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Lucknow: न फायर एनओसी, न दूसरा निकास, आधी रात के बाद लगी आग में फंस गए थे 32 लोग
Wed, 10 Jul 2024 10:35 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 10 Jul 2024 10:35 AM IST
सार
होटल राज की एनओसी निरस्त कर दी गई थी। इसके बावजूद होटल बंद नहीं किया गया और बिना एनओसी के ही चलता रहा। जिम्मेदारों ने भी उस पर कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई।
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होटल राज में आग लगने की जानकारी पर पहुंचे पुलिसकर्मी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
हुसैनगंज स्थित होटल राज में सोमवार देर रात करीब एक बजे आग लगने के मामले में दमकल की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। होटल से निकलने का दूसरा रास्ता न होने से 32 लोग फंस गए थे। इसके अलावा होटल दो साल से निरस्त एनओसी पर चल रहा था। दमकल विभाग ने इसके संचालक को नोटिस जारी किया है। जवाब आने पर आगे की कार्रवाई होगी।
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होटल में आग लगने पर पूरी बिल्डिंग धुएं की जद में आ गई थी। दमकल ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला था। सभी लोग सुरक्षित हैं। दमकल की टीम की जांच में सामने आया कि बेसमेंट में इलेक्ट्रिक पैनल में आग लग गई थी। चूंकि होटल से निकलने का दूसरा रास्ता नहीं था, इसलिए लोग बाहर नहीं आ सके थे।
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2022 में निरस्त की गई थी एनओसी
होटल लेवाना में पांच सितंबर 2022 में आग लगी थी। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई थी। सीएफओ मंगेश कुमार ने बताया कि इस हादसे के बाद हुई जांच में होटल राज की एनओसी निरस्त कर दी गई थी। इसके बावजूद होटल बंद नहीं किया गया और बिना एनओसी के ही चलता रहा। जिम्मेदारों ने भी उस पर कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई। इतना ही नहीं सोमवार के हादसे के बाद भी मंगलवार को होटल चालू रहा।
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इन वजहों के कारण भी लगी थी आग
होटल में सेफ्टी ऑडिट नहीं कराया गया। एलपीजी गैस सिलिंडर के पाइप में लीकेज था। कबाड़ का ढेर लगा था। उपकरणों का उचित रखरखाव में लापरवाही बरती गई। ये सभी कारण आग लगने के सामने आए हैं।
दमघोंटू धुएं से दमकलकर्मियों ने निकाला
दमकल की टीम जब होटल पहुंची थी तो बिल्डिंग दमघोंटू धुएं की जद में थी। भीतर फंसे लोग चीख रहे थे। कई खिड़की से निकलकर बालकनी और छज्जे पर खड़े थे। दमकल की एक टीम ने सीढ़ी लगाकर इन्हें उतारा। दूसरी टीम भीतर घुसकर सभी को सुरक्षित बाहर लाई। लकवे से पीड़ित छत्तीसगढ़ के ओम प्रकाश को दमकलकर्मी उठाकर बाहर लाए। कुछ घंटे सिविल अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।
पहले भी हुए हैं बड़े अग्निकांड....
- 19 जून 2018 को चारबाग स्थित एसएसजे इंटरनेशनल होटल में आग लगी। इसकी चपेट में होटल विराट भी आया। हादसे में कुल सात लोगों की मौत हो गई थी।
- 13 अप्रैल 2022 को गोमतीनगर के विभूतिखंड स्थित होटल सेवी ग्रैंड में आग लगी थी। 100 से अधिक फंसे थे लोग।
- 05 सितंबर 2022 को हजरतगंज के सुल्तानगंज इलाके में होटल लेवाना में आग लगी थी। चार लोगों की जलकर मौत हुई थी।
- 09 दिसंबर 2022 में नाका में बेस्ट बिरयानी होटल में लगी आग में एक की हुई मौत।
- 14 अप्रैल 2024 में चारबाग स्थित होटल बालाजी ग्रैंड में लगी थी आग।