फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow University: Skill based courses allowed in colleges, crisis of admission of students

Lucknow University: कॉलेजों में कौशल आधारित कोर्सो को अनुमति, छात्रों के प्रवेश का संकट

Thu, 28 Sep 2023 07:10 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 28 Sep 2023 07:10 PM IST
सार

क्रिस्प के माध्यम से एनआईआरएफ रैंकिंग के लिए चयनित लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध पांच जिलों लखनऊ, रायबरेली, लखीमपुरखीरी, सीतापुर और हरदोई के 16 कॉलेजों में शासन के निर्देशों पर कौशल आधारित कोर्स इसी सत्र से शुरू होने हैं।

विज्ञापन
Lucknow University: Skill based courses allowed in colleges, crisis of admission of students
लखनऊ विश्वविद्यालय

विस्तार

क्रिस्प के माध्यम से एनआईआरएफ रैंकिंग के लिए चयनित लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध पांच जिलों लखनऊ, रायबरेली, लखीमपुरखीरी, सीतापुर और हरदोई के 16 कॉलेजों में शासन के निर्देशों पर कौशल आधारित कोर्स इसी सत्र से शुरू होने हैं। इनमें से दस कॉलेज राजधानी लखनऊ में हैं बाकी अन्य जिलों शिक्षण संस्थान हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय ने शासन के दबाव में सत्र समापन के समय पर इन कॉलेजों में कोर्सो के संचालन के लिए कार्य-परिषद और विद्यापरिषद के जरिए अनुमति तो प्रदान कर दी है। लेकिन जिन कॉलेजों में ये कोर्स शुरू किए जाने हैं उनमें से आधे से अधिक कॉलेजों अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। कॉलेजों को डर सता रहा है कि सत्र समापन की कगार पर है और ऐसे में अगर कोर्सो की सहयुक्ता ले लेते हैं तो कोर्स में प्रवेश के लिए छात्र कहां से लाएंगे। ऊपर से सहयुक्तता शुल्क देने की स्थिति में ऐडेड कॉलेज पहले अक्षमता जाहिर कर चुके हैं।

विज्ञापन


कौशल आधारित कोर्स शुरू करने के लिए कॉलेजों द्वारा लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्तता प्राप्त करने के लिए 16 में 6 कॉलेजों ने ही आवेदन किया है। इसमें दो राजकीय कॉलेज, दो निजी और दो ऐडेड अल्पसंख्यक कॉलेज हैं। बचे हुए दस कॉलेजों ने आर्थिक संकट और सत्र समापन का हवाला देते हुए आवेदन करने से मना कर दिया है। उनका कहना है वह आगामी सत्र में इसके लिए सोचेंगे। सहयुक्तता के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 सितंबर निर्धारित थी। वहीं सहयुक्ता प्रदान करने की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर निर्धारित है। सहयुक्तता मिलने के बाद ही आवेदन करने वाले कॉलेज कोर्स से संबंधित प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर पाएंगे।
विज्ञापन


इन कॉलेजों ने किया आवेदन
कौशल आधारित कोर्सो के लिए सहयुक्तता प्राप्त करने के लिए शिया पीजी कॉलेज, करामत हुसैन गर्ल्स डिग्री कॉलेज, नेता जी सुभाष चंद्र बोस राजकीय कन्या महाविद्यालय, हीरालाल यादव बालिका डिग्री कॉलेज, गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज, दीन दयाल उपाध्याय राजकीय डिग्री कॉलेज सीतापुर शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये कोर्स शुरू होने हैं
बीबीए रिटेल, बीबीए लॉजिस्टिक, बीएससी टूरिज्म एंड हॉस्पिटलिटी, बीबीए हेल्थ केयर

हमने हालहीं में कई कोर्सो की सहयुक्तता प्राप्त की है। अब कॉलेज सहयुक्तता लेने के लिए आर्थिक तौर सक्षम नहीं है। अगले वर्ष इसपर विचार करेंगे। सरकार से अनुरोध है इन कोर्सो के लिए सहयुक्तता शुल्क माफ हो। दूसरा संकट इनमें छात्रों के प्रवेश का है सत्र समापन की ओर है ऐसे में छात्र दाखिले के लिए आगे शायद ही आए। - चंद्रमोहन उपाध्याय प्राचार्य कालीचरण पीजी कॉलेज


हमने बीबीए रिटेल के लिए अनुरोध किया था लेकिन हमें बीबीए लॉजिस्टिक दिया गया। दूसरा सहयुक्तता शुल्क काफी अधिक जिसे प्रबंधन देने को राजी नहीं है। ऐसे में अगले वर्ष ही इस विचार हो पाएगा, इसमें भी सबसे बड़ा संकट छात्रों के प्रवेश का है। 0-- प्रो. मंजुला उपाध्याय प्राचार्य नवयुग कन्या महाविद्यालय

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed