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लखनऊ विश्वविद्यालय के लिए अच्छी खबर, वापस मिल जाएंगे जालसाजी में गए 1.09 करोड़ रुपये
Sun, 20 Oct 2019 02:35 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 20 Oct 2019 02:35 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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आर्थिक तंगी से गुजर रहे लखनऊ विश्वविद्यालय के लिए अच्छी खबर है। विवि के बैंक खाते से जालसाजी कर निकाले गए 1.09 करोड़ रुपये उसे वापस मिल जाएंगे। यूको बैंक ने रुपये वापस करने पर अपनी सहमति दे दी है। इस संबंध में लविवि ने बैंक को पत्र भेजा था। इसका जवाब आ गया है। बैंक ने अपने पत्र में विवि को धनराशि देने की बात कही है।
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लविवि के बैंक खाते से अप्रैल 2018 से मई 2019 के बीच 11 चेक के माध्यम से कुल मिलाकर एक करोड़ नौ लाख 82 हजार 935 रुपये की निकासी हुई है। लविवि का कहना है कि ये चेकबुक बैंक से वर्ष 2000-2001 में जारी की गई थी। ये चेक उसी समय जारी कर दिए गए थे।
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विवि का कहना है कि ये चेक एक हजार से भी कम राशि के लिए जारी किए गए थे। इनका भुगतान हुआ या नहीं, बैंक इसका ब्योरा नहीं दे पाया है। उन चेक पर सिक्योरिटी फीचर नहीं थे। अब चेक पर कई सिक्योरिटी फीचर होते हैं।
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बैंक ने बिना सत्यापन किए ही 20 साल पुराने चेक का भुगतान कर दिया। इसलिए विवि को इसकी रकम वापस मिलनी चाहिए। विवि के तर्क के बाद बैंक ने विवि को धनराशि वापस देने के लिए अपनी सहमति दे दी है।
बैंक ने दे दी सहमति
लविवि के कुलपति प्रो. एसपी सिंह का कहना है कि 1.09 करोड़ रुपये वापस लेने के लिए लविवि की ओर से बैंक की ओर से पत्र भेजा गया था। पत्र का जवाब आ गया है। बैंक ने विवि को रुपये वापस देना स्वीकार कर लिया है।