलिया-मांझीघाट तक बनने वाली ग्रीन फील्ड परियोजना के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 38.8465 हेक्टेयर जमीन निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। योगी कैबिनेट की शुक्रवार को आयोजित बैठक में जमीन हस्तांतरित करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि ग्रीन फील्ड परियोजन के लिए गाजीपुर के 86 गांवों की 20.2644 हेक्टेयर और बलिया जिले के 98 गांवों की कुल 18.5821 जमीन एनएचएआई को निशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने पर क्षेत्र में निवेश और व्यापार के अवसर खुलेंगे इससे औद्योगिक विकास होगा। यातायात में वृद्धि होने से यूपीड़ा की टोल से प्राप्त होने वाली आय में वृद्धि होगी। दिल्ली, लखनऊ से गाजीपुर एवं बलिया लेकर बिहार तक आवागमन की आसान सुविधा मिलेगी।

ई-पॉप मशीनों से होगी गेहूं-धान की सरकारी खरीद

प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज (ई-पॉप) मशीनों के माध्यम से गेहूं और धान की सरकारी खरीद होगी। इस संबंध में सिस्टम इंटीग्रेटर के चयन, ई-पॉप मशीन लगाने और संचालन के लिए यूपी डेस्को की ओर से तैयार प्रस्ताव (आरएफपी) को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी। अगले दो रबी व खरीफ विपणन वर्षों के लिए ई-पॉप मशीनें किराए पर लिए जाने पर करीब 25.62 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है।

कैबिनेट में शुक्रवार को अधिकाधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिए जाने के लिए गेहूं व धान ई-पॉप मशीन से खरीदे जाने का प्रस्ताव लाया गया। इसके लिए यूपी डेस्को को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इस योजना के तहत ई-पॉप मशीन से आधार प्रमाणीकरण के जरिये गेहूं व धान खरीदा जाएगा। इसके लिए मशीनें सिस्टम इंटीग्रेटर सेवा प्रदाता से किराए पर ली जाएंगी। मशीनों को किराए पर लिए जाने के लिए यूपी डेस्को निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करेगा।

खराब गुणवत्ता का गेहूं पूरे दाम पर खरीदने को मंजूरी

कैबिनेट ने बेमौसम बारिश से प्रभावित गेहूं को पूरे दाम पर खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत खराब गुणवत्ता के गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में अधिकतम 37.18 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती होगी, लेकिन किसानों से यह कटौती नहीं होगी और उन्हें एमएसपी 2125 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही भुगतान होगा। इसकी भरपाई राज्य सरकार करेगी।

बार संचालन के लिए नहीं देनी होगी 1.50 लाख लाइसेंस फीस

कैबिनेट ने प्रदेश के बार संचालकों को लाइसेंस फीस में छूट देकर बड़ी राहत प्रदान की है। राज्य सरकार ने वर्ष 2023-24 की आबकारी नीति में बार लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए 1.50 लाख रुपये की फीस निर्धारित की थी। शुक्रवार को कैबिनेट ने यह लाइसेंस फीस नहीं लेने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी, जिससे बार संचालकों को बड़ी राहत मिली है।

इसके अलावा आबकारी नीति में विदेशी शराब और बीयर पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को लेकर भी असमंजस बना हुआ था। कैबिनेट में इसका संशोधन प्रस्ताव लाया गया है जिसके मुताबिक समुद्र पार से आने वाली विदेशी शराब पर 150 प्रतिशत और बीयर पर 110 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगेगी। हालांकि इससे विदेशी शराब और बीयर के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं, एक अन्य संशोधन के जरिए शराब और बीयर की बोतलों में एक सेमी का अधिकतम खुदरा मूल्य अंकित हुआ स्टीकर लगाने को लेकर उपजे संशय को भी समाप्त कर दिया गया है। संशोधन के जरिए स्पष्ट किया गया है कि ये स्टीकर केवल देसी शराब की बोतलों पर ही लगाया जाएगा।

आम सहभागिता से देंगे पर्यटन विकास को बढ़ावा

प्रदेश में पर्यटन विकास के लिए अब आम लोगों, संस्थानों, जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से काम हो सकेंगे। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास सहभागिता योजना के नीति-निर्धारण को सहमति दे दी है। इससे बैंक, सोसायटी, व्यापार मंडल, सरकारी-गैर सरकारी संस्था भी कार्य से संबंधित 50 फीसदी राशि दे सकेंगे और बाकी 50 फीसदी पर्यटन विभाग देगा।

इसी तरह जनप्रतिनिधि भी निधि से निर्धारित कार्य के लिए परियोजना का 50 फीसदी धनराशि का कंवर्जेंस प्रस्ताव दे सकेंगे। इस तरह प्रदेश की हर विधानसभा क्षेत्र में एक पर्यटक स्थल का हो सकेगा। इससे पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इस योजना के अंतर्गत जनसुविधाओं का विकास, लैंडस्केपिंग, बेंच, जलपान गृह, स्टोर रूम, लॉकर, पादुकाघर, चबूतरा, रेलिंग, बाउंड्रीवाल, पाथ-वे, इंटरलॉकिंग, म्यूरल, प्रकाश, पेयजल व्यवस्था आदि का काम हो सकेगा। कैबिनेट ने मथुरा में पर्यटन विकास संबंधित काम के लिए मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण को कार्यदायी संस्था नामित करने पर भी सहमति दे दी है।

प्रयागराज में निषादराज गुहा सांस्कृतिक केंद्र
लखनऊ। प्रयागराज के शृंग्वेरपुर में संस्कृति विभाग की ओर से निषादराज गुहा सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना को कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है। इस संबंध में पर्यटन विभाग की ओर से एक एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने पर सहमति दी गई है। इसके निर्माण के लिए 19 करोड़ 57 लाख का खर्च अनुमानित है। यहां पर म्यूजियम, गैलरी आदि का निर्माण होगा तथा नाटक, नौटंकी आदि सांस्कृतिक आयोजन हो सकेंगे।

यूपी-112 के दूसरे चरण के लिए तीन निविदाएं होंगी जारी, एकाधिकार होगा खत्म

यूपी-112 के दूसरे चरण के लिए क्रियान्वयन के लिए कैबिनेट ने मास्टर सिस्टम इंटीग्रेटर के चयन के लिए आरएफपी को तीन भागों में बांटने का निर्णय लिया है। अब ये टेक्नोलॉजी, कॉल सेंटर मैनपावर और ट्रेनिंग में बांट दिया गया है जिसकी अलग-अलग निविदाएं जारी की जाएंगी। कैबिनेट के इस फैसले से निविदाओं में बड़ी कंपनियों का एकाधिकार समाप्त होगा। निविदा का मूल्य कम होने से कई अन्य कंपनियां हिस्सा ले सकेंगी। मध्यम एवं लघु कंपनी निविदा में भाग ले सकेंगी। साथ ही, कम समय में निविदा प्रक्रिया को पूरा किया जा सकेगा।

कैबिनेट के निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि 112 यूपी के पहले चरण के क्रियान्वयन के संबंध में मेसर्स महिंद्रा डिफेंस सिस्टम लिमिटेड से हुए अनुबंध को 20 जून 2023 तक बढ़ाया गया है। वहीं डीपीआर को कैबिनेट ने इस संशोधन के साथ मंजूरी दी है कि प्रस्ताव में अंकित महिंद्रा स्कार्पियाे के स्थान पर इनोवा क्रिस्टा और महिंद्रा बोलेरो के स्थान पर महिंद्रा नियो गाड़ी का क्रय किया जाएगा। कैबिनेट ने इस संबंध में भविष्य में होने वाले संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed