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Lucknow News: लविवि में धरने पर छात्र, महिला विद्यालय में बन गया छात्रा संघ
Wed, 18 Oct 2023 01:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 18 Oct 2023 01:53 AM IST
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में 18 साल बाद छात्रसंघ चुनाव कराने की आस में एक तरफ छात्र परिसर में धरने पर बैठे हैं, तो दूसरी ओर महिला विद्यालय में मंगलवार को छात्रा संघ का गठन हो गया। लविवि में आखिरी बार वर्ष 2005 में छात्रसंघ चुनाव हुए थे। इसके बाद से इस पर रोक लगी हुई है। वहीं दूसरी ओर नवयुग, महिला, नारी और अवध गर्ल्स डिग्री कॉलेज में हर साल छात्रा संघ का गठन हो रहा है। इसे देखते हुए लविवि के छात्र भी चुनाव कराने की मांग उठा रहे हैं।
विश्वविद्यालय में आखिरी बार वर्ष 2005 मेें छात्रसंघ चुनाव हुए थे। उसके बाद बहुजन समाजवादी पार्टी के शासनकाल में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी केवल जेएम लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार ही छात्रसंघ चुनाव कराने की सहमति कराने का निर्देश दिया था। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर छात्रसंघ बहाली का आश्वासन दिया गया, लेकिन लविवि में चुनाव नहीं हो सके। वर्ष 2018 में लविवि प्रशासन ने प्रति छात्र ली जाने वाली 75 रुपये छात्रसंघ फीस भी बंद कर दी। इसके बाद चुनाव की उम्मीद और धूमिल हो गई।
सत्र शुरू होने के छह से आठ सप्ताह में हो जाने चाहिए चुनाव
लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार, डिग्री स्तर पर छात्रसंघ चुनाव सत्र शुरू होने से छह से आठ सप्ताह के बीच में हो जाने चाहिए। इसका मकसद है कि बीच सत्र में चुनाव की वजह से पढ़ाई का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसी वजह से हर साल सत्र की शुरुआत पर छात्रसंघ चुनाव की मांग मुखर होती है।
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छात्रों को बताई गईं अड़चनें
धरने पर बैठे छात्रों को समझाया जा रहा है। छात्रसंघ चुनाव कराने में अड़चनों के बारे में उनको बताया जा रहा है। छात्रों को यह बात समझनी चाहिए।
- डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव, प्रवक्ता लविवि
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विश्वविद्यालय में आखिरी बार वर्ष 2005 मेें छात्रसंघ चुनाव हुए थे। उसके बाद बहुजन समाजवादी पार्टी के शासनकाल में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी केवल जेएम लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार ही छात्रसंघ चुनाव कराने की सहमति कराने का निर्देश दिया था। वर्ष 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर छात्रसंघ बहाली का आश्वासन दिया गया, लेकिन लविवि में चुनाव नहीं हो सके। वर्ष 2018 में लविवि प्रशासन ने प्रति छात्र ली जाने वाली 75 रुपये छात्रसंघ फीस भी बंद कर दी। इसके बाद चुनाव की उम्मीद और धूमिल हो गई।
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सत्र शुरू होने के छह से आठ सप्ताह में हो जाने चाहिए चुनाव
लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुसार, डिग्री स्तर पर छात्रसंघ चुनाव सत्र शुरू होने से छह से आठ सप्ताह के बीच में हो जाने चाहिए। इसका मकसद है कि बीच सत्र में चुनाव की वजह से पढ़ाई का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसी वजह से हर साल सत्र की शुरुआत पर छात्रसंघ चुनाव की मांग मुखर होती है।
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छात्रों को बताई गईं अड़चनें
धरने पर बैठे छात्रों को समझाया जा रहा है। छात्रसंघ चुनाव कराने में अड़चनों के बारे में उनको बताया जा रहा है। छात्रों को यह बात समझनी चाहिए।
- डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव, प्रवक्ता लविवि