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लखनऊ : कस्टडी में हत्या मामले में तत्कालीन एसओजी प्रभारी ने किया सरेंडर, जौनपुर के बक्शा थाने की घटना, 19 पुलिसकर्मियों पर आरोप

Mon, 07 Mar 2022 09:26 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 07 Mar 2022 09:26 PM IST
सार

कृष्णा उर्फ पुजारी को पुलिस ने 11 फरवरी को घर से उठाया था। इसके बाद 12 फरवरी की रात साढ़े 12 बजे एसओजी प्रभारी और थाना प्रभारी अपने साथियों के साथ कृष्णा को वापस घर लेकर आए। उस समय कृष्णा खड़ा भी नहीं हो पा रहा था और कह रहा था मुझे बचा लो नहीं तो पुलिसवाले मुझे मार देंगे।

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Lucknow: The then SOG in-charge surrendered in the murder case in custody, incident of Jaunpur's Baksha police station, charges against 19 policemen
यूपी पुलिस

विस्तार

जुर्म कुबूल कराने के लिए कस्टडी में आरोपी की पिटाई करके हत्या करने के मामले में फरार चल रहे जौनपुर के तत्कालीन एसओजी प्रभारी पर्व कुमार सिंह ने सोमवार को सीबीआई की विशेष कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट यशा शर्मा ने आरोपी को अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया है। मामले में अगली सुनवाई 8 मार्च होगी। इसके लिए कोर्ट ने पर्व कुमार को जेल से तलब किया है।

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इस पहले कोर्ट ने मामले में 19 लोगों के खिलाफ दायर सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए पहले से जेल में बंद 17 आरोपियों को भी 8 मार्च को तलब किया था। जबकि दो आरोपी पर्व कुमार सिंह व जय शील तिवारी फरार चल रहे थे। इनमें से पर्व कुमार ने सोमवार को सरेंडर कर दिया। पत्रावली के मुताबिक वादी अजय कुमार यादव ने जौनपुर के बक्शा थाने में 12 फरवरी 2021 को एसओजी टीम और बक्शा थाना प्रभारी व हमराह पुलिसकर्मियों के खिलाफ  रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें कहा गया था कि वादी के छोटे भाई कृष्णा उर्फ पुजारी को पुलिस ने 11 फरवरी को घर से उठाया था। इसके बाद 12 फरवरी की रात साढ़े 12 बजे एसओजी प्रभारी और थाना प्रभारी अपने साथियों के साथ कृष्णा को वापस घर लेकर आए। उस समय कृष्णा खड़ा भी नहीं हो पा रहा था और कह रहा था मुझे बचा लो नहीं तो पुलिसवाले मुझे मार देंगे। इसके पुलिसकर्मी कृष्णा व उसकी बाइक को लेकर चले गए। फिर सुबह में वादी को पता चला कि कृष्णा की पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई। इसकी जांच के लिए एसपी जौनपुर ने एसआईटी का गठन किया। बाद में मामले की जांच को सीबीआई को दी गई थी।

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