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UP: लखनऊ विवि ने छात्रों को बनाया अप्रैल फूल, परीक्षा में पूछे कोर्स से बाहर के प्रश्न, छह को दोबारा एग्जाम

Sat, 01 Apr 2023 10:22 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 01 Apr 2023 10:22 PM IST
सार

प्रश्नों के उत्तर न आने पर परीक्षार्थियों ने परीक्षा देने से मना कर दिया। शिक्षकों ने पहले तो उन पर परीक्षा देने का दबाव बनाया, लेकिन परीक्षार्थी टस से मस नहीं हुए। परीक्षा विभाग ने शिक्षकों से इस बारे में बातचीत की।

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Lucknow University asked students questions outside course in exam
लखनऊ विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखनऊ विश्वविद्यालय के कला एवं शिल्पकला महाविद्यालय की परीक्षा से विवादों का नाता समाप्त नहीं हो रहा है। विवि में शनिवार एक अप्रैल को एमवीए प्रथम सेमेस्टर के मॉर्डन आर्ट के पेपर में ज्यादातर सवाल सिलेबस से बाहर के आ गए। खुद को ठगा सा महसूस कर रहे नाराज परीक्षार्थियों ने परीक्षा देने से मना कर दिया। शिक्षकों ने पहले तो उन पर परीक्षा देने का दबाव बनाया, लेकिन परीक्षार्थी टस से मस नहीं हुए। परीक्षा विभाग ने शिक्षकों से इस बारे में बातचीत की। आरोप सही मिलने पर पेपर स्थगित करने का फैसला किया गया। इसके बाद सभी परीक्षार्थियों से पेपर ले लिया गया। स्थगित परीक्षा अब छह अप्रैल को सुबह की पाली में होगी।

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लविवि में सिलेबस से बाहर सवाल पूछे जाने के मामले में शिल्पकला महाविद्यालय अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता है। विवि में जारी व्यवस्था के अनुसार, बोर्ड ऑफ स्टडीज की ओर से प्रस्तावित सूची पर कुलपति को अपना अनुमोदन देना होता है। परीक्षा विभाग से सीधे सीलबंद लिफाफे में पेपर मिलता है। इसके बाद परीक्षा विभाग विभागाध्यक्ष के पास इसे मॉडरेशन के लिए भेजता है। मॉडरेशन के लिए प्रति सेमेस्टर शिक्षक को 1500 रुपये का भुगतान किया जाता है। मॉडरेशन के बाद सीलबंद लिफाफे में ही पेपर वापस आकर प्रिंटिंग के लिए भेजे जाते हैं।

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प्रिंटिंग के बाद पेपर परीक्षा के दिन ही खोला जाता है। पेपर बांटने से पहले भी विभाग की बोर्ड ऑफ स्टडीज द्वारा नामित शिक्षक के सामने खोले जाते हैं। अगर पेपर में कोई गड़बड़ी होती है तो वे उसे सही कराते हैं। इसके लिए भी उनको प्रति पेपर 130 रुपये का भुगतान किया जाता है। इन शिक्षकों के संतुष्ट होने के बाद ही पेपर का वितरण किया जाता है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर हर चरण पर शिक्षकों की जिम्मेदारी तय होने और भुगतान होने के बावजूद सिलेबस से बाहर के पेपर का वितरण कैसे हो गया।

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बीवीए के विद्यार्थियों को परीक्षा दोबारा होने का इंतजार
शिल्पकला महाविद्यालय में इससे पहले 24 मार्च को हुए बीवीए के पेपर में भी गड़बड़ी हुई थी। उस समय भी बीवीए के पेपर में विद्यार्थियों ने सिलेबस से बाहर के सवाल पूछे जाने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने पेपर दिया था। इस पेपर में 10 में से 9 सवाल एक दिन पहले हुए बैचलर ऑफ फाइन आर्ट में टेक्टाइल डिजाइन में हिस्ट्री ऑफ विजुअल आर्ट एंड डिजाइन के प्रश्नपत्र से हूबहू एक जैसे थे। इस पर कुलपति की ओर से डीन को नोटिस जारी किया गया है। अभी तक इसका जवाब नहीं आया है। इसके बाद ही साफ होगा कि बीवीए के विद्यार्थियों का क्या होना है। उनको आउट सिलेबस प्रश्नपत्र के आधार पर ही नंबर दिए जाएंगे या फिर उनकी परीक्षा दोबारा होगी।

छह को दोबारा होगी परीक्षा
एमवीए प्रथम सेमेस्टर के प्रश्नपत्र में विद्यार्थियों ने सिलेबस से बाहर सवाल पूछे जाने की बात कही थी। शिक्षक भी आउट ऑफ सिलेबस सवाल पूछे जाने के आरोप से सहमत थे। इसलिए पेपर स्थगित कर दिया गया है। अब यह परीक्षा छह अप्रैल को सुबह की पाली में होगी। -विद्यानंद त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक लविवि

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