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लखनऊ: प्रसूता को एक्सपायर हो चुका ग्लूकोज चढ़ाने के मामले में तीन स्टाफ दोषी, मुंह से निकलने लगा था झाग
Mon, 27 Oct 2025 09:36 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 27 Oct 2025 09:36 PM IST
सार
महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह 11 बजे उनकी सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। इसके बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। ग्लूकोज की डेट एक्सपायर हो चुकी थी, जिससे रविवार सुबह चार बजे काजोल की हालत बिगड़ गई।
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महिला को चढ़ाया जा रहा था एक्सपायरी डेट का ग्लूकोज।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
काकोरी सीएचसी में प्रसूता को एक्सपायर हो चुका ग्लूकोज चढ़ाने के मामले में तीन स्टाफ पर नकेल कसेगी। इसमें दो स्टाफ नर्स और एक फार्मासिस्ट है। कमेटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है, जिसमें तीन कर्मचारियों को दोषी पाया है। कार्रवाई का फैसला अब सीएमओ को लेना है।
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काकोरी के नरौना गांव निवासी काजोल को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह 11 बजे उनकी सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। इसके बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट कर ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। ग्लूकोज की डेट एक्सपायर हो चुकी थी, जिससे रविवार सुबह चार बजे काजोल की हालत बिगड़ गई। उनके मुंह से झाग निकलने लगा था। आनन-फानन काजोल को क्वीन मेरी शिफ्ट किया गया। इस लापरवाही से नाराज परिजनों ने पुलिस बुला ली थी। मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर दोषी स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
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मामले की जांच के लिए सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कमेटी गठित की थी, जिसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. केडी मिश्र, एसीएमओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव व डॉ. ज्योति शामिल थीं। कमेटी ने परिजनों और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स और फार्मासिस्ट के बयान दर्ज किए। सोमवार को कमेटी ने जांच पूरी कर ली। जांच में ऑपरेशन थियेटर की इंचार्ज स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स को दोषी पाया गया है। इसमें एक नर्स का ट्रांसफर किया जा सकता है। बाकी दो कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी जारी होगी।