दशहरा बाद सपा के रंग से नहाएगा लखनऊ
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन के मद्देनजर सपाइयों ने राजधानी को लगभग एक सप्ताह के लिए पार्टी के रंग से नहलाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। दशहरा के बाद इसकी झलक दिखाई देने लगेगी। मेजबानी के लिए देश-दुनिया में मशहूर लखनऊ में सम्मेलन होने से इस बात पर ज्यादा जोर है कि आने वालों के स्वागत में कोई कसर न रहे।
मुख्यमंत्री और सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव खुद सारी व्यवस्थाएं देख रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद भगवती सिंह को सम्मेलन का स्वागताध्यक्ष बनाया गया है।
उनकी अगुवाई में राजधानी के 40 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की छह समितियां बनाई गई हैं। मुख्यमंत्री के साथ इन समितियों की दो बार बैठक भी हो चुकी है। सम्मेलन में देश भर से 10 हजार से अधिक प्रतिनिधियों के आने की संभावना है।
सम्मेलन यहां जनेश्वर मिश्र पार्क में 8 से 10 अक्तूबर तक होगा। उद्घाटन सत्र में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव स्व. जनेश्वर मिश्र की 25 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करेंगे। प्रतिनिधियों को मंच की गतिविधियां नजदीक से दिखाई पड़ें, इसके लिए सम्मेलन स्थल पर कई एलईडी लगाई जाएंगी।
खाने से लेकर मनोरंजक तक सबकुछ होगा
शाकाहारी होगा मेन्यू: भोजन मुख्य रूप से शाकाहारी ही होगा। इसके अलावा दोनों वक्त नाश्ता व चाय आदि का भी इंतजाम होगा। इसका मेन्यू तय किया जा रहा है। अतिथियों को भोजन व जलपान की व्यवस्था की जिम्मेदारी मंत्री नारद राय व अभिषेक मिश्र सहित 10 लोगों को सौंपी गई है।
शहर के चारों तरफ स्वागत द्वार: नगर के सभी प्रवेश मार्गों पर स्वागत द्वार बनेंगे। इन्हें सपा के रंग वाले कपड़ों-झंडों व बिजली की झालरों से सजाया जाएगा। साथ ही समाजवादी विचारकों के चित्र भी लगाए जाएंगे। नगर के सभी प्रमुख चौराहों पर भी समाजवादी छटा बिखरेगी।
इसके लिए प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य देवेंद्र सिंह, विधायक शारदा प्रताप शुक्ल, रविदास मेहरोत्रा व महानगर अध्यक्ष मुकेश शुक्ला सहित 10 लोग लगाए गए हैं। अतिथियों को ठहराने की जिम्मेदारी डॉ. राजपाल कश्यप, विधायक गोमती यादव व पूर्व सांसद सुशीला सरोज को सौंपी गई है। उनके लिए होटल, गेस्ट हाउस व कन्वेंशन सेंटर का जायजा लिया जा रहा है।
बिखरेगी सांस्कृतिक छटा: राष्ट्रीय सम्मेलन में आने वाले प्रतिनिधि सिर्फ गंभीर चर्चाओं में नहीं व्यस्त रहेंगे बल्कि उनके लिए 8 व 9 अक्तूबर को सम्मेलन स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इसकी रूपरेखा बनाई जा रही है।