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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: The leader of the dacoit gang buried in the graveyard of Aishbagh, Gomtinagar police buried after the prayers of the dead

लखनऊ : ऐशबाग के कब्रिस्तान में दफन हुआ डकैत गिरोह का सरगना, गोमतीनगर पुलिस ने जानजे की नमाज के बाद किया दफन

Tue, 26 Oct 2021 10:42 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Tue, 26 Oct 2021 10:42 PM IST
सार

लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में बांग्लादेशी डकैतों का सरगना हमजा ढेर हो गया था। कमिश्नरेट पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना देने के लिए बांग्लादेश के एबेंसी को पत्र भेजा लेकिन कोई जबाव नहीं मिला था।

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विस्तार

लखनऊ में गोमतीनगर के सहारा स्टेट के पास 17 अक्तूबर की देर रात को पुलिस मुठभेड़ में बांग्लादेशी डकैतों का सरगना हमजा ढेर हो गया था। कमिश्नरेट पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना देने के लिए बांग्लादेश के एबेंसी को पत्र भेजा लेकिन कोई जबाव नहीं मिला। रिमांइडर भेजने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने के बाद हमजा के शव का अंतिम संस्कार मंगलवार की शाम को किया गया। उसका शव मुस्लिम रीति रिवाज से जनाजे की नमाज के बाद ऐशबाग कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया। उसके अंतिम यात्रा में वहीं वर्दीधारी शामिल हुए। जो एक साल से उसकी तलाश कर रहे थे और जिन पर उसने गोलियां चलाई थी।

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प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक रविवार 17 अक्तूबर को पुलिस मुठभेड़ में बांग्लादेशी डकैत गिरोह के सरगना हमजा ने पुलिस टीम पर फायर किया था। जिसमें तीन सिपाही घायल हुए थे। जवाबी फायरिंग में हमजा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि कर दी। हमजा बांग्लादेश के खुलना का रहने वाला था। 
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उसी दिन से कमिश्नरेट पुलिस ने बांग्लादेश के एंबेसी से पत्राचार शुरू कर दिया था। पुलिस ने बांग्लादेश के एबेंसी को हमजा के बारे पूरी जानकारी दी थी। लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने रिमांइडर पत्र भी भेजा लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नही हुई। मुठभेड़ के दसवें दिन पुलिस ने हमजा के शव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस उसके शव को पोस्टमार्टम हाउस से लेकर ऐशबाग कब्रिस्तान गई। उसके पहले मुस्लिम रीति रिवाज के तहत जनाजे की नमाज अता की गई। फिर उसे दफन कर दिया गया।

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एक साल पहले लूटे गये मोबाइल से डकैतों तक पहुंची पुलिस

बांग्लादेश डकैतों का गिरोह पश्चिम बंगाल के 24 परगना व आसपास के सीमावर्ती जिलों से भारत में अवैध तरीके से प्रवेश करता है। वहीं से यह गिरोह ट्रेन के जरिए बिहार, झारखंड, वाराणसी, प्रयागराज होते हुए लखनऊ पहुंचता। यहां रेलवे स्टेशनों के आसपास बस्तियों में छिपकर रहते है। फिर दिन में कबाड़ी व फेरीवाला बनकर रेकी करते। इसके बाद रात के अंधेेरे में डकैती डालते।

एक साल पहले विभूतिखंड इलाके में गन्ना विभाग में तैनात इंजीनियर योगेंद्र श्रीवास्तव के घर हुई लूटपाट में मोबाइल डकैतों के हाथ लगा था। इस मोबाइल के कारण ही लखनऊ कमिश्नरेट की  पुलिस डकैत गिरोह के करीब पहुंच सकी। जैसे ही गिरोह लखनऊ में प्रवेश किया पुलिस अलर्ट हो गई। इसके बाद एक सप्ताह में लगातार दो मुठभेड़ हुए। इसमें गिरोह का सरगना हमजा पुलिस की गोली से ढेर हो गया। तो उसके तीन साथी गिरफ्तार किये गये। इसमें दो साथी घायल भी हुए थे। गिरफ्तार साथियों में रुबईल, अलमिन और रुबईल शामिल हैं।

खूब किया एप्पल मोबाइल का प्रयोग
पिछले साल 23 दिसंबर को विराजखंड में गन्ना विभाग के इंजीनियर योगेंद्र श्रीवास्तव के घर डकैती डालने वाले यही बांग्लादेशी डकैत थे। डकैतों ने योगेंद्र के घर में उनकी पत्नी व बेटी को बंधक बना लिया था। सामान लूटकर जाते समय एक डकैत ने इंजीनियर की बेटी का एप्पल मोबाइल भी छीन लिया। पुलिस ने इस मोबाइल केआईएमईआई नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया। पुलिस के मुताबिक करीब पांच महीने पहले मोबाइल की लोकेशन बंग्लादेश में सीमावर्ती इलाके में मिलने लगी थी। इसके बाद से ही यह मोबाइल लगातार प्रयोग किया जा रहा था। पुलिस को उम्मीद हुई कि इस बार भी गिरोह हमला बोलेगा।

इसके बाद पुलिस ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी। यह गिरोह लखनऊ पहुंचने के बाद गोमतीनगर विस्तार इलाके में 8 अक्तूबर को एक घर में धावा बोला। लेकिन पुलिस को लोकेशन मिल गई। इसके बाद घेराबंदी की गई। पुलिस ने गाड़ियों की सायरन लगातार बजाते हुए इलाके में घूमना शुरू कर दिया। जिसके कारण वारदात नहीं हुआ। इसके बाद उनकेबाहर आने का इंतजार किया जा रहा था। लेकिन इस वारदात को अंजाम देने केलिए मात्र तीन सदस्य ही पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस को 10 अक्तूबर की रात मल्हौर स्टेशन के पास इन डकैतों की लोकेशन मिली। जहां पुलिस की मुठभेड़ हुई। इसमें पुलिस ने तीन को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 17 अक्तूबर को सहारा स्टेट के पीछे रेलवे लाइन के पास मुठीभेड़ हुई। जिसमें गिरोह का सरगना हमजा ढेर हो गया। वहीं उसके पांच साथी फरार हो गये। जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।
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