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इस खौफ से लखनऊ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने से डर रही हैं लड़कियां!

Sat, 05 Aug 2017 02:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 05 Aug 2017 02:19 PM IST
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lucknow university girls complaints about kailash hostel
girls

लखनऊ विश्वविद्यालय में हॉस्टल का बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। लविवि बिना पूर्व सूचना के ही हॉस्टल आवंटन के नियमों में बदलाव कर रहा है। 

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हॉस्टल आवंटन में हो रही गड़बड़ी और अव्यवस्थाओं को लेकर अब छात्राएं भी मुखर होने लगी हैं। शुक्रवार को फाइन आर्ट्स की छात्राओं ने हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया का विरोध किया। उन्होंने हॉस्टल बदलने की मांग करते हुये कुलपति को ज्ञापन भी सौंपा। वहीं छात्राओं ने श‌िकायत की है क‌ि हॉस्टल में इतनी छ‌िपकल‌ियां हैं क‌ि रहना मुश्क‌िल हो रहा है। डर के मारे छात्राएं कमरों में नहीं जा पातीं हैं।
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फाइन आर्ट्स के मास्टर्स कोर्स की छात्राओं ने भी अब हॉस्टल आवंटन का विरोध कर दिया है। छात्राओं का आरोप है कि इस बार लविवि प्रशासन ने बिना बताए हॉस्टल आवंटित करने के नियमों में बदलाव कर दिया है। 
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पूर्वी, पूजा, निधि समेत कई छात्राओं ने बताया कि हमेशा से फाइन आर्ट्स मास्टर्स की छात्राओं को कैलाश छात्रावास आवंटित होता था। लेकिन इस बार लविवि ने उन्हें तिलक छात्रावास आवंटित कर दिया। 

जबकि बैचलर की छात्राओं को कैलाश छात्रावास आवंटित कर दिया गया। यही नहीं अब तक मास्टर्स और बैचलर की अंतिम वर्ष की छात्राओं को सिंगल रूम आवंटित किया जाता था, लेकिन इस बार तिलक छात्रावास में दो छात्राओं को एक कमरा आवंटित किया गया है। 
छात्राओं ने इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है। छात्राओं का कहना है कि कई ऐसी भी छात्राएं हैं जिन्हें अभी तक छात्रावास आवंटित ही नहीं किया गया। रोजाना छात्राओं के अभिभावकों को भी छात्रावास बुलाया जा रहा है, जिससे उन्हें भी कष्ट सहना पड़ रहा है।

गंदगी के बीच रहने की मजबूरी

lucknow university girls complaints about kailash hostel
लखनऊ विश्वविद्यालय - फोटो : amar ujala
छात्राओं ने तिलक छात्रावास में घोर अव्यवस्थाएं होने का आरोप लगाया है। कहा कि कमरों में सफाई व्यवस्था अच्छी नहीं है। कमरों में छिपकली की संख्या ज्यादा है, जिससे छात्राएं हमेशा डर के साए में रहती हैं। कमरों में अलमारी भी नहीं है। वहीं उनके पास कैनवास, ड्राइंग बोर्ड, कलर्स, कैमरा, लैपटॉप समेत कई महंगी चीजें हैं। इसे रखने की कोई व्यवस्था नहीं है और उनकी गैरहाजिरी में चोरी होने का डर सताता रहता है।

मीडिया को बताने पर धमकाया जा रहा 
छात्राओं ने बताया कि छात्रावास प्रशासन से भी वे अपनी समस्याएं बता चुकी हैं, लेकिन उनकी बात सुनने की बजाय उन पर दबाव बनाया जा रहा है। यही नहीं छात्रावास की असुविधाओं के बारे में मीडिया को बताने पर धमकाए जाने का भी आरोप लगाया है। छात्राओं ने बताया कि वे काफी मानसिक दबाव में हैं। 

हॉस्टल विवाद में निलंबित हो चुके हैं 11 छात्र 
हॉस्टल विवाद के चलते हुये हंगामे में लविवि 11 छात्रों को निलंबित कर चुका है। हॉस्टल आवंटन में हुई गड़बड़ी, अचानक नियमों में बदलाव कर देना, छात्रों को सूचना न देना, 50 फीसदी से कम अंक वालों को हॉस्टल न देना, हॉस्टल की सीटों की संख्या छिपाने को लेकर छात्रों ने मंगलवार रात को लविवि वीसी डॉ. एसपी सिंह को उनके कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया था। जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज कर छात्रों को खदेड़ा था। 
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