फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: Under the guise of mandi fee, up to 10 times will be collected, food business organizations expressed their apprehension

लखनऊ : मंडी शुल्क की आड़ में होगी 10 गुना तक उगाही, खाद्य कारोबारी संगठनों ने जाहिर की आशंका

Wed, 15 Dec 2021 01:11 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/नरेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/नरेश शर्मा Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 15 Dec 2021 01:11 PM IST
सार

लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल कहते हैं कि लाइसेंस सिस्टम की वजह से मंडी शुल्क डेढ़ फीसदी भरना पड़ेगा, मगर सुविधा शुल्क की आड़ में 10 गुना तक उगाही बढ़ जाएगी।

विज्ञापन
Lucknow: Under the guise of mandi fee, up to 10 times will be collected, food business organizations expressed their apprehension
मंडी में धान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कृषि कानून वापस लेने के बाद मंडी परिषद की सीमा से बाहर व्यापार करने वाले खाद्य कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले साल छह जून से जो खाद्य कारोबारी बिना मंडी शुल्क व सुविधा शुल्क दिए व्यापार कर रहे थे, उनको फिर से लाइसेेंस लेना पड़ेगा।

विज्ञापन


लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल कहते हैं कि लाइसेंस सिस्टम की वजह से मंडी शुल्क डेढ़ फीसदी भरना पड़ेगा, मगर सुविधा शुल्क की आड़ में 10 गुना तक उगाही बढ़ जाएगी। लिहाजा 6 जून 2020 की स्थिति को बहाल किया जाए। वहीं, विभिन्न कारोबारी संगठनों के पदाधिकारियों का भी कहना है कि लाइसेंस नवीनीकरण, प्रवेश पर्ची, विक्रय पत्र, गेट पास आदि के जारी कराने में कारोबारियों को मुंहमांगी धनराशि देनी पड़ती है। क्योंकि सभी कारोबारी ऑनलाइन फॉर्म डाउनलोड नहीं कर पाते हैं। यहीं नहीं, जांच के नाम पर जब तक इंसपेक्टर उनकी प्रतिष्ठान पर पहुंच जाते हैं। ऐसे में कारोबारियों की सुविधा के लिए सरकार लाइसेंस सिस्टम को खत्म करे। 
विज्ञापन


यूपी उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के शाहजहांपुर जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश गुप्ता का कहना है कि केंद्र सरकार ने किसानों की वोट के लिए कृषि कानून रद्द कर दिया। जबकि कारोबारी भी भाजपा का परंपरागत वोट बैंक है। इसलिए विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यूपी सरकार को मंडी शुल्क जल्द ही निरस्त कर देना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मंडी के भ्रष्टाचार पर लग चुकी थी लगाम
कृषि कानून बनने के बाद मंडी के भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से लगाम लग चुकी थी। पर, यह कानून रद्द होने से अब फिर से भ्रष्टाचार की शुरुआत होगी। डेढ़ फीसदी मंडी शुल्क की बढ़ोतरी से खानपान की वस्तुएं भी महंगी होगी। -मुकुंद मिश्रा, प्रांतीय अध्यक्ष यूपी उद्योग व्यापार मंडल कानपुर


उगाही की आशंका निराधार 
कारोबारियों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। वे मंडी शुल्क के फॉर्म, गेट पास आदि को तय फीस भर करके ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। कारोबारियों की उगाही की आशंका निराधार है। -संजय सिंह, मंडी सचिव लखनऊ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed